डोपिंग मामले में रुस पर लगा चार साल का प्रतिबंध | दुनिया | DW | 09.12.2019
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दुनिया

डोपिंग मामले में रुस पर लगा चार साल का प्रतिबंध

वाडा ने रूस पर 2020 के ओलंपिक खेल समेत अगले चार साल तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है. रूस को माना डोपिंग संबंधित डाटा से छेड़छाड़ का दोषी.

विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी, वाडा ने रुस को साल के शुरु में दिए गए डाटा में हेर-फेर करने का दोषी पाया है. वाडा ने रुस पर कार्रवाई करते हुए टोक्यो ओलंपिक के साथ साथ 2022 में होने वाले बीजिंग विंटर ओलंपिक से भी बैन कर दिया है.

स्विट्जरलैंड के लुसाने में हुई कार्यकारी बैठक में ये फैसला लिया गया. वाडा ने रुस को टूर्नामेंट के लिए होने वाली बोली से तो बाहर कर ही दिया है, साथ ही रुस के अधिकारियों के बड़े आयोजनों में आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश करने का मौका भी रूस खो चुका है.

वाडा के प्रवक्ता जेम्स फिट्सगेराल्ड ने कहा, "वाडा की कार्यकारी समिति ने रुस की डोपिंग एजेंसी के गैर अनुपालन करने पर चार साल का प्रतिबंध सर्वसम्मति से पारित किया है." उन्होंने बताया कि रुस के वे खिलाड़ी अगले साल होने वाले ओलंपिक में भाग ले सकते हैं जो साबित कर सकें कि वे रुस-प्रायोजित डोपिंग में शामिल नहीं थे. वाडा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि "इन खिलाड़ियों को साबित करना होगा कि वे डोपिंग के गैर अनुपालन में शामिल नहीं थे या इनके सैम्पलों के साथ गड़बड़ियां नहीं की गई थी."

वाडा के पूर्व अध्यक्ष डिक पाउंड ने 2015 में रूसी एथलीटों पर मॉस डोपिंग के आरोपों की जांच की थी. उन्होंने बताया था कि 2014 के सोची ओलंपिक से लेकर 2018 में हुए फुटबॉल विश्व कप मुकाबले तक में रूस ने कई स्तरों पर खेल की दुनिया को धोखा दिया.

इससे पहले भी लगा है बैन

2016 में प्रकाशित रिचर्ड मैकलॉरेन की स्वतंत्र रिपोर्ट में रुस पर आरोप था कि 2011 से 2015 के बीच रुस में राज्य प्रायोजित डोपिंग की गई. इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद रुस की डोपिंग रोधी एजेंसी, रुसाडा को तीन साल के लिए बैन कर दिया गया था.

सितंबर 2018 में वाडा ने इस शर्त पर रूस को फिर से बहाल कर दिया था कि वे मॉस्को की लैब से डोपिंग संबंधी पूरा डाटा बिना किसी काटछांट के मुहैया करवाएंगे. लेकिन रूस ने वाडा की जांच को मानने से इनकार कर दिया था और वाडा को विवादास्पद मास्को एंटी-डोपिंग प्रयोगशाला के डाटाबेस भी देखने नहीं दिया था. वाडा की मदद करने के लिए रुसाडा के पास 2018 के अंत तक का वक्त था. लेकिन अब 2019 के अंत में जाकर वाडा ने रूस के खिलाफ कार्रवाई की है.

एसबी/आरपी (एएफपी)

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