जर्मनी में बापू की 150वीं जयंती दो साल तक मनेगी | दुनिया | DW | 03.10.2018
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दुनिया

जर्मनी में बापू की 150वीं जयंती दो साल तक मनेगी

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर जर्मनी में दो साल तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे. बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास ने दो अक्टूबर को मशहूर मावर म्यूजियम हाउस से इनकी शुरुआत की.

महात्मा गांधी की 149वीं जयंती के मौके पर मंगलवार को भारतीय राजदूत मुक्ता दत्ता तोमर कभी पूरब और पश्चिम बर्लिन को बांटने वाली बर्लिन दीवार पर बने चेकपॉइंट चार्ली स्थित मावर म्यूजियम में गांधीजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए. साथ ही उन्होंने आज के दौर में अहिंसा, समानता, मानवता और सत्य में विश्वास जैसे गांधीजी के मूल्यों की प्रांसगिकता को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि हिंसा, असमानता, फेक न्यूज के इस दौर में ये मूल्य और भी जरूरी हो गए हैं.

भारतीय राजदूत ने जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल के कथन का भी जिक्र किया जो गांधीजी को " एक साहसी नेता, भारतीय राष्ट्र का महान बेटा और अहिंसक प्रतिरोध का अगुवा मानती हैं." म्यूजियम की निदेशक अलेंक्सांद्रा हिल्डेब्रांट ने इस मौके पर कहा कि गांधीजी की प्रतिमा उनके संग्रहालय की सबसे अमूल्य धरोहर है.

गांधीजी की 150वीं जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला में भारतीय दूतावास ने एक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता भी शुरू की है. दूतावास के फेसबुक और ट्विटर पेज पर जाकर इसमें हिस्सा लिया जा सकता है. एक साल तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक इनाम दिए जाएंगे.

गांधीजी की जयंती को 2007 में संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया था. भारतीय स्वाधीनता संग्राम के नायक गांधीजी ने अहिंसा को ही अपने संघर्ष में अचूक अस्त्र की तरह प्रयोग किया. अपने विचारों और अनूठी जीवनशैली की बदौलत आज भी गांधी दुनिया भर के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं.

गांधी जी को अपनी प्रेरणा मानने वालों में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, महान अमेरिकी समाज सुधारक मार्टिन लूथर किंग और तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा जैसी शख्सियतें शामिल हैं.

 

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