दुनिया के सामने लाया चीन अपनी हाई स्पीड ट्रेन | विज्ञान | DW | 28.06.2011
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विज्ञान

दुनिया के सामने लाया चीन अपनी हाई स्पीड ट्रेन

चीन ने धमाकेदार अंदाज में अपनी हाई स्पीड ट्रेन दुनिया के सामने पेश की. दुनिया भर के पत्रकारों के बुला कर चीनी अधिकारियों ने बीजिंग से शंघाई के बीच हाई स्पीड ट्रेन का सफल परीक्षण किया. ट्रेन में विमान जैसी सुविधाएं.

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कई विदेशी पत्रकारों, अधिकारियों और नेताओं को न्योता देकर चीन ने अपनी बुलेट ट्रेन दिखाई. विमान के बिजनेस क्लास जैसी आरामदायक सीटों वाली हाई स्पीड ट्रेन मेहमानों के साथ बीजिंग से निकली और पांच घंटे से भी कम समय में शंघाई पहुंच गई. चीन की राजधानी बीजिंग से शंघाई की दूरी 1,318 किलोमीटर है. ट्रेन की उच्चतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रतिघंटा है. सुरक्षा के लिहाज से इसे 250 से लेकर 320 किमी प्रतिघंटा के बीच चलाया जाएगा. हाई स्पीड रेल सेवा का औपचारिक उद्घघाटन 30 जून को होगा.

China Transrapid in Schanghai

चीन सरकार हाई स्पीड ट्रेन के जरिए "वैज्ञानिक विकास" का नारा बुलंद कर रही है. इस योजना से जुड़े रेल मंत्रालय के चीफ इंजीनियर हू हुआवु कहते हैं, "उच्च स्तर का और अंतरराष्ट्रीय स्तर का हाई स्पीड ट्रैक बनाने में हमें सिर्फ 39 महीने लगे. कम्युनिस्ट पार्टी की 90वीं वर्षगांठ के मौके पर इसे देश को तोहफे में दिया जाएगा. यह चीन और चीन के लोगों के लिए गर्व की बात है." कम्युनिस्ट पार्टी की 90वीं सालगिरह की पूर्वसंध्या पर ट्रेन आम लोगों के लिए चलनी शुरू हो जाएगी.

China Hochgeschwindigkeitszug Verbindung zwischen Peking und Tianjin

ट्रेन हर दिन 300 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दोनों महानगरों के बीच 30 से ज्यादा चक्कर लगाएगी. रास्ते में पड़ने वाले बड़े शहरों में रुकने वाली ट्रेन 250 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से 27 चक्कर लगाएगी. हाई स्पीड ट्रेन के जरिए दोनों शहरों के बीच व्यावसायिक सेवाएं और बेहतरीन ढंग से जुड़ जाएंगी. सामान भी फटाफट यहां से वहां हो सकेगा.

32.5 अरब डॉलर की लागत से बने इस ट्रैक पर सफल संचालन के बाद चीन परिवहन के मामले में दुनिया के उच्च स्तरीय देशों की श्रेणी में शुमार हो गया है. चीन 2015 तक 45,000 किलोमीटर लंबा हाई स्पीड ट्रैक बनाने जा रहा है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: एस गौड़

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