डीजलगेट स्कैंडल में जर्मनी में पहला मुकदमा | दुनिया | DW | 30.09.2020

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दुनिया

डीजलगेट स्कैंडल में जर्मनी में पहला मुकदमा

जर्मन कार कंपनी फोल्क्सवागेन के डीजल मोटर धोखाधड़ी कांड का पता चलने के पांच साल बाद जर्मनी में आपराधिक मुकदमा शुरू हुआ है. अभियुक्तों में ऑडी के पूर्व प्रमुख रूपर्ट श्टाडलर और मोटर डेवलपमेंट के प्रमुख हात्स शामिल हैं.

ऑडी के पूर्व प्रमुख रूपर्ट श्टाडलर और तीन अन्य अभियुक्तों के खिलाफ म्यूनिख में की एक जेल में बनी अदालत में मुकदमा शुरू हुआ है. अदालत के प्रवक्ता का कहना है कि जेल के एक कमरे में मुकदमा चलाने का फैसला कोरोना की वजह से दूरी बनाए रखने और साफ सफाई को ध्यान में रखकर किया गया. म्यूनिख की अदालत के पास उपलब्ध सबसे बड़ा कमरा श्टाडेलहाइम की जेल में ही है. संक्रमण के खतरे को देखते हुए यहां सिर्फ 20 दर्शक बैठ सकेंगे, हालांकि 280 पत्रकारों ने मुकदमे पर रिपोर्ट करने के लिए रजिस्टर किया है.

अभियोक्ता पक्ष का अभियुक्तों पर धोखाधड़ी करने, गलत सर्टिफिकेट देने और अवैध विज्ञापन का आरोप लगाया है. मुकदमे के लिए 2 साल का समय तय किया गया है. 180 दिनों की सुनवाई हर हफ्ते मंगलवार और बुधवार को होगी और इसके दौरान जज यह तय करेंगे कि आरोपों में कितनी सच्चाई है. जांच के दस्तावेज करीब 40,000 पेज में हैं और आरोप पत्र दाखिल करते समय उसे पढ़ने में ही पांच छह घंटे लगेंगे. अदालत का फैसला दिसंबर 2020 में आएगा. मुकदमे की सुनवाई के बाद ही पता चलेगा कि 2015 में अमेरिका में सामने आए डीजल कांड के लिए कौन जिम्मेदार है.

VW Volkswagen Abgas Skandal

डीजल मोटर में धांधलेबाजी

जांचकिकिसेक्यापताथा

आरोप पत्र के अनुसार लक्जरी कार कंपनी ऑडी के कर्मचारियों ने 2007 से उस प्रक्रिया का विकास किया जो गैस उत्सर्जन टेस्ट में धांधली करता और उसे नियमों के अनुकूल रखता. मोटर में लगा एक अवैध सॉफ्टवेयर यह पता कर लेता था कि गाड़ी टेस्ट में है या सड़क पर यातायात में है. टेस्ट के दौरान डीजल मोटर गैस उत्सर्जन के सरकारी मानकों को पूरा करता, लेकिन रोड पर सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा कहीं अधिक होती. उसके बाद एडब्लू की मदद से मोटर में उत्सर्जन की सफाई कर दी जाती. कंपनी के मार्केटिंग अधिकारियों और प्रमुख मैनेजरों ने इस पर जोर डाला था कि एडब्लू को भरने की जिम्मेदारी ड्राइवरों की नहीं होनी चाहिए बल्कि इंस्पेक्शन के समय ही यह काम पूरा होना चाहिए.

अभियोक्ता पक्ष का कहना है कि फोल्क्सवागेन कंपनी के ऑडी, पोर्शे और फोल्क्सवागेन ब्रांड की 40,000 कारों में ये तकनीक डाली गई थी. 2007 से 2018 तक ऑडी कंपनी के प्रमुख रहे रूपर्ट श्टाडलर पर आरोप है कि उन्हें 2015 में इस धोखाधड़ी के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने मैनिपुलेटेड गाड़ियों की बिक्री नहीं रोकी. वे इन आरोपों से इनकार करते हैं. 2018 में जांचकर्ताओं ने उनकी एक टेलिफोन बातचीत सुनी थी और इस डर से वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं, उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. वे चार महीने जेल में रहे थे. उसके बाद ऑडी ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया था.

Wolfgang Hatz

पोर्शे के प्रमुख रहे हात्स

इंजीनियरोंकीगवाही

ऑडी के दो इंजीनियर अपने पूर्व बॉस के खिलाफ गवाही दे रहे हैं. जिन चार लोगों पर मुकदमा चल रहा है उनमें से तीन इंजीनियर हैं. उनपर सरकारी वकीलों का आरोप है कि उन्होंने अवैध डिवाइस वाले मोटर का विकास किया. उनमें से एक वोल्फगांग हात्स हैं जो पहले फोल्क्सवागेन के एक और लक्जरी ब्रांड पोर्शे के प्रमुख थे और पूरे कंसर्न में मोटर के विकास के लिए जिम्मेदार थे. श्टाडलर की तरह हात्स भी कई महीने हिरासत में रह चुके हैं और वे भी सारे आरोपों को ठुकरा रहे हैं. इसके विपरीत दो अन्य अभियुक्त मोटर डेवलपर जोवानी पी. और उनके सहयोगी हेनिंग एल. ने गुनाह कबूल कर लिया है. दोनों इंजीनियरों ने जांच के दौरान अपने अधिकारियों पर दोष मढ़ा है. अदालत में वे क्या कहते हैं, इसी पर मुकदमे की दिशा निर्भर करेगी. जोवानी पी. के वकील वाल्टर लेषनर ने कहा है, "हमारे मुवक्किल अब तक की तरह सारी बातें बताएंगे." वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल को फैसला लेने का अधिकार नहीं था, वे निदेशक मंडल के तीन स्तर नीचे थे. "उन्होंने वह किया जो ऊपर से तय किया गया था और निर्देश दिया गया था."

दोष साबित होने पर अभियुक्तों को दस साल कैद की सजा हो सकती है. अमेरिका में पहले ही फोल्क्सवागेन के दो कर्मचारियों को डीजल कांड में कई सालों की सजा हो चुकी है. जर्मनी में इस मामले के आपराधिक पहलू को तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. हाल ही में म्यूनिख में ऑडी के चार और मैनेजरों पर मुकदमा दायर किया गया है. ब्राउनश्वाइग में निचली अदालत ने फोल्क्सवागेन के पूर्व प्रमुख मार्टिन विंटरकॉर्न के खिलाफ मुकदमे की अनुमति दे दी है. 2007 तक वे श्टाडलर से पहले ऑडी के प्रमुख थे. फोल्क्सवागेन ने 1.1 करोड़ डीजल गाड़ियां बेचीं और उसे डीजल कांड का पता लगने के बाद हर्जाने के तौर पर 32 अरब यूरो खर्च करना पड़ा है. मैनेजरों के लिए भी यह मुकदमा महंगा साबित हो सकता है. हारने पर उन्हें मुकदमे का पूरा खर्च उठाना होगा और ऑडी कंपनी भी उनसे हर्जाना मांग सकती है.

एमजे/आईबी (डीपीए, रॉयटर्स)

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