ट्रंप पर हंसी भारत की जनता | दुनिया | DW | 08.12.2015
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दुनिया

ट्रंप पर हंसी भारत की जनता

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कुछ वक्त के लिए अमेरिका में मुसलामानों का आना बंद कर दिया जाना चाहिए. ट्रंप के इस बयान को सोशल मीडिया में जम कर ट्रोल किया गया.

अमेरिका में हुआ हमला आतंकी था, इस बात की पुष्टि हो जाने के बाद राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा बयान दिया जिसने मुसलामानों को काफी आहत किया है. जहां सोशल मीडिया में अमेरिकी मुसलमानों की गुस्से से भरी प्रतिक्रिया देखने को मिली, वहीं भारत में लोगों ने ट्रंप को हंसी का पात्र बना दिया. ट्रंप की बयानबाजी की लोग भारत के नेताओं से भी तुलना कर रहे हैं और लिख रहे हैं कि ताजा बयान दिखाता है कि "बेवकूफ" नेता दुनिया में कहीं भी हो सकते हैं, वे केवल भारत में ही नहीं मिलते.

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने से पहले से ही विवादास्पद बयान देने शुरू कर दिए थे. जानकार इसे हर वक्त सुर्खियों में बने रहने का तरीका मानते हैं. ट्रंप के बयान कभी मुस्लिम विरोधी, कभी महिला विरोधी तो कभी शरणार्थी विरोधी होते हैं. ऐसे में भारत में लोग इसे इन दिनों देश में चल रही असहिष्णुता की बहस से जोड़ कर भी देख रहे हैं और सवाल कर रहे हैं कि अगर भारत असहिष्णु है, तो ट्रंप जैसे लोगों के रहते अमेरिका क्या है.

साथ ही आमिर खान के देश छोड़ कर जाने वाले बयान पर भी चुटकी ली जा रही है कि अगर ट्रंप अमेरिका के अगले राष्ट्रपति बन गए, तो आमिर भारत छोड़ कर अमेरिका नहीं जा सकेंगे.

किसी ने तो यह भी लिखा है कि अगर ट्रंप के तर्क से चला जाए, तो ओबामा विदेश यात्रा करने के बाद, दोबारा अमेरिका में प्रवेश नहीं पा सकेंगे.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप की तुलना हिटलर से की जा रही है. लोग ट्रंप और हिटलर की नीतियों की सूची बना कर तुलना कर रहे हैं. लेकिन भारत में लोग ट्रंप को अपने नेताओं से जोड़ कर देख रहे हैं. कोई राहुल गांधी के साथ उनकी तुलना कर रहा है, कोई आजम खान से, तो कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से. ऐसा भी लिखा जा रहा है कि ट्रंप आरएसएस से नाता रखते हैं.

भारत में जिस तरह से डोनाल्ड ट्रंप को ट्रोल किया जा रहा है, उसे देख कर तो लगता है कि उनके बयान को संजीदगी से नहीं लिया गया. लेकिन यह बयान अगले साल अमेरिका में होने वाले चुनाव में अहम साबित हो सकते हैं.

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