जर्मनी ने बदला नागरिकता कानून | दुनिया | DW | 28.06.2019
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दुनिया

जर्मनी ने बदला नागरिकता कानून

जर्मनी में नागरिकता पाना आसान नहीं रहा है, लेकिन उसे गंवाना भी मुश्किल रहा है. अब आतंकी संगठनों के लिए विदेशों में लड़ने वालों की नागरिकता छीनी जा सकती है. जर्मन संसद ने नागरिकता कानून में कई सुधार किए हैं.

जर्मनी ने आतंकवादी लड़ाकों, कई शादियां करने वालों और पहचान छुपाने वालों के लिए नागरिकता कानून में बदलाव किया है. नए कानून के अनुसार विदेशों में आतंकी संगठनों की हिंसक लड़ाई में शामिल होने वालों की नागरिकता छीनी तो जा सकती है, लेकिन इसकी एक शर्त ये होगी कि प्रभावित व्यक्ति के पास कम से कम एक और नागरिकता हो. इस कानून का असर मुख्य रूप से जर्मन नागरिकता लिए विदेशी मूल के लोगों पर होगा. सांसद मिषाएल कुफर के अनुसार इस कानून का मकसद युद्ध क्षेत्रों से आतंकवादियों और हिंसक लोगों को जर्मनी आने से रोकना है ताकि वे यहां रहने वाले लोगों के लिए खतरा न बन जाएं.

जर्मन नागरिकता कानून में बदलाव राजनीतिक विवादों के बिना नहीं हुआ है. सत्तापक्ष के सीडीयू, सीएसयू और एसपीडी पार्टियों ने इसका समर्थन किया तो विपक्षी दलों ने इसे पूरी तरह नकार दिया. धुर दक्षिणपंथी एएफडी के लिए ये कदम पर्याप्त नहीं हैं तो उदारवादी एफडीपी, वामपंथी डी लिंके और पर्यावरणवादी ग्रीन पार्टियों ने इस कदम को बढ़ा चढ़ाकर उठाया गया कदम बताया है. वामपंथी पार्टी की दलील है कि यदि एक बार नागरिकता छीनने की शुरुआत हो जाती है तो बाद में अपराधियों और राजनीतिक रूप से नापसंद लोगों की नागरिकता वापस लेने की भी मांग उठ सकती है. 

नागरिकता कानून में संशोधन के साथ नागरिकता देने के नियमों में भी सख्ती लाई गई है. भविष्य में कई शादियां करने वाले लोगों को नागरिकता नहीं दी जाएगी. पिछले महीनों में युद्ध क्षेत्रों से ऐसे बहुत से शरणार्थी आए हैं जिन्होंने एक से ज्यादा शादी कर रखी है. इसके अलावा नागरिकता लेते समय पहचान की गलत सूचना देने पर नागरिकता छीनने की अवधि को पांच साल से बढ़ाकर दस साल कर दिया गया है. इस कानून पर संसद के ऊपरी सदन बुंडेसराट में शुक्रवार को ही विचार हो रहा है.

एमजे/आरपी (डीपीए, केएनए)

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