त्यौहारों में भी जारी रहेगी जर्मनी की तालाबंदी | दुनिया | DW | 26.11.2020
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

त्यौहारों में भी जारी रहेगी जर्मनी की तालाबंदी

कोरोना का फैलाव रोकने के लिए जर्मनी में चल रही तालाबंदी अभी जारी रहेगी और सख्त होगी. अधिकारियों को आशंका है कि यह स्थिति मार्च तक खिंच सकती है. महामारी में अब तक जर्मनी के 15 हजार लोगों की जान गई है.

2 नवंबर से शुरू हुई आंशिक तालाबंदी को फिलहाल थोड़ा और सख्त बनाते हुए 20 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है. बुधवार को इस बारे में राज्यों के मुख्यमंत्री और चांसलर अंगेला मैर्केल के बीच सात घंटे चर्चा हुई. इसके बाद मैर्केल ने स्थानीय समय रात साढ़े नौ बजे नए कदमों का एलान किया.

त्यौहारों के मौसम में भी जर्मनी को कोई राहत नहीं मिली है. दो परिवार के अधिकतम पांच सदस्यों को ही एक दूसरे से मिलने की इजाजत होगी. लेकिन क्रिसमस से नए साल के बीच 23 दिसंबर से 1 जनवरी तक अधिकतम 10 लोग एक दूसरे से मिल पाएंगे. 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इसमें शामिल नहीं किया गया है. साथ ही यह हिदायत भी दी गई है कि क्रिसमस से पहले और नए साल के बाद लोग खुद ही अपने आप को दो दो हफ्ते के लिए क्वारंटीन कर लें ताकि संक्रमण का खतरा ना रहे. कंपनियों को इसके लिए दिसंबर में कर्मचारियों को अतिरिक्त छुट्टियां देने को कहा गया है. ऐसा मुमकिन ना होने की सूरत में उन्हें घर से काम करने  देना होगा.

क्रिसमस मार्केट और पार्टियों पर तो पहले से ही रोक लगी हुई है. चांसलर अंगेला मैर्केल के चीफ ऑफ स्टाफ हेल्गे ब्राउन ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, "हमारे सामने सर्दियों के मुश्किल महीने हैं. यह सब मार्च तक जारी रहेगा. मार्च के बाद मुझे पूरी उम्मीद है कि हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगा सकेंगे और वसंत के मौसम में संक्रमण की दर को घटाना संभव हो सकेगा."

इससे पहले राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में चांसलर मैर्केल ने बताया कि देश के अस्पतालों पर मरीजों का बोझ बढ़ता जा रहा है. खासतौर से आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है और हालत पर नियंत्रण बेहद जरूरी है.

इस मुद्दे पर गुरुवार को संसद में भी चर्चा हो रही है. इसी दौरान जर्मनी में कोरोना वायरस के पीड़ितों की संख्या गुरुवार को पिछले 24 घंटे में बढ़े 22,268 मामलों के साथ 9,83,588 तक जा पहुंची है. मरने वालों की संख्या भी 15,160 हो गई है. 25 नवंबर को देश में 410 मौतें दर्ज की गईं. महामारी शुरू होने के बाद से यह 24 घंटे में मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा है. 

नवंबर में तालाबंदी को चार हफ्ते के लिए लागू किया गया है. हालांकि इस बार स्कूल, सैलून और कुछ दूसरी दुकानों को तालाबंदी से बाहर रखा गया है. मुख्य रूप से रेस्तरां, क्लब, बार, जिम, स्विमिंग पुल और इस तरह की दूसरी जगहों को ही बंद किया गया है. लोगों के मिलने जुलने पर खासतौर से पाबंदियां लगाई गई हैं. इसे "लॉकडाउन लाइट" का नाम दिया गया है.

Deutschland | Coronavirus | Anti-Lockdown Proteste in Leipzig

बहुत से लोग तालाबंदी का विरोध कर रहे हैं.

सरकार का कहना है कि वो हर इलाके में प्रति एक लाख लोगों पर संक्रमण की संख्या 50 के नीचे लाना चाहती है. फिलहाल यह 140 है. सरकार के मुताबिक मौजूदा कदमों ने कोरोना वायरस की भारी संख्या में इजाफे को तो रोक दिया है लेकिन फिलहाल यह एक ऊंची दर पर स्थिर हो गया है. बुधवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैर्केल ने भी इस बात पर जोर दिया कि कर्व फ्लैट तो हो गया है लेकिन अब भी बहुत ऊपर है.

आमतौर पर इस समय जर्मनी के बाजारों में भारी भीड़ रहती है लेकिन इस बार लोगों का उत्साह थोड़ा फीका है. सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि लोग सप्ताह के कामकाजी दिनों में ही खरीदारी करने जाएं ताकि एक बार ज्यादा भीड़ जमा होने से रोका जा सके. दुकान के आकर के हिसाब से उसमें जाने वाले लोगों की संख्या को भी सीमित किया गया है.

बाजार में लोग खरीदारी करने आ रहे हैं लेकिन उन्हें आने वाले दिनों की आशंका सता रही है. 2,000 लोगों पर किए एक सर्वे से पता चला कि लोग अगले साल की आमदनी को लेकर आश्वस्त नहीं हैं.

एनआर/आईबी (रॉयटर्स, एपी)

__________________________

हमसे जुड़ें: Facebook | Twitter | YouTube | GooglePlay | AppStore

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन