थॉमस कुक डूबा, ब्रिटिश यात्रियों की वतन वापसी के लिए ऐतिहासिक अभियान | दुनिया | DW | 23.09.2019
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दुनिया

थॉमस कुक डूबा, ब्रिटिश यात्रियों की वतन वापसी के लिए ऐतिहासिक अभियान

ब्रिटिश ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक दिवालिया हो गई है, दुनिया भर से हजारों सैलानियों को यूके वापस लाने की समस्या खड़ी हो गई है. इसे ब्रिटेन के लिए दूसरे विश्वयुद्ध के बाद का सबसे बड़ा वतन वापसी अभियान कहा जा रहा है.

थॉमस कुक के दिवालिया होने की खबरों के बीच पता चला है कि कंपनी के 50 हजार यात्री ग्रीस में हैं. स्पेन में थॉमस कुक की 46 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.  थॉमस कुक के मुताबिक उसके 140,000 यात्री जर्मन सब्सिडियरी कंपनी कॉनडॉर के जरिए यात्रा करते हैं. जर्मन एविएशन एसोसिएशन (बीडीएल) का कहना है कि कॉनडॉर सामान्य रूप से चल रही है. हालांकि जिन यात्रियों ने थॉमस कुक के जरिए बुकिंग की है कॉनडॉर उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दे रहा है. ऐसे में यात्रा के लिए लाइन में खड़े यात्रियों को वापस लौटाया गया है.  

178 साल पुराने टूर ऑपरेटर के अधिकारी आखिरी वक्त तक निवेशकों के साथ कंपनी को बचाने के लिए डील कराने की कोशिशों में जुटे रहे. इसमें नाकाम रहने के बाद सोमवार को कंपनी ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया. बीते सालों में ऑनलाइन मुकाबला बढ़ने के बाद से कंपनी के बुरे दिन शुरू हो गए. कंपनी ने इसके लिए ब्रेक्जिट को भी दोषी ठहराया है. कुछ समय से कंपनी की बुकिंग में भारी कमी देखी गई. इस मुसीबत को टालने के लिए कंपनी निजी निवेशकों से 20 करोड़ पाउंड जुटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन नाकाम रही.

कंपनी के दिवालिया होने की खबर से दुनिया भर के करीब 6 लाख सैलानी हतप्रभ हैं. यह वो यात्री हैं जो इस वक्त दुनिया के अलग अलग हिस्सों में कंपनी के जरिए यात्रा कर रहे हैं. डेढ़ लाख से ज्यादा सैलानियों ने ब्रिटेन की सरकार से बुल्गारिया, क्यूबा, तुर्की और अमेरिका जैसे देशों से वापस आने की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है.

इससे पहले एक बयान जारी कर थॉमस कुक ने कहा है, "पर्याप्त कोशिश करने के बावजूद" वह प्रस्तावित पैसा पाने के लिए कंपनी के शेयरधारकों के बीच सहमति बनाने में नाकाम रही है. कंपनी ने कहा है, "इसलिए कंपनी बोर्ड इस नतीजे पर पहुंची है कि उसके पास तत्काल प्रभाव से दिवालिया घोषित होने की प्रक्रिया शुरू करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है."

ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि उसने ब्रिटिश सैलानियों की वतन वापसी के लिए विमान किराये पर लिए हैं और यह अभियान तुरंत शुरू होगा. परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्स ने ब्रिटेन के "शांतिकाल में इतिहास के सबसे बड़े वतन वापसी" अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार और यूके नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने दर्जनों चार्टर विमान किराये पर लिए हैं ताकि थॉमस कुक के ग्राहकों को वापस लाए जा सकें.

सरकार का कहना है, "थॉमस कुक के वो सभी ग्राहक जो इस देश के बाहर हैं और जिन्होंने ब्रिटेन वापसी के लिए बुकिंग की है उन्हें अगले दो हफ्तों में उनकी वापसी की तारीख के आस पास वापस लाया घर लाया जाएगा."

थॉमस कुक के ग्राहकों आमतौर पर ज्यादातर दक्षिण यूरोप और भूमध्यसागर के देशों में जाते हैं लेकिन कंपनी एशिया, उत्तरी अफ्रीका और कैरेबियाई देशों के लिए भी सेवाएं देती है.

थॉमस कुक के चीफ एग्जिक्यूटिव पीटर फांकहाउजर ने इसे "गहरे दुख का दिन" कहा है, जिसमें हजारों लोगों की नौकरियां जा रही हैं. फांकहाउजर ने कहा, "यह मेरे और बोर्ड के दूसरे सदस्यों के लिए अत्यंत दुखद हैकि हम सफल नहीं हो सके."

थॉमस कुक को अपने विमानों को खड़ा करने के साथ ही ट्रैवल एजेंसी के दफ्तरों को बंद करना होगा. इसके साथ ही कंपनी के 22,000 लोगों की नौकरी चली गई है. इनमें से 9,000 लोग तो केवल ब्रिटेन में हैं.

चीन की फोसुन कंपनी के पास पहले से ही थॉमस कुक के सबसे ज्यादा शेयर थे. कंपनी ने पिछले महीने थॉमस कुक के व्यापार में 45 करोड़ पाउंड डालने का फैसला किया. यह कंपनी को उबारने के लिए बनाए 90 करोड़ पाउंड के पैकेज का पहला हिस्सा था. इसके बदले में फोसुन को थॉमस कुक के टूर ऑपरेटर में 75 फीसदी और एयरलाइन में 25 फीसदी हिस्सेदारी मिल गई.  फोसुन ने अपने बयान में कहा है, "फोसुन को इस बात का दुख है कि थॉमस कुक समूह अपने प्रस्तावित पुनः पूंजीकरण पर अन्य सहयोगियों, कर्ज देने वाले प्रमुख बैंकों, बड़े शेयरधारकों और इसमें शामिल दूसरे लोगों को रजामंद नहीं कर सका." कंपनियों को व्यापार के लिए एक तय रकम सुरक्षित रखनी होती है जिसे पूंजी कहते हैं इसमें कमी होने के बाद दोबारा इसे जुटाने की प्रक्रिया पुनः पूंजीकरण कही जाती है.

कैबिनेट बनाने वाले थॉमस कुक ने 1841 में इस ट्रैवल कंपनी की शुरूआत की थी. तब कंपना संयमित जीवन के समर्थक लोगों को ट्रेन के जरिए ब्रिटेन के शहरों में घुमाने की व्यवस्था करती थी. जल्दी ही कंपनी ने विदेश यात्रा के लिए इंतजाम करना भी शुरू कर दिया. यह पहला टूर ऑपरेटर है जो ब्रिटिश सैलानियों को यूरोप में सहचर के साथ यात्रा की सेवा मुहैया कराता था. यह बात 1855 की है. इसके बाद और नए नए ठिकाने कंपनी के खाते में जुड़ते गए.

कंपनी का कारोबार बढ़ने लगा और इसने विशाल टूर ऑपरेटर का रूप ले लिया. हालांकि इसके साथ ही इसके कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया. हाल में इसका सालाना टर्नओवर 10 अरब पाउंड तक जा पहुंचा. इस दौरान कंपनी हर साल करीब 2 करोड़ यात्रियों को सेवा मुहैया कराती है. थॉमस कुक की एयरलाइन के बेड़े में 100 विमान हैं.  

दो साल पहले इसी तरह ब्रिटेन की मोनार्क एयरलाइंस डूब गई थी. उस वक्त भी  ब्रिटेन की सरकार को आपातकालीन इंतजाम करके अलग अलग जगहों पर फंसे 110,000 यात्रियों की वतन वापसी का इंतजाम करना पड़ा था. इसके लिए विमानों के किराये पर पर ब्रिटेन की सरकार ने टैक्स देने वालों के 6 करोड़ पाउंड खर्च किए. 

एनआर/आरपी(एएफपी,डीपीए)

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