ट्रंप के खिलाफ महाभियोग जांच में अब तक की सबसे बड़ी गवाही | दुनिया | DW | 21.11.2019
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दुनिया

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग जांच में अब तक की सबसे बड़ी गवाही

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के खिलाफ चल रही सुनवाई में एक वरिष्ठ राजनयिक ने बुधवार को सीधे आरोप लगाए. गोर्डन सोंडलैंड ने कहा है कि यूक्रेन पर ट्रंप के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जांच के लिए दबाव डाला गया.

गॉर्डन सोंडलैंड यूरोपीय संघ में अमेरिका के राजदूत हैं. उन्होंने महाभियोग जांच की सुनवाई में सांसदों से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें यूक्रेन से ऐसी डील करने के आदेश दिए थे जिसमें व्हाइट हाउस में मुलाकात के बदले जो बाइडेन के खिलाफ जांच की शर्त थी. सोंडलैंड ने बताया कि ट्रंप के निजी वकील रूडी जूलियानी राष्ट्रपति के निर्देश पर यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डालने की इन कोशिशों का नेतृत्व कर रहे थे. इन कोशिशों का मकसद जो बाइडेन के खिलाफ जांच कराना था. सोंडलैंड ने यह भी कहा कि व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी और विदेश मंत्रालय को इसकी जानकारी थी.

एक बड़े अधिकारी की इस अनापेक्षित गवाही से ट्रंप तिलमिला गए हैं. उन्होंने ट्वीट किया है, "दोषी ठहराने की यह कार्रवाई बंद होनी चाहिए, यह हमारे देश के लिए बहुत बुरा है. ट्रंप का कहना है कि वह सोंडलैंड को बमुश्किल जानते भर हैं और उनके साथ उनकी ज्यादा बातचीत नहीं है. हालांकि वरिष्ठ राजनयिक सोंडलैंड ने उनके शपथ ग्रहण कार्यक्रम के लिए 10 लाख डॉलर का दान दिया था. गवाही के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि राजदूत रहते हुए उनकी करीब 20 बार ट्रंप से बात हुई.

डेमोक्रैटिक पार्टी का कहना है कि सोंडलैंड की हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की इंटेलिजेंस कमेटी के सामने सात घंटे चली गवाही ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के मामले को मजबूती दी है. कमेटी के चेयरमैन एडम शिफ ने बुधवार को कहा, "आज की गवाही अब तक सामने आए सबूतों में सबसे अहम है. यह रिश्वत, दूसरे बड़े अपराधों और गड़बड़ियों के मामले की तह तक सीधे जाती है."

सोंडलैंड का कहना है कि ट्रंप ने उन्हें और दो वरिष्ठ राजनयिकों को जूलियानी के साथ काम करने का निर्देश दिया था. साल की शुरुआत से जूलियानी ने जेलेंस्की सरकार पर यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी, बरिस्मा के साथ जो बाइडेन के बेटे के करार को ले कर जांच के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था. इसके साथ ही इस कथित साजिश की भी जांच करने के लिए दबाव बनाया गया कि 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में यूक्रेन ने डेमोक्रैटिक पार्टी की मदद की थी. बाइडेन अगले साल के राष्ट्रपति के चुनाव में ट्रंप के संभावित प्रतिद्वंद्वी हैं.

USA Washington | Impeachment-Anhörung | Adam Schiff, Chairman (picture-alliance/AP Photo/A. Harnik)

एडम शिफ

सोंडलैंड ने गवाही के दौरान पैनल से कहा, "मि. जूलियानी ने मांग रखी कि यूक्रेन 2016 के चुनाव/डीएनसी सर्वर और बरिस्मा की जांच के बारे में एक सार्वजनिक बयान जारी करे. जूलियानी का आग्रह राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के लिए व्हाइट हाउस का दौरा कराने के बदले में था." 

सोंडलैंड के मुताबिक यह पूरा अभियान सामान्य अमेरिकी कूटनीतिक चैनलों से बाहर नहीं था. सोंडलैंड के मुताबिक इसके बारे में उप राष्ट्रपति माइक पेंस और विदेश मंत्री माइक पोम्पेओ को लगातार जानकारी थी. उन्होंने कहा, "हम लोगों ने राष्ट्रपति का आदेश माना."

ट्रंप की तरह ही सोंडलैंड भी एक अरबपति कारोबारी हैं. उनकी आलीशान होटलों की चेन है. इससे पहले बंद दरवाजों के पीछे हुई गवाहियों में उन्होंने ट्रंप की ओर इशारा नहीं किया था. इससे पहले उन्होंने कई सवालों के जवाब में यही कहा था कि उन्हें "याद नहीं" है. हालांकि अब वो कह रहे हैं कि दूसरे लोगों की गवाहियों में यूक्रेन पर दबाव बनाने की बातों ने उन्हें विचलित किया और उन्हें सब याद आ गया. 

उन्होंने व्हाइट हाउस में जेलेंस्की और ट्रंप की मुलाकात और जांच के बीच में संबंध होने की पुष्टि की लेकिन ट्रंप पर लगे इस आरोप की पुष्टि नहीं की कि उन्होंने यूक्रेन की सहायता रोकी थी ताकि उस पर और दबाव बनाया जा सके. दो दूसरे राजयनयिकों की गवाही से उलट सोंडलैंड ने कहा, "मैंने कभी नहीं सुना कि राष्ट्रपति ट्रंप ने सहायता के लिए जांच की घोषणा की शर्त रखी थी."

एक अलग गवाही में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की अधिकारी लॉरा कूपर ने कहा है कि 25 जुलाई को यूक्रेन ने सहायता रोके जाने पर चिंता जताई थी. इससे पहले रिपब्लिकन सांसद यह कहते रहे हैं कि अगस्त या सितंबर महीने तक तो यूक्रेन को पता ही नहीं था कि उनकी सहायता रोकी गई है. लॉरा कूपर पेंटागन में यूक्रेन की प्रभारी हैं.

25 जुलाई वही दिन है जब ट्रंप ने जेलेंस्की के साथ फोन पर बातचीत की थी. इसी बातचीत में ट्रंप ने कथित रूप से जेलेंस्की से खासतौर से बाइडेन और 2016 की साजिश के खिलाफ जांच कराने की बात कही थी. लॉरा कूपर ने कमेटी को बताया यूक्रेन के दूतावास के अधिकारी ने उनसे पूछा था, "यूक्रेन की सुरक्षा सहायता पर क्या हो रहा है?"

बुधवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप ने जेलेंस्की से मांग करने की बात से इनकार किया. उन्होंने सोंडलैंड को यूक्रेन के मामले में 9 सितंबर को उनके साथ हुई बातचीत की याद दिलाई है. बातचीत की प्रतिलिपियों से पढ़ कर ट्रंप ने बताया कि उन्होंने सोंडलैंड से कहा, "मैं कुछ नहीं चाहता. मैं कुछ नहीं चाहता. मैं कोई बदला नहीं चाहता. जेलेंस्की को कहो कि वह सही काम करें." ट्रंप ने कमेटी से कहा, "अगर यह लड़ाई कुछ ईनाम पाने की ख्वाहिश में चल रही है तो इसे रोक देना चाहिए."

उधर डेमोक्रैट सांसदों की बहस में जो बाइडेन अपने बेटे के बारे में पूछे गए सवाल को तो टाल गए लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि इस गवाही ने यह दिखा दिया है, "डॉनल्ड ट्रंप नहीं चाहते कि मैं उम्मीदवार बनूं."

राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी पाने की इच्छा रखने वाले एक और अमेरिकी नेता बर्नी सांडर्स ने कहा "ट्रंप आधुनिक अमेरिका के इतिहास में सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति हैं."

एनआर/एके(एएफपी)

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