जर्मनी में बच्चों के यौन शोषण का सबसे बड़ा मुकदमा शुरू | दुनिया | DW | 10.08.2020
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दुनिया

जर्मनी में बच्चों के यौन शोषण का सबसे बड़ा मुकदमा शुरू

जर्मन पुलिस एक रूटीन सर्च के तहत योर्ग एल. के घर पहुंची. पड़ोसियों से पूछताछ तक सब सामान्य था. लेकिन जब पुलिस ने कंप्यूटर खंगालना शुरू किया तो जर्मनी में बच्चों के साथ यौन अपराध का सबसे बड़ा ममामला सामने आया.

जर्मनी के बेर्गिश ग्लादबाख कस्बे में एक आम दोमंजिला घर. सपाट छत, ठीक ठाक गार्डन. घर जर्मनी के पांचवें बड़े शहर कोलोन से भी ज्यादा दूर नहीं. बाहर से देखने पर लगा जैसे कि इस घर में रहने वाले सामान्य जिंदगी जीते होंगे. "पड़ोसी उन्हें एक अच्छा और सामान्य परिवार बताते थे.” ये शब्द 21 अक्टूबर 2019 को योर्ग एल के घर की तलाशी लेने पहुंची पुलिस अधिकारी लीजा वागनर के हैं.

लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस को 43 साल के योर्ग के घर से चाइल्ड पोर्नोग्राफी की फिल्में और तस्वीरें मिलीं. इसके बाद संघीय जर्मनी के इतिहास में चाइल्ड सेक्स अब्यूज की सबसे बड़ी जांच शुरू हुई. एक कुक और होटल मैनेजर योर्ग एल. पर अपनी बेटी के साथ कई बार यौन दुर्व्यवहार के आरोप हैं. बेटी 2017 में पैदा हुई. अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी ने कई बार यौन दुर्व्यवहार किया, उन्हें फिल्माया और इंटरनेट पर चैट ग्रुप्स में शेयर किया. यौन दुर्व्यवहार तब शुरू हुआ जब बच्ची की उम्र तीन महीने से भी कम थी. योर्ग एल. पर बच्चों से यौन दुर्व्यवहार के 79 मामले हैं.

तफ्तीश में 300 अधिकारी शामिल

कोलोन की पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित की. अभी भी 130 जांचकर्ता कई टेराबाइट बड़े वीडियो और इमेज डाटाबेस की पड़ताल कर रहे हैं. लीजा वागनर कहती हैं, "जो कोई भी ऐसे वीडियो या ऐसी तस्वीरों को देखेगा, उन पर हमेशा के लिए इनकी छाप रहेगी. यहां तक की अनुभवी जांचकर्ताओं पर भी.” वागनर भी यह ‘खौफनाक चीजें' देख चुकी हैं.

Polizei Köln, BAO Mitarbeiter*innen

लीजा वागनर जांच से जुड़ी पुलिस अधिकारी हैं

मामले की जांच से जुड़े तीन जांचकर्ताओं को तो ऐसा सदमा पहुंचा कि वे बीमार होकर छुट्टी पर चले गए. वागनर खुद भी एक मां हैं. वह कहती हैं, यह मौका है "कि ऐसे अपराधियों की पहचान की जाए, बच्चों को ऐसे परिवारों से बाहर निकाला जाए और इस दुर्व्यवहार पर पूरी तरह बंद किया जाए.”

जांचकर्ताओं ने अब तक करीब 50 बच्चों को शोषणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया है. इनमें एक तीन महीने की बच्ची भी है. कोलोन के सरकारी अभियोजक मार्कुस हार्टमन, 2016 से नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया राज्य के साइबर क्राइम शाखा के प्रमुख भी हैं. वह कहते हैं कि जिन संदिग्धों की पहचान की गई है उनकी संख्या 87 है.

बच्चों से यौन अपराध का जाला

87 मामलों की जांच के दौरान ऐसी कई कड़ियां मिलीं जिनसे नए संदिग्धों तक पहुंचा जा रहा है. डीडब्ल्यू से बातचीत में हार्टमन ने कहा, "यह कोई एकाकी मामले नहीं हैं, हर दुर्व्यवहार के पीछे कम्युनिकेशन स्ट्रक्चर का एक जाल होता है, जो हमारी मौजूदा समीक्षा के मुताबिक ऐसे दुर्व्यवहार में मदद करता है, उनके लिए उकसाता है और उन्हें बढ़ावा देता है.”

पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है यह अभी तक साफ नहीं है. जून 2020 में नॉर्थ राइन वेस्टफेलिया प्रांत के न्याय मंत्री पेटर वीजेनबाख ने कहा कि जांचकर्ताओं को 30,000 से ज्यादा संदिग्ध अपराधियों के सुराग मिले हैं. वीजेनबाख ने माना कि अपराध का आयाम देखकर वे खुद बेहद आहत हैं.

Deutschland Markus Hartmann, Staatsanwaltschaft Köln (ZAC NRW)

सरकारी वकील मार्कुस हार्टमन

जांचकर्ताओं के मुताबिक ऐसे चैट ग्रुप मिले हैं जिनके 1,800 से ज्यादा सदस्य हैं. हार्टमन कहते हैं, चैट्स में एक दूसरे का साथ संवाद करने के दौरान ये लोग एक दूसरे को यह कहकर प्रोत्साहित करते थे कि बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार समाज में स्वीकार्य यौन रुझान है.” हार्टमन ने बताया कि चैट ग्रुपों में लोग इसे समान सोच वाले लोगों का संवाद कहते थे और एक दूसरे को इस बात का भरोसा दिलाते थे कि वे सब सामान्य बर्ताव कर रहे हैं. और "यह वे उन बच्चों के साथ कर रहे हैं जो सहमति से इसमें शामिल हुए हैं.”

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दरकार

हार्टमन के मुताबिक जांचकर्ता सबूत जुटाने के पांपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए डिजिटल सबूत जुटा रहे हैं. वे पूरे देश और विदेशों से संपर्क साध रहे हैं. लेकिन इस अपराध से निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कमी महसूस की जा रही है. अलग राजनीतिक और न्याय व्यवस्था के साथ साथ औपचारिकताओं की भिन्न प्रक्रिया के कारण मुश्किलें आ रही है. हार्टमन कहते हैं, "हमारे सामने यूरोप के मामले भी थे, जिनमें हम संबंधित अंतरराष्ट्रीय साझेदार के साथ कुछ ही घटों के भीतर साझा ऑपरेशन करने में सफल रहे.”

यूरोपीय काउंसिल के अनुमान के मुताबिक यूरोप में 20 फीसदी बच्चे यौन दुर्व्यवहार झेलते हैं. पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2019 में नाबालिगों के साथ यौन दुर्व्यवहार के 15,936 मामले सामने आए. चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों की संख्या 12,262 थी. तीन हजार ऐसे मामले थे जिनमें वयस्कों ने सेक्स अपराध के इरादे से बच्चों को लालच या प्रलोभन दिया. ये तो सिर्फ आधिकारिक आंकड़े हैं. अगर आरोप साबित हुए तो योर्ग एल. को 15 साल कैद की सजा हो सकती है.

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