थॉमस पर लगे आरोपों के बारे में पता नहीं | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 28.01.2011
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जर्मन चुनाव

थॉमस पर लगे आरोपों के बारे में पता नहीं

भारत सरकार के अनुसार केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पीजे थॉमस के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली समिति के सामने नहीं रखा गया. संभव है कि शुक्रवार को सरकार थॉमस मामले में फैसला ले सकती है.

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सरकार ने बीजेपी के दावों को गलत बताया. अटॉर्नी जनरल जीई वहनावति ने कहा, इसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली उच्चाधिकार समिति के सामने नहीं रखा गया. "भारतीय दंड संहिता के 120 बी सेक्शन के तहत आने वाला मामला समिति के सामने नहीं रखा गया और उनके बायोडाटा से भी यह बात सामने नहीं आई."

एटॉर्नी जरनल चीफ जस्टिस एसएच कपाड़िया के सवालों का जवाब दे रहे थे. कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि क्या समिति थॉमस के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति और उनके खिलाफ पेंडिंग चार्जशीट के बारे में जानती थी.

उधर भारतीय मीडिया अटकलें लगा रहा है कि पीजे थॉमस से सरकार इस्तीफा देने के लिए कह सकती है और सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर सकता है.

थॉमस पर पाम ऑइल आयात घोटाले में मुकदमा चल रहा है. इससे पहले गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने सीवीसी पद पर थॉमस की नियुक्ति को लेकर व्यक्तिगत तौर पर विरोध जताया था.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः एमजी

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