जर्मन खुफिया एजेंसी में पहला विदेशी मूल का अधिकारी | दुनिया | DW | 22.01.2019
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

जर्मन खुफिया एजेंसी में पहला विदेशी मूल का अधिकारी

आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञ सिलान सेलेन को जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी फरफासुंग्सशुत्स का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया. वह इतने ऊंचे पद पर नियुक्त होने वाले विदेशी मूल के पहले अधिकारी हैं.

कोलोन में स्टेशन पर बैग में मिले बम कांड, जॉवरलैंड इलाके में कट्टरपंथी इस्लामी गुट की जांच या फिर आतंकी खतरे के कारण हनोवर में फुटबॉल मैच रद्द किया जना, सिनान सेलेन के लिए आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष और संभावित हमलों से लोगों की रक्षा रोजमर्रा का काम रहा है.

इससे पहले जर्मनी अपराध कार्यालय (बीकेए), जर्मन संघीय पुलिस और जर्मन गृह मंत्रालय के अलावा उन्होंने पर्यटन उद्योग में भी काम किया है. अब कानूनविद् सेलेन को घरेलू खुफिया एजेंसी के दो उपाध्यक्षों में से एक उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

1972 में इस्तांबुल में जन्मे सेलेन विदेशी मूल के पहले अधिकारी हैं जिन्हें जर्मनी की सुरक्षा व्यवस्था में इतना ऊंचा पद मिला है. जर्मन सरकार का यह फैसला विवादों से अछूता नहीं है. अति वामपंथी दैनिक नॉये वेल्ट ने इसे तुर्की और कुर्द मूल के वामपंथियों के लिए बुरी खबर बताया तो अति दक्षिणपंथी कोने से इंटरनेट पर नफरत भरी प्रतिक्रियाएं हुई हैं.

Deutschland Verstärkte Polizeipräsenz am Flughafen Stuttgart (Imago/A. Hettrich)

जर्मनी में हाल के सालों में चरमपंथी खतरा बढ़ा है

सेलेन चार साल की उम्र में अपने माता पिता के साथ तुर्की से कोलोन आए जहां उनका बचपन और जवानी गुजरी. कोलोन में कानून की पढ़ाई करते हुए उन्होंने जो विषय चुने थे, वह उनके भावी करियर का संकेत दे रहे थे. पुलिस कानून, यूरोपीय कानून, प्रशासनिक कानून. पढ़ाई के बाद उन्होंने जर्मन अपराध कार्यालय में नौकरी ली और सन 2000 से विभिन्न विभागों में काम किया. बर्लिन में सुरक्षा ग्रुप के लिए काम करते समय वे चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर की सुरक्षा के लिए भी जिम्मेदार थे.

शुरू से ही सेलेन के काम के केंद्र में आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष रहा है. 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले के बाद वे बीकेए की एक विसेष टीम के सदस्य थे जो हैम्बर्ग से आए हमलावरों की जांच कर रहा था. कोलोन में ट्रेन में बैग में बमों के पाए जाने के बाद उन्होंने अपराधियों की खोज की थी. इस जांच में मिली कामयाबी उन्हें गृह मंत्रालय ले गई जहां वे गृहमंत्री वोल्फगांग शौएब्ले के तहत आतंकवाद विरोधी विभाग के प्रमुख थे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए भी जिम्मेदार थे.

आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देश

2015 में शरणार्थी संकट के समय सेलेन को यूरोपीय संघ और तुर्की के बीच शरणार्थी संधि को बचाने के प्रयासों के तहत जर्मन सरकार का तुर्की के लिए प्रभारी दूत बनाया गया था. 2016 में सेलेन ने सरकारी नौकरी छोड़कर पर्यटन कंपनी टुई में नौकरी ले ली जहां वे कंपनी में कर्मचारियों, जहाजों और विमानों के अलावा ग्राहकों की सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदार थे. प्रमुख पर्यटन वाले देशों में आतंकी हमलों के बाद सेलेन ने कंपनी के लिए सुरक्षा प्रबंधन ढांचा बनाया.

अब सिलान सेलेन फिर से सरकारी नौकरी में लौट आए हैं. अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने के अलावा काउंटर इंटेलिजेंस और साइबर अपराध को रोकना उनकी जिम्मेदारी होगी.

एमजे/एके (एएफपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन