डच शहर में उल्लू का खौफ | लाइफस्टाइल | DW | 02.03.2015
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

लाइफस्टाइल

डच शहर में उल्लू का खौफ

नीदरलैंड्स के एक शहर में इन दिनों शाम होते ही दहशत पसर जाती है. बारिश न होने के बावजूद लोग छाता खोलकर चलते हैं. ये सब एक उल्लू की वजह से हो रहा है.

नीदरलैंड्स की राजधानी एम्सटर्डम से 20 किलोमीटर दूर पुरमेरेंड नामका एक छोटा सा शहर है. शहर के एक इलाके में बहुत से शारीरिक रूप से अक्षम लोग रहते हैं. और यहीं बीते कुछ हफ्तों से एक उल्लू सक्रिय है जो लोगों को निशाना बना रहा है. स्थानीय मीडिया ने उसे "आतंकी उल्लू" करार दिया है.

अब तक उल्लू 20 लोगों पर हमला कर चुका है. शिकार हुए लोगों को चोटें आईं और कुछ को टांके भी लगाने पड़े. उल्लू के हमले का सामना कर चुके नाइल्स फेरकूइयेन ने कहा, वो चाकू जैसे तीखे नाखूनों का हमला था.

उल्लू 60 से 70 सेंटीमीटर लंबा बताया जा रहा है. नीदरलैंड्स में उल्लू संरक्षित जीवों की श्रेणी में आते हैं. यही वजह है कि अधिकारी उल्लू को पकड़ना चाहते हैं. आम तौर पर उल्लू शांत और शर्मीले होते हैं. अधिकारियों का कहना है कि उल्लू को पकड़ने के बाद ही पता चलेगा कि वो ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है.

इस बीच शहर के प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की नसीहत दी है. शाम और रात को बाहर निकलते वक्त लोगों से छाता इस्तेमाल करने को कहा गया है. उल्लू शाम से सुबह भोर तक सक्रिय रहता है.

ओएसजे/आरआर (एपी)

DW.COM

विज्ञापन