जहरीले किराएदारों का खौफ | मनोरंजन | DW | 27.08.2013
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मनोरंजन

जहरीले किराएदारों का खौफ

वो बिना किराया दिए रहने वाले जीव हैं. ऑस्ट्रेलियाई घरों के किसी एक गर्म कोने में चुपचाप पड़े सर्दियां बिताते हैं. वो दुनिया के कुछ सबसे जहरीले सांप हैं.

ये जहरीले सांप चुपचाप उन शहरी इलाकों में पहुंच जाते हैं, जहां गंदगी के आस पास के चूहे उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं.

सिडनी में सांपों को पकड़ने वाले एंड्रयू मेलरोज का कहना है कि कुछ प्रजाति के सांप सर्दियों के वक्त घरों में पहुंच जाते हैं और वहां छत के बीच गर्माहट में पड़े रहते हैं. वे आम तौर पर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते, बशर्ते उन्हें छेड़ा न जाए.

वह बताते हैं, "कुछ लोग सच में डर जाते हैं. और चिल्लाने लगते हैं." उसके बाद लोग मदद के लिए मेलरोज को बुलाते हैं, "वो कहते हैं कि वो घर बार बेच कर न्यूजीलैंड जा रहे हैं, जहां सांप नहीं हैं."

पता भी नहीं चलता

मेलरोज का कहना है कि दिलचस्प बात यह है कि ये सांप शायद बरसों से इन घरों में रहते हैं लेकिन इसका पता तब चलता है, जब घर में मरम्मत होती है या फिर कोई सामान इधर से उधर किया जाता है. ऑस्ट्रेलिया को दुनिया की सबसे खतरनाक प्रजाति वाले जीवों के देश के तौर पर भी जाना जाता है, जिनमें सांपों के अलावा मकड़ी, जेलीफिश और ऑक्टोपस शामिल हैं, जो चुटकी में किसी इंसान की जान ले सकते हैं.

हालांकि आम तौर पर सांपों के काटने से ऑस्ट्रेलिया में मौत का मामला गिना चुना ही आता है. साल भर में मुश्किल से एक से चार. मेलबर्न यूनिवर्सिटी में जहर रिसर्च इकाई के केन विंकेल कहते हैं, "ज्यादातर सांपों को हम ज्यादातर समय देखते भी नहीं हैं. कोई ऑस्ट्रेलियाई अपने जीवनकाल में शायद ही कोई सांप देखता है."

सांप काटने के ज्यादातर मामले गांवों में होते हैं, हालांकि कई बार शहरों से भी ऐसी खबरें आती हैं. विंकेल का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा खतरा ब्राउन स्नेक से है, जो छह फीट से भी लंबा होता है और पूरे देश में पाया जाता है.

बच्चों से खतरा

उनका कहना है कि आम तौर पर सांप इंसानों से दूर ही रहते हैं लेकिन कई बार बच्चों का कौतूहल मुसीबत बन जाता है. पिछले साल जब एक बच्चे को कुछ अंडे मिले, तो उसने उन्हें अपनी अलमारी में छिपा दिया. खतरनाक ब्राउन स्नेक अपने अंडों को खोजता हुआ वहां तक पहुंच गया. वह तो बच्चे की खुशकिस्मती थी कि सांप ने उसे काटा नहीं. बाद में इस सांप को जंगल में छोड़ दिया गया.

मेलरोज का कहना है कि वह लोगों को सलाह देते हैं कि वे सांपों को छेड़ें नहीं, "वो आम तौर पर नुकसान नहीं पहुंचाते और अपना रास्ता खोज लेते हैं. वो वैसे ही रहना चाहते हैं, जैसे 20-30 साल से रह रहे हैं. कई इलाकों में वे चुपचाप लोगों के साथ रहते हैं."

जिम और कैरोलिन ब्लैंड ऐसे दंपति हैं, जिन्हें इस बात का पता भी नहीं था कि बरसों से सिडनी में उनके घर की छत पर सांप है. जिम ने बताया, "हमने एक बार अपने घर के पिछवाड़े में सांप की केंचुली देखी. लेकिन हमने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दी." इसके बाद वो अपने काम में लग गए. हाल में जब वो अपने छत की टाइल बदल रहे थे, तो उन्हें वहां एक सांप मिला, जो हटने को तैयार ही नहीं था. कैरोलिन का कहना है, "इसमें हमें कोई खतरा नहीं दिखा क्योंकि हमें तो पता ही नहीं था कि वहां सांप है. और वे बिना जहर वाले ग्रीनट्री स्नेक हैं. हमने उन्हें वहीं छोड़ दिया क्योंकि उन्हें भी तो कोई जगह चाहिए."

एजेए/एमजे (एएफपी)

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