ज्यादा आलू और मैदे से स्तन कैंसर | विज्ञान | DW | 27.07.2012
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विज्ञान

ज्यादा आलू और मैदे से स्तन कैंसर

जो महिलाएं अधिक स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट वाला खाना यानी ज्यादा आलू और मैदा खाती हैं उनमें स्तन कैंसर का खतरा ज्यादा होता है. एक नई रिसर्च में जिस तरह के कैंसर के बारे में पता चला है वह काफी असामान्य है.

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन नाम की पत्रिका में छपी यह रिसर्च यूरोपीय महिलाओं पर की गई है. शोध के लिए तीन लाख 35 हजार महिलाओं के आंकड़ों को जमा किया गया. कई सालों तक इन बातों पर नजर रखी गई कि उन्हें कौन कौन सी बीमारियां हुई हैं और उनकी जीवन शैली कैसी है. वे क्या खाती हैं इसे भी दर्ज किया गया. 12 साल बाद इनमें से 11,576 महिलाओं में स्तन कैंसर पाया गया. यह शोध फ्रांस की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ने किया है.

शुरुआत में खाने पीने की आदतों को कैंसर से जोड़ कर नहीं देखा गया. लेकिन बाद में अधिक उम्र की महिलाओं पर शोध करते हुए पाया गया कि जिन महिलाओं का मासिक धर्म बंद हो चुका है उनमें ईआर निगेटिव कैंसर का खतरा ज्यादा है. ईआर नेगेटिव या एस्ट्रोजन रिसेप्टर निगेटिव ऐसी कैंसर कोशिकाएं होती हैं जिन्हें बढ़ने के लिए अन्य कैंसर कोशिकाओं की तरह एस्ट्रोजन प्रोटीन की जरूरत नहीं होती. कैंसर को रोकने के लिए एस्ट्रोजन से लड़ने वाले हारमोन दिए जाते हैं. लेकिन ईआर निगेटिव कैंसर पर इन हारमोन का कोई असर नहीं होता. ब्रेस्ट क्लेंसर के कुल मामलों में एक चौथाई ईआर निगेटिव के कारण होते हैं. ईआर पॉजिटिव की तुलना में इनकी जांच काफी देर में हो पाती है. ये बहुत तेजी से फैलते हैं और हारमोन का भी इन पर कोई असर नहीं होता.

ग्लाइसेमिक लोड यानी स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट ज्यादा लेने वाली महिलाओं में यह अधिक पाया गया. सबसे ज्यादा ग्लाइसेमिक लोड लेने वाली बीस प्रतिशत महिलों में से 158 को स्तन कैंसर हुआ. जबकि सबसे कम ग्लाइसेमिक लोड लेने वाली बीस प्रतिशत महिलाओं में केवल 11 में ही स्तन कैंसर पाया गया. यानी भारी मात्रा में स्टार्च लेने वाली महिलाओं में खतरा 36 फीसदी ज्यादा है. ग्लाइसेमिक लोड की श्रेणी में आलू, मैदा, मिठाई और प्रोसेस्ड फूड आते हैं. इस तरह के खाने से शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है. इंसुलिन ज्यादा होने से शरीर में ट्यूमर फैलने लगते हैं.

कैलिफोर्निया के कैंसर प्रिवेंशन इंस्टीटयूट की क्रिस्टीना क्लार्क का कहना है कि ईआर निगेटिव कैंसर के बारे में बहुत कम जानकारी मौजूद है, "यह शोध हमें भविष्य के लिए जरूरी जानकारी दे रहा है." क्लार्क ने कहा कि इस रिसर्च की मदद से इंसुलिन और ईआर निगेटिव कैंसर के बीच के संबंध के बारे में पता चल रहा है. क्लार्क ने महिलाओं को स्वस्थ खाना खाने की हिदायत देते हुए कहा है कि महिलाओं को फल, सब्जियों और ऐसी खाने की चीजों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जिनमें प्रोटीन और रेशेदार खाना की मात्रा ज्यादा हो.

आईबी/ एमजी (रॉयटर्स)

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