जेपीसी बनाना इंस्टेंट कॉफी नहीं: मुखर्जी | दुनिया | DW | 24.04.2010
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दुनिया

जेपीसी बनाना इंस्टेंट कॉफी नहीं: मुखर्जी

भारत सरकार ने इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया है कि आईपीएल मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति बनाई जाएगी. वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि जांच परख करने के बाद इस पर फ़ैसला होगा.

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प्रणव मुखर्जी ने शुक्रवार को संसद में कहा, "आईपीएल मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के गठन के बारे में निर्णय सही प्रक्रिया के बाद लिया जाएगा. ये इंस्टंट कॉफ़ी या फिर तुरंत फ़ैसले से नहीं हो सकता. लोकसभा में मुखर्जी ने कहा, मैं आपकी भावनाएं प्रधानमंत्री तक पहुंचा दूंगा. और जब सरकार कोई फ़ैसला ले लेगी तो हम संसद में इसे पेश करेंगे. थोड़ा इंतज़ार कीजिए."

लेकिन विपक्षी दल मुखर्जी के जवाब से आश्वस्त नहीं हुए और संसदीय समिति को तुरंत गठित करने की मांग करते रहे. इस हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने संसद की कार्रवाई दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी वहीं राज्य सभा की कार्रवाई को ढाई बजे तक स्थगित की गई.

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी का कहना था कि विपक्ष की मांग के साथ ही उन्होंने सदन को सूचना दे दी है और संबंधित विभागों ने कार्रवाई शुरू कर दी है.

Sushma Swaraj, Politikerin

संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग

विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज का कहना था कि आईपीएल का मामला "हर दिन और गंभीर होता जा रहा है." स्वराज का कहना था कि एक मंत्री ने आरोपों के बाद त्यागपत्र दे दिया और दो और मंत्रियों के नाम आईपीएल मामले में आ रहे हैं ऐसे में संसदीय समिति का गठन करना ज़रूरी है.

विपक्ष की नेता ने इस बात का भी विरोध किया कि दिल्ली से कोयम्बतूर जाने वाली एयरइंडिया की यात्री उड़ान को अचानक क्रिकेटरों को ले जाने के लिए चंडीगढ़ से चेन्नई भेजा गया और यात्रियों को बाद वाली उड़ान लेने को कहा गया. सुषमा स्वराज ने कहा, "आईपीएल का पूरा मामला जांचा जाना चाहिए. हालांकि ये कहा गया कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन हम महसूस करते हैं कि जांच एजेन्सियां पूरा सच सामने नहीं ला पाएंगी, पहले दिन से हम मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया जाना चाहिए."

रिपोर्टः पीटीआई/आभा मोंढे

संपादन: महेश झा

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