डेविस कप बचाने में लगे पेस | खेल | DW | 02.02.2013
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खेल

डेविस कप बचाने में लगे पेस

नई दिल्ली में चल रहे डेविस कप में लिएंडर पेस ने नए खिलाड़ी पूरव राजा के साथ डबल्स का मैच तो अपने नाम कर लिया है, लेकिन डेविस कप फिर भी भारत के हाथ से फिसलता हुआ ही दिख रहा है.

शुक्रवार को दोनों मैच हार जाने के बाद भारत को शनिवार को थोड़ी राहत तब मिली जब पेस और राजा की जोड़ी ने कोरिया के लिम योंग क्यू और नाम जि सुंग को 6-4, 7-6 (7/5), 6-2 से शिकस्त दी. ढाई घंटे तक चला यह मैच भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण था. इस मैच के हार जाने से भारत डेविस कप से बाहर होता. लेकिन भारत के लिए अब भी चुनौतियां बाकी हैं. अगले राउंड में पहुंचने के लिए भारत को रविवार को होने वाले दोनों रिवर्स सिंगल्स मैच जीतने होंगे.

1990 में पहली बार डेविस कप खेलने वाले पेस ने कहा, "डेविस कप टाई जीतना आज भी मुझे उत्साहित करता है. और अपने ही लोगों के सामने इसे जीतने से बेहतर और क्या हो सकता है. मैं उम्मीद करता हूं कि रिवर्स सिंगल्स के नतीजे भी हमारे हक में ही आएंगे." पेस राजा के साथ भले ही पहली बार खेल रहे हों, लेकिन इस से पहले वह 96 अलग अलग खिलाड़ियों के साथ डबल्स में जोड़ी बना चुके हैं और 48 टाई खेल चुके हैं.

39 साल के पेस को डेविस कप टाई खेलने के लिए भेजने का फैसला तब लिया गया जब 11 अन्य खिलाड़ियों ने इसे खेलने से इनकार कर दिया. अखिल भारतीय टेनिस एसोसिएशन के साथ चल रहे विवाद के कारण सोमदेव देवबर्मन, महेश भूपति और रोहन बोपन्ना जैसे बड़े खिलाड़ियों ने डेविस कप से दूर रहने का फैसला लिया. इसी के चलते नए खिलाड़ियों को भेजा गया है. विरली मुरुगेसन रनजीत और विजयंत मलिक सिंगल्स का मुकाबला खेल रहे हैं. इस से पहले लंदन ओलंपिक खेलों के दौरान भी खिलाड़ियों का इसी तरह का रवैया देखने को मिला था. तब भी पेस ने ही विष्णु वर्धन के साथ जोड़ी बनाने के लिए हामी भरी थी.

बढ़ती उम्र के साथ पेस का प्रदर्शन ढीला पड़ रहा है, लेकिन नए खिलाड़ियों के साथ अच्छा ताल मेल बिठाने के लिए उन्हें खूब सराहा जा रहा है. पहला मैच होने के कारण राजा ने भी कई बार चूक की, लेकिन अच्छे प्रदर्शन की इच्छा उनमें दिखती है.

शुक्रवार को रनजीत ने चो मिन हेयोक के खिलाफ दो गेम जीते लेकिन वह मैच अपने नाम नहीं कर सके. वहीं मलिक का जेओंग सुक योंग के आगे बेहद ढीला प्रदर्शन दिखा. अब रविवार को उन्हें एक बार फिर मैच खेलने हैं. लेकिन कोरिया के दोनों ही खिलाड़ी तजुर्बेकार हैं और भारतीय खिलाड़ी अनुभवहीन. ऐसे में दूसरे राउंड में भारत का पहुंचना मुश्किल ही दिख रहा है.

डेविस कप टाई में दो देशों के बीच तीन दिन के दौरान कुल पांच मैच होते हैं. एक देश को टाई जीतने के लिए कम से कम तीन मैच जीतने होते हैं. कोरिया पहले दिन से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. शुक्रवार को दो मैच जीत लेने के बाद शनिवार को उसने पेस के हाथों एक मैच हारा है.

आईबी/एएम (एएफपी, पीटीआई)

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