ट्रंप प्रशासन के नए प्रस्ताव से अमेरिका के हजारों लोगों को सता रहा घर छिनने का डर | दुनिया | DW | 16.08.2019
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दुनिया

ट्रंप प्रशासन के नए प्रस्ताव से अमेरिका के हजारों लोगों को सता रहा घर छिनने का डर

अमेरिका के अन्य शहरों की तरह ही लॉस एंजेलिस भी घरों की समस्या से जूझ रहा है. जून में जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2018 में लॉस एंजेलिस में बेघरों की संख्या में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा लाए गए एक प्रस्ताव के बाद अमेरिका में हजारों परिवारों के बंटवारे या बेघर होने आशंकाएं बढ़ रही हैं. प्रस्तावित नियम के तहत "मिक्स्ड स्टेटस" वाले घरों के लिए सरकारी आवास सहायता से नहीं मिलेगी. इससे वैसे घर प्रभावित होंगे जिनमें कम से कम एक सदस्य बिना दस्तावेज वाला आप्रवासी है. प्रस्ताव पर राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक टिप्पणी की अवधि जुलाई में समाप्त हो गई. 

प्रस्ताव को पहली बार मई में लाया गया था. उस समय आवास मामलों की मंत्री बेन कॉरसन ने कहा था कि आवास सहायता के लिए लंबी प्रतीक्षा के समय को कम करने के लिए यह कदम जरूरी था. लेकिन आवास शोधकर्ताओं और अधिवक्ताओं का कहना है यह कदम प्रभावी नहीं साबित होगा तथा इससे बेघरों की संख्या में इजाफा होगा. अमेरिकी आवास और शहरी विकास विभाग के विश्लेषण ने कहा कि नियम में बदलाव से 1,08,000 से अधिक लोग प्रभावित होंगे.

काउंसिल ऑफ लार्ज पब्लिक हाउसिंग अथॉरिटीज (सीएलपीएचए) के अनुसार प्रभावित होने वालों लोगों में 55 हजार बच्चे भी शामिल हैं, जो अमेरिकी नागरिक हैं लेकिन उनके माता-पिता के बारे में किसी तरह का दस्तावेज नहीं है. सीएलपीएचए कम कीमत वाले घर पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है.

कैलिफोर्निया के लॉस एंजेलिस में रहने वाली कैरी टोरेस भी इसी स्थिति का सामना कर रही हैं. मेक्सिको के जलिस्को से आई सिंगल मदर के पास दस्तावेज नहीं है. उनके बेटे का जन्म अमेरिका में ही हुआ है. वह कहती हैं, "यदि यह नियम लागू होता है तो हम (वह और उनका बेटा) बेघर हो जाएंगे. लॉस एंजेलिस में किराया काफी ज्यादा है और कम कीमत (वहन करने लायक) वाले घर की संख्या काफी हद तक उपलब्ध नहीं है." 37 वर्षीय टोरेस कहती हैं कि उन्हें और उनके बेटे को दोस्तों के साथ रहने से रोका जाएगा. वे कहती हैं, "मैं इस बात की कल्पना नहीं कर सकती कि यह कितना बुरा होगा. मैं कई सारे ऐसे लोगों को जानती हूं जिनकी हालत मेरे जैसी ही है. वे सभी इस बात से डरे हुए हैं क्या होने वाला है."

लॉस एंजेलिस में सामुदायिक विकास समूह पीपुल ऑर्गनाइज्ड फॉर वेस्टसाइड रिन्यूवेबल के बिल प्रजिलकी कहते हैं, "देश में 50 हजार से ज्यादा लोग बेघर हैं. हम नई नीति बनाकर इसमें 20 प्रतिशत का और इजाफा करने जा रहे हैं. जो लोग बेघर होंगे वे पहले से ही कमजोर हैं और उनकी स्थिति खराब होगी. उनके स्टेटस की वजह से उन्हें रोजगार तथा अन्य सुविधाएं पाने में परेशानी होगी."

अमेरिकी में वर्तमान नीति के तहत बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों के लिए आवास में सब्सिडी नहीं दी जाती है. सब्सिडी दरों को एक घर में हकदार सदस्यों की संख्या के आधार पर पूर्व निर्धारित किया जाता है.

मई महीने में सांसदों की बैठक में कॉरसन ने कहा कि उन्हें लगता है कि पहले की प्रक्रिया "अवैध रूप से यहां रहने वाले लोगों को सहायता देने" जैसी है. साथ ही उन्होंने कहा कि नए नियम के बाद जिन लोगों को आवास सहायता मिलनी बंद होगी, उन्हें दूसरा घर खोजने के लिए 18 महीने तक का समय दिया जाएगा.

हाल के दो महीने के कमेंट पीरियड के दौरान इस प्रस्ताव पर 30 हजार से अधिक प्रतिक्रियाएं आईं, जिन्हें प्रजिलकी ने आवास नीति के लिए सामान्य से ज्यादा बताया है. वह कहते हैं, "वैसी टिप्पणियां जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध थीं, उनमें 90 प्रतिशत नकारात्मक थीं." जब से नई आवास नीति को सार्वजनिक किया गया है, तब से डेमोक्रेटिक सरकार के कई लंबित विधेयक सामने आ गए. ऐसे में ये विधेयक आवास विभाग को नई नीति लागू करने से रोक सकते हैं.

प्रजिलकी की तरह वकालत करने वाले समुदाय नए प्रस्ताव को वापस लेने के लिए जोर लगा रहे हैं. उनका कहना है कि यह प्रस्ताव आगे नहीं जा सकता है. वहीं, नई नीति लागू होने के पर भी लोग पुराने घरों में रहने की जुगत में हैं.

सीएलपीएचए के सदस्य अमेरिका के 40 प्रतिशत सरकारी घरों का प्रबंधन करते हैं. सीएलपीएचए की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुनिया जेटरमैन का कहना है, "लोग काफी ज्यादा भयभीत हो गए हैं और आवास प्राधिकरण इस बारे में काफी चिंतित है. मुझे लगता है कि हम यह मानने लगे हैं कि हमारे यहां घरों की कमी है. मिश्रित परिवार की वजह से नहीं बल्कि संसाधनों के अभाव की वजह से वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है."

किसी भी अमेरिकी नियम में बदलाव के लिए आवास विभाग को सार्वजनिक टिप्पणी की अवधि के दौरान प्राप्त सभी प्रतिक्रियाओं पर जवाब देने होते हैं और इसके बाद ही आगे का कदम उठाया जा सकता है. जेटरमैन और अन्य लोगों का कहना है कि इस प्रक्रिया में कई महीने का समय लग सकता है. जेटरमैन कहती हैं, "सार्वजनिक क्षेत्र का काफी खर्च आवास की अस्थिरता और बेघरों से संबंधित है. इस नई नीति के बाद समस्या और बढ़ जाएगी."

आरआर/ओएसजे (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन)

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