जर्मनी में टेस्ला का प्लाांट लगाने पर क्यों मची है हलचल | दुनिया | DW | 15.11.2019
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दुनिया

जर्मनी में टेस्ला का प्लाांट लगाने पर क्यों मची है हलचल

बर्लिन के निकट इलेक्ट्रिक कार प्लांट लगाने की घोषणा कर टेस्ला के मालिक इलॉन मस्क ने कार उद्योग में हलचल मचा दी है. इस फैसले से वे रोजगारों के अलावा जर्मनी के कार उद्योग को फायदा पहुंचने की उम्मीद है.

इलेक्ट्रिक कारों का भविष्य अभी तय नहीं हुआ है. बैटरी के और बेहतर होने के अलावा उसकी रिसाइक्लिंग की समस्या का भी अभी समाधान नहीं हुआ है. बावजूद इसके कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करने के लिए फिलहाल इलेक्ट्रिक कारों को ही रामबाण समझा जा रहा है. आने वाले छह वर्षों में जर्मनी ने ग्राहकों को इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर सबसिडी देने के अलावा करीब 100,000 बैटरी चार्जिंग स्टेशन खोलने का भी लक्ष्य रखा है. जर्मन सरकार के इस फैसले के बीच ही टेस्ला के प्रमुख ने अचानक बर्लिन के निकट एक प्लांट खोलने की घोषणा की है जो एक साल के अंदर कारों का उत्पादन शुरू कर देगा.

कोई शक नहीं कि टेस्ला का लक्ष्य जर्मनी में मिलने वाली सबसिडी का लाभ उठाकर अपनी कारों को बाजार में सफल बनाना है. हो सकता है कि टेस्ला के चीन के मौजूदा कारखाने में कार सस्ती बने, लेकिन जर्मनी ने इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहन देने की अदम्य इच्छाशक्ति दिखाई है. इस नए ठिकाने का इस्तेमाल टेस्ला रिसर्च और विकास के लिए भी कर सकती है. हालांकि टेस्ला ने शंघाई में भी भारी निवेश कर रखा है और बिजली की कीमत के मामले में जर्मनी सस्ता नहीं है, लेकिन हवाई अड्डे के निकट मिलने वाली जमीन, उपलब्ध ऑटोमोबिल क्लस्टर और कुशल कर्मचारियों की मौजूदगी ने टेस्ला के जोखिम को आसान कर दिया है.

इलॉन मस्क की घोषणा से सबसे ज्यादा उत्साहित हैं छोटी सी जगह ग्रुइनहाइडे के लोग जहां टेस्ला का प्लांट लगाने का इरादा है. इस घोषणा के साथ ग्रुइनहाइडे सुर्खियों में तो आ ही गया है प्लांट के बनने के साथ ही वह कार बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय जगहों की सूची में आ जाएगा. इलाके के राजनीतिज्ञों की उम्मीद है कि कार कारखाना बनने से हजारों रोजगार पैदा होंगे उसके बाद और निवेश भी आएगा.

China Automobilindustrie l Tesla Gigafactory 3 in Shanghai (Imago Images/VCG)

शंघाई में टेस्ला का प्लांट

कारखाना बर्लिन के बाहर हाइवे पर बनेगा और ब्रांडेनबुर्ग के उद्योग मंत्री योर्ग श्टाइनबाख को उम्मीद है कि कारखाना बनाने के दौरान 3000 रोजगार के मौके बनेंगे. टेस्ला की योजना है कि कारखाने का निर्माण 2020 की पहली तिमाही में शुरू हो जाएगा और कार का उत्पादन 2021 से चालू होगा. टेस्ला के पास सरकारी अनुमतियों के लिए कुछ ही महीने हैं. उद्योग मंत्री श्टाइनबाख कहते हैं, "उन्हें दस्तावेज इस तरह पूरे तौर पर देने चाहिए कि जल्द जांच संभव हो सके."

इलाके के वाणिज्य व व्यापार संघ को उम्मीद है कि टेस्ला के आने से कई दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश होगा. संघ के प्रमुख गुंडॉल्फ शुल्के का कहना है कि इस तरह के औद्योगिक उद्यम अपने साथ अपने जैसे दूसरे उद्यमों को भी आकर्षित करते हैं. इसके अलावा टेस्ला को सर्विसिंग, सुरक्षा, हीटिंग, सफाई और कैटरिंग जैसे क्षेत्रों में सर्विस प्रोवाइडरों की जरूत होगी. इन क्षेत्रों में भी नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद की जा रही है. ग्रुइनहाइडे पोलैंड की सीमा से ज्यादा दूर नहीं है. नए रोजगारों का ये चेन पोलैंड को भी अपनी चपेट में ले सकता है.

रिपोर्ट: महेश झा (रॉयटर्स, डीपीए)

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