जर्मनी से डिपोर्ट किए जा रहे रिफ्यूजी को बचाने उमड़े सैकड़ों स्थानीय लोग | दुनिया | DW | 11.07.2019
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दुनिया

जर्मनी से डिपोर्ट किए जा रहे रिफ्यूजी को बचाने उमड़े सैकड़ों स्थानीय लोग

जर्मनी के लाइपजिष शहर में जब एक आप्रवासी को डिपोर्ट करने के मकसद से उसे लेने पुलिस वहां पहुंची तो सैकड़ों स्थानीय लोग इसके विरोध में आ खड़े हुए. पुलिस के साथ संघर्ष में कई लोग घायल भी हुए.

Deutschland Abschiebung abgelehnter Asylbewerber | Flughafen Leipzig-Halle (picture-alliance/dpa/H. Schmidt)

फाइल फोटो: अप्रैल 2017 में ट्यूनीशियाई मूल के एक आप्रवासी को शरण ना मिलने के बाद लाइपजिष से डिपोर्ट किए जाने की तस्वीर.

कई सौ लोग सड़कों पर उतर आए और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए उसमें बाधा डाली. जर्मनी के पूर्व में स्थित शहर लाइपजिष की इस घटना में पुलिस एक आप्रवासी को लेने पहुंची थी. पुलिस के प्रवक्ता ने जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए को बताया कि इस कार्रवाई ने हिंसक रूप ले लिया जब सैकड़ों लोग पुलिस के काम के बीच में आ गए.

हालांकि विदेशी मूल के उस पुरुष आप्रवासी के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया गया है. लेकिन इतनी जानकारी है कि कम से कम 30 स्थानीय लोगों ने उसे ले जाने से रोकने की कोशिश की. फिर भी पुलिस उसे ले जाने में सफल रही. घटनास्थल पर तकरीबन 500 लोगों के इकट्ठा होने की खबर है.

बताया जा रहा है कि यह कोई सुनियोजित विरोध प्रदर्शन नहीं था बल्कि डिपोर्ट किए जाने की सूचना मिलने पर लोगों ने इसका विरोध करने का फैसला किया. विरोधकर्ताओं ने पुलिस पर बीयर की बोतलें और पत्थर फेंके. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लोगों पर पेपर स्प्रे छिड़का.

ग्रीन पार्टी के एक स्थानीय नेता युर्गेन कासेक ने ट्वीट कर लिखा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी और वहां कई लोग घायल हुए. पुलिस ने अब तक घायलों या किसी गिरफ्तारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. 

लाइपजिष जर्मन शहरों ड्रेसडेन और खेमनित्स के पास पड़ता है जहां कई बार आप्रवासियों के विरोध में रैलियां और विरोध प्रदर्शन भी देखे गए हैं. 

आरपी/आईबी (डीपीए)

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