दिल्ली में फैशन वीक की मचेगी धूम | मनोरंजन | DW | 20.07.2010
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मनोरंजन

दिल्ली में फैशन वीक की मचेगी धूम

चमक दमक और जेजे वलाया और मनीष मल्होत्रा जैसे नामी डिजाइनरों के कलेक्शन के साथ दिल्ली में फैशन वीक की शुरुआत हो रही है. फैशन की दुनिया के इस बड़े आयोजन में भव्यता, सृजनात्मकता और राजसी ठाठ बाट की झलक मिलेगी.

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दिल्ली फैशन वीक में दिल्ली के अलावा कई अन्य शहरों से नामी डिजाइनर शामिल होंगे. उदघाटन शो में कोलकाता के सब्यसाची मुखर्जी अपनी रेंज पेश करेंगे और उनके बाद मुंबई के मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की डिजाइन की गई पोशाकें पहन कर मॉडल्स रैंप पर छटा बिखेरेंगे. मनीष मल्होत्रा बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों की ड्रेस भी डिजाइन कर चुके हैं.

फैशन की दुनिया के इस बड़े आयोजन में बड़े नामों का जमावड़ा लगता है. कोलकाता से सब्यसाची हैं तो मुंबई से अबू जानी-संदीप खोसला और मनीष मल्होत्रा हैं. वैसे दिल्ली भी पीछे नहीं है और जेजे वलाया और गौरव गुप्ता दिल्ली को पेश करेंगे. डिजाइनर जेजे वलाया मानते हैं कि भारतीय परिधान अपने आप में शानदार हैं और पश्चिम के फैशन से उसे नहीं उलझाया जाना चाहिए. भारतीय फैशन में डिजाइनर के पास पूरी आजादी होती है कि वह भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत की झांकी पेश करे.

Mercedes Benz Fashion Week

अपने परिधानों में शाही ठाठ बाट पेश करने के लिए मशहूर वलाया ने कहा, "हमारी अपनी संस्कृति और उससे जुड़े परिधान भव्य हैं. इसे पश्चिमी परिधानों से बिलकुल भी नहीं मिलाया जाना चाहिए. यह सब लोगों के लिए नहीं है. हाई फैशन सिर्फ संभ्रांत वर्ग के लिए कहा जा सकता है. दिल्ली फैशन वीक ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब त्योहारों से ठीक पहले लोग खरीदारी करने के लिए ताजा ट्रेंड देखना पसंद करते हैं.              

अमेरिका और फ्रांस के बाद भारत तीसरा देश है जो फैशन वीक आयोजित करता है. दिल्ली वीक में कार्यक्रम के मुताबिक 13 बड़े डिजाइनर हिस्सा ले रहे हैं.

भारत में फैशन डिजाइन काउंसिल के अध्यक्ष सुनील सेठी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, "दिल्लीवालों को हम दिखाना चाहते हैं कि ड्रेसमेकिंग का उच्च स्तर क्या है. दिल्ली फैशन वीक उन फैशन वीक जैसा नहीं है जहां मॉडल्स पहले से तैयार कपड़े पहनते हैं और एक ही दिन में कई शो होते हैं. दिल्ली में हमारी कोशिश हाई फैशन पोशाकों को दिखाने की होती है और उन्हें तैयार करने के लिए डिजाइनरों को ज्यादा समय मिलता है. इसीलिए क्रिएटिविटी (सृजनात्मकता) अपने उच्चतम स्तर पर होती है."

रिपोर्ट एजेंसियां एस गौड़

संपादन उभ