तालाबंदी को लेकर क्या फर्क है अलग अलग राज्यों की नीतियों में | भारत | DW | 11.05.2020
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भारत

तालाबंदी को लेकर क्या फर्क है अलग अलग राज्यों की नीतियों में

तालाबंदी को बढ़ाने को लेकर सभी राज्यों में सर्वसम्मति नहीं है. कुछ राज्य संक्रमण के कम मामलों के बावजूद तालाबंदी जारी रखना चाहते हैं तो कुछ अधिकतर गतिविधियां शुरू करना चाहते हैं. क्या निर्णय लेगी केंद्र सरकार?

तालाबंदी का तीसरा चरण 17 मई को समाप्त हो जाएगा. इस बीच केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों से संकेत मिल रहा है कि कम से कम केंद्र सरकार और भी रियायतें देने के पक्ष में है ताकी तालाबंदी को जल्द ही पूरी तरह खत्म किया जा सके. लेकिन सभी राज्य सरकारों में इस विचार को लेकर सर्वसम्मति नहीं है. अलग अलग राज्यों ने रियायतों की अलग अलग सीमा तय की हुई है.

जैसे तेलंगाना ने तालाबंदी को 29 मई तक जारी रखने का फैसला ले लिया है, जबकी वहां 11 मई तक संक्रमण के कुल मामले सिर्फ 1196 हैं, जिनमें से 750 लोग ठीक भी हो गए हैं. मरने वालों की संख्या 30 है. और भी कई राज्य हैं जहां संक्रमण को लेकर हालत के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं. महाराष्ट्र ने अभी तक तालाबंदी को और आगे बढ़ाने की घोषणा तो नहीं की है, लेकिन हाल ही में दी गई कुछ रियायतें वापस ले ली हैं.

देश के बाकी हिस्सों की ही तरह, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी कंटेनमेंट इलाकों के अलावा बाकी हर जगह दुकानें खोलने की अनुमति दे दी गई थी. इनमें शराब की दुकानें भी थीं. लेकिन दुकानों पर भीड़ जुटने लगी और बीएमसी ने यह देखते हुए ढील वापस ले ली और दुकानों को फिर से बंद करा दिया. 22,171 कुल मामलों के साथ महाराष्ट्र अभी भी सबसे ज्यादा संक्रमण के मामलों वाला राज्य बना हुआ है. इनमें से 4,199 लोग ठीक हो चुके हैं और 832 लोग मारे जा चुके हैं.

संक्रमण के लिहाज से सभी राज्यों में दूसरे स्थान पर गुजरात है, जहां अभी तक कुल 8,194 मामले सामने आए हैं और 493 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 2,545 लोग ठीक तो हो चुके हैं, लेकिन नए मामलों की संख्या काबू में नहीं आ रही है. स्थिति को देखते हुए अहमदाबाद, गांधीनगर और सूरत जैसे बड़े शहरों में 15 मई तक पूर्ण तालाबंदी लागू है, जिसके तहत सिर्फ दवाओं और दूध की दुकानें खुली हुई हैं और बाकी सब बंद हैं.

तमिलनाडु में भी संक्रमण कम नहीं हो रहा है और अब यह राज्य चौथे से तीसरे नंबर पर आ गया है. यहां संक्रमण के कुल 7,204 मामले हो गए हैं. रविवार 10 मई को राज्य में एक ही दिन में 669 नए मामले सामने आए. लेकिन वहां तालाबंदी में काफी ढील दे दी गई है और उसे वापस लेने की भी कोई घोषणा नहीं हुई है. तमिलनाडु के पहले दिल्ली तीसरे स्थान पर थी. राष्ट्रीय राजधानी अब चौथे स्थान पर पहुंच तो गई है लेकिन यहां अभी भी संक्रमण का फैलाव चिंता का विषय बना हुआ है.

दिल्ली में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 6,923 हो गई. रविवार 10 मई को एक ही दिन में राज्य में 381 नए मामले सामने आए. लेकिन इसके बावजूद दिल्ली सरकार कंटेनमेंट इलाकों के बाहर तालाबंदी में और कड़ाई के पक्ष में नहीं है. बल्कि दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से अपील की है कि राजधानी में सिर्फ कंटेनमेंट इलाकों को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर सभी तरह की गतिविधियां की अनुमति दे दी जाए.

स्पष्ट है कि तालाबंदी के संबंध में अलग अलग राज्य सरकारों का अलग अलग मत है. देखना होगा कि प्रधानमंत्री और सभी मुख्यमंत्रियों के बीच सर्वसम्मति उभर कर आती है या नहीं.

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