जिहादियों के संदिग्ध बीवी-बच्चे वापस लाया जर्मनी | दुनिया | DW | 31.03.2022

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दुनिया

जिहादियों के संदिग्ध बीवी-बच्चे वापस लाया जर्मनी

सीरिया के एक कारावास शिविर से जर्मनी कई संदिग्ध महिलाओं और उनके बच्चों को वापस अपने देश ले कर आया है. आशंका है कि यह महिलाएं इस्लामिक स्टेट में शामिल हुई होंगी.

जर्मनी पहुंचने के बाद चार महिलाओं को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया

जर्मनी पहुंचने के बाद चार महिलाओं को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया

बुधवार को 27 जर्मन बच्चे और 10 महिलाएं उत्तर पूर्वी सीरिया के रोज कैंप से जर्मनी लाए गए. सभी औरतों पर इस्लामिक स्टेट के लिए काम करने का संदेह है. गुरुवार को जर्मन विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक ने इनके जर्मनी आने की जानकारी दी. बेयरबॉक ने बताया, "ये 27 बच्चे इस्लामिक स्टेट के पीड़ित हैं और उन्हें उस घातक विचारधारा से दूर हो कर एक बेहतर भविष्य और सुरक्षा में रहने का हक है. मांओं को उनके कदमों की जिम्मेदारी लेनी होगी. इनमें से कुछ को यहां पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया है."

जर्मनी पहुंचे ही गिरफ्तार

फ्रैंकफर्ट में संघीय पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि जर्मन नागरिकता वाली 10 माएं और 27 बच्चों को विशेष उड़ान के जरिए यहां लाया गया है. इनमें से कई महिलाओं के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ है. इन औरतों की उम्र 23 से 36 साल के बीच है. इन पर आतंकवाद से जुड़े अपराध करने का संदेह है. प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.

उत्तर पूर्वी सीरिया में बड़ी संख्या में ऐसी औरतें और बच्चे रह रहे हैं.

उत्तर पूर्वी सीरिया में बड़ी संख्या में ऐसी औरतें और बच्चे रह रहे हैं.

इससे पहले जर्मन अखबार बिल्ड ने खबर दी थी कि महिलाओं ने इस्लामिक स्टेट के लिए काम किया था और संघीय महाभियोजक ने उनमें से चार के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट हासिल कर लिया था. इनमें तीन जर्मन नागरिक हैं जबकि एक महिला की जर्मनी और मोरक्को की दोहरी नागरिकता है. बाकी औरतों के खिलाफ जांच चल रही है. इनमें से एक महिला पर यजीदी महिला को गुलाम बना कर रखने और उस पर जुल्म करने के आरोप हैं. उसका पति उस यजीदी महिला का यौन शोषण भी करता था.

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महिलाएं 2017 में ही इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण वाले इलाकों से भाग कर चली आईं और कुर्दों के आगे समर्पण कर दिया जबकि कुछ महिलाएं 2019 के वसंत में इस्लामिक स्टेट के हारने तक वहीं रहीं.

यह भी पढ़ेंः अपने जिहादी नागरिकों को वापस ले यूरोप

इस्लामिक स्टेट के समर्थकों और उनके बच्चों को हाल के वर्षों में कई बार जर्मनी वापस लेकर आया है. बेयरबॉक का कहना है, "आज के कदम से ज्यादातर जर्मन बच्चे जिनकी मांग जर्मनी वापस आना चाहती हैं वो सुरक्षित हो जाएंगी. अभी भी कुछ अलग अलग मामले हैं जिनके समाधान के लिए हम काम कर रहे हैं."

बेयरबॉक ने बाकी लोगों के साथ ही उत्तरपूर्वी सीरिया में कुर्द स्वायत्त प्रशासन और अमेरिकी सहयोगियों का आभार जताया जिन्होंने इस काम में जर्मनी की मदद की.

उत्तर पूर्वी सीरिया का यह इलाका कुर्दों के नियंत्रण में है

उत्तर पूर्वी सीरिया का यह इलाका कुर्दों के नियंत्रण में है

कहां से आए कैदी

उत्तर पूर्वी सीरिया कुर्द प्रशासन के अधीन है. इस इलाके में बड़ी संख्या में इस्लामिक स्टेट के लड़ाके कुर्द प्रशासन की कैद में हैं. इसके साथ ही एक बड़ी संख्या विदेशी औरतों और उनके बच्चों की भी है जिनके पति इस्लामिक स्टेट के साथ लड़ते हुए या तो मारे गए या फिर कैद कर लिए गए.

यह भी पढ़ेंः जिहादियों को उनके देश भेज रहा है तुर्की

इनमें से बहुत सी महिलाओं को इस्लामिक स्टेट इराक और दूसरे देशों से अगवा कर के लाया था. इसके साथ ही कई यूरोपीय देशों से कुछ महिलाएं अपनी मर्जी से भी इस जंग में शामिल होने गईं थीं.

इन महिलाओं के पास यूरोपीय देशों की नागरिकता है और अब उनकी जिंदगी अंधेरों में घिर गई है.  वतन लौटने के बाद भी इनके लिए दोबारा जिंदगी उतनी आसान नहीं होगी लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए इनके पास और कोई रास्ता भी नहीं है. यूरोपीय देशों में भी इन महिलाओं की वापसी को लेकर दुविधा की स्थिति रही है लेकिन आखिरकार उन्हें उन बच्चों का भविष्य देखना है जिनकी कोई गलती नहीं. इससे पहले अक्टूबर में भी जर्मनी 23 बच्चों और 8 महिलाओं को वापस ले कर आया था.

एनआर/आरपी (डीपीए, एपी)

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