ट्रंप का विरोध करने की वजह से एथलीटों पर लग सकता है प्रतिबंध | दुनिया | DW | 12.08.2019
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दुनिया

ट्रंप का विरोध करने की वजह से एथलीटों पर लग सकता है प्रतिबंध

पैन अमेरिकी खेलों में राष्ट्रपति ट्रंप का विरोध करने की वजह से एथलीटों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. ग्वेन बेरी और रेस इमबोडेन ने विरोध के जरिए अमेरिका में सामाजिक मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है.

संयुक्त राज्य ओलंपिक और पैरालंपिक समिति (यूएसओपीसी) उन एथलीटों के खिलाफ कठोर कदम उठा सकती है, जिन्होंने पेरू में पैन अमेरिकी खेलों में पदक लेने वाले मंच पर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प का विरोध किया था. दरअसल बीते शुक्रवार को फेंसर रेस इमबोडेन ने पूर्व एनएफएल क्वार्टरबैक कॉलिन कैपरनिक की तरह टीम फॉइल इवेंट में अमेरिका को स्वर्ण मिलने पर घुटना टेककर जश्न मनाया.

इमबोडेन ने टि्वटर पर लिखा, "इस सप्ताह मुझे पैन एम गेम्स में अमेरिका की टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए सम्मानित किया गया है. मैं स्वर्ण और कांस्य पदक लेकर घर लौटा. हालांकि मेरा अभिमान देश की कई कमियों वजह से कम हो गया है, जिन्हें मैं अपने दिल से बहुत प्यार करता हूं. नस्लवाद, गन कंट्रोल, आप्रवासियों के साथ दुर्व्यवहार और राष्ट्रपति, जो नफरत फैलाने वाले सूची में सबसे ऊपर हैं."

"अन्याय के चरम" और "एक राष्ट्रपति जो उसे और बुरा बना रहे हैं" का विरोध करते हुए ग्वेन बेरी ने ब्लैक पावर का मुद्दा उठाया क्योंकि शनिवार को महिलाओं के लिए अपने पदक समारोह में अमेरिकी राष्ट्रगान बंद कर दिया गया था. इसे बंद करने की घटना ने  ने 1968 के ओलंपिक में अमेरिकी स्प्रिंटर्स टॉमी स्मिथ और जॉन कार्लोस के संयुक्त विरोध की याद दिला दी. बेरी ने नेशनल ब्रॉडकास्टर यूएसए टुडे से कहा, "कुछ ना कहना भी बहुत जरूरी है. ऐसा कर के भी बहुत कुछ कहा जा सकता है."

यूएसओपीसी के संवाद उपाध्यक्ष मार्क जोन्स ने कहा कि शासी निकाय के सदस्य इस बात पर विचार करेंगे कि वे बेरी और इमबोडेन पर कौन से प्रतिबंध लगा सकते हैं. ये दोनों 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक में अमेरिका का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं. ईएसपीएन को जारी एक बयान में उन्होंने कहा, "2019 पैन अमेरिकी खेलों में शामिल होने वाला प्रत्येक एथलीट उन शर्तों को स्वीकार करता है और उसमें यह भी शामिल है कि उसे किसी तरह के राजनीतिक प्रदर्शनों से बचना है. इन मामलों में एथलीटों ने उन शर्तों का पालन नहीं किया जो उन्होंने आयोजन समिति और यूएसओपीसी के साथ की थी. हम उनके विचार को अभिव्यक्त करने के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्होंने अपने वादे का सम्मान नहीं किया, इस बात को लेकर हम दुखी हैं."

लीमा में आयोजित समारोह में भी ओलंपिक एथलेटिक्स के दिग्गज कार्ल लुईस ने ट्रंप की आलोचना की. समारोह में लुईस ने खेल में लैंगिक समानता और समान वेतन के सवाल पर कहा, "हमारे एक राष्ट्रपति हैं जो नस्लवादी हैं और महिला जाति से ही नफरत करते हैं. खुद के अलावा वे किसी को महत्व नहीं देते हैं." लुईस ने अब तक 10 ओलंपिक मेडल जीते हैं, जिसमें से 9 स्वर्ण है. 30 की उम्र के बाद और शाकाहारी खाना खाने के बावजूद 1991 में उन्होंने 100 मीटर की दौड़ में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. वे कहते हैं, "मेरे माता-पिता शिक्षक थे और उन्होंने हमें सिखाया कि हर किसी को समान अवसर मिलना चाहिए. मैं एथेलेटिक्स में समान वेतन के लिए हूं."
आरआर/एनआर(एएफपी, एपी)

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