ट्वीट छोड़िए, अदनान सामी ने पाक नागरिकता क्यों छोड़ी? | दुनिया | DW | 03.10.2016
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दुनिया

ट्वीट छोड़िए, अदनान सामी ने पाक नागरिकता क्यों छोड़ी?

गायक अदनान सामी के एक ट्वीट पर इन दिनों पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर खूब हंगामा हो रहा है. अदनान ने उड़ी हमले के जबाव में भारत की कथित सर्जिकल स्ट्राइक की तारीफ की थी. लेकिन इस पर इतना हंगामा खड़ा करने की जरूरत क्या है.

अदनाम सामी अब पाकिस्तानी नहीं, बल्कि एक भारतीय नागरिक हैं और उन्हें अपनी सरकार का साथ देने का पूरा हक है. पाकिस्तान को ये सोचना चाहिए कि उन्होंने पाकिस्तानी नागरिकता क्यों छोड़ी? क्या पाकिस्तान कला और संगीत के लिए एक मुनासिब जगह नहीं है? वहां समाज में हिंसा और अशांति के कारण कल्चर और उससे जुड़े लोगों के लिए घुटन का माहौल तो नहीं है? क्या भारत पाकिस्तानी कलाकारों का खुले दिल से स्वागत नहीं करता है? क्या राहत फतह अली खान भारत की फिल्म इंडस्ट्री से बड़ी कमाई नहीं कर रहे हैं?

जो अदनान सामी के साथ आज हो रहा है वो पहले भी हो चुका है. याद कीजिए कि प्रगतिशील आंदोलन के संस्थापक सज्जाद जहीर बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले आए थे और उन्होंने इस नए मुल्क को अपना घर बना लिया था. लेकिन उनके इर्द गिर्द सरकार ने ऐसा घेरा तंग किया कि उनको भारत जाना पड़ा. मशहूर उर्दू शायर जोश मलीहाबादी का पाकिस्तान में क्या हाल हुआ? उन्हें पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व ने एक दिन चैन की सांस नहीं लेने दी. दयनीय हालत में पाकिस्तान में उनका देहांत हुआ.

Deutsche Welle Urdu Shamil Shams (DW/P. Henriksen)

शामिल शम्स पाकिस्तान से हैं और डीडब्ल्यू में पत्रकार हैं

बात ये है कि जंगी जुनून को हवा नहीं देनी चाहिए. लेकिन अदनान सामी ने ऐसा कुछ नहीं किया है. कश्मीर की सीमा पर तनाव भारत ने शुरू नहीं किया था. जिन्होंने किया था वो अब अदनान सामी को गद्दार करार दे रहे हैं. भारत में भी पाकिस्तानी कलाकारों को धमकियां दी जा रही हैं. ऐसा नहीं करना चाहिए. जो ऐसा कर रहे हैं वो उड़ी के हमले के जिम्मेदार लोगों को ही बढ़ावा दे रहे हैं. इनमें और अदनान को बुरा भला कहने वालों में कोई फर्क नहीं है. ऐसा न हो कि अदनान जैसे फनकार भारत की तरफ देखना ही छोड़ दें. तब भारत और पाकिस्तान में कला और संस्कृति के लिहाज से जो फर्क है वो खत्म हो जाएगा, और ये बड़े दुख की बात होगी.

ब्लॉग: शामिल शम्स

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