जर्मनी की सुस्त अर्थव्यवस्था के कारण नीचे आई यूरोजोन की विकास दर | दुनिया | DW | 06.11.2019
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

जर्मनी की सुस्त अर्थव्यवस्था के कारण नीचे आई यूरोजोन की विकास दर

यूरोजोन में आर्थिक विकास की दर उम्मीद से कम रहने के आसार बन रहे हैं. जर्मनी में विकास की रफ्तार कमजोर पड़ी है तो इटली में बिल्कुल रुक ही गई है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) का कहना है कि यूरोजोन के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का संकट सर्विस सेक्टर तक फैल सकता है जो पहले से ही वैश्विक कारोबारी तनाव के कारण ठहरा हुआ है. 

आईएमएफ का कहना है कि 19 देशों वाले यूरो जोन की विकास दर इस साल 1.2 फीसदी रहने की नौबत आ गई है. इससे पहले अप्रैल में यूरोजोन की विकास दर 1.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था. पिछले साल की 1.9 फीसदी विकास दर से इसकी तुलना करें तो यह काफी कम है. आईएमएफ ने 2020 और 2021 में इसके 1.4 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है. पहले आईएमएफ ने दोनों सालों के लिए यह दर 1.5 फीसदी रहने का अंदाजा लगाया था. 

अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने की मुख्य वजह यूरोजोन की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी में विकास मंद पड़ना है. दूसरी तरफ इटली में तो आर्थिक विकास बिल्कुल ठहरा हुआ है जो इस आर्थिक जोन की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. आईएमफ ने इन दोनों देशों के विकास दर में इस साल कमी होने की बात कही है.

पहले जर्मनी का आर्थिक विकास 0.8 फीसदी की दर से होने की उम्मीद थी लेकिन अब इसे घटा कर 0.5 फीसदी कर दिया गया है. 2018 के मुकाबले यह विकास दर महज एक तिहाई है. आईएमएफ ने फ्रांस की विकास दर के अनुमान में भी कमी की है जो यूरोजोन की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. तीसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद आईएमएफ के मुताबिक फ्रांस की विकास दर 1.2 फीसदी रहने की उम्मीद है. पहले यह दर 1.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था.

धीमी पड़ती रफ्तार का मुकाबला करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने यूरोजोन की सरकारों से मौद्रिक उपायों को आजमाने के लिए कहा है. जर्मनी को साफ संकेत दिए गए हैं कि वह निवेश को बढ़ाए. आईएमएफ का कहना है कि अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार के पीछे वैश्विक कारोबारी तनाव सबसे बड़ी वजह है. इसका असर मुख्य रूप से यूरोजोन के निर्यात पर हो रहा है जो यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है. इतना ही नहीं, इस संकट का विस्तार आगे बढ़ कर सर्विस सेक्टर को भी अपने घेरे में ले सकता है. सर्विस सेक्टर का योगदान यूरोजोन की अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा है.

यूरोपीय संघ से निकलने की ब्रिटेन की अटकी प्रक्रिया भी चिंता का एक कारण है. बिना करार के ब्रेक्जिट, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ दोनों पर बुरा असर डालेगा.

अगर योजना के मुताबिक जनवरी में ब्रेक्जिट हो जाता है तो आईएमएफ ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए घोषित इस साल की विकास दर 1.2 फीसदी की पुष्टि कर देगा. यह दर बीते साल 1.4 फीसदी थी और अगले साल भी इतनी ही रहने की उम्मीद जताई गई है.

यूरोजोन में महंगाई की दर इस साल 1.2 फीसदी, अगले साल 1.4 फीसदी और 2021 में 1.5 फीसदी रहने का पूर्वानुमान आईएमएफ ने जताया है. यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने इसे 2 फीसदी के नीचे रखने का लक्ष्य तय किया है.

एनआर/एमजे(रॉयटर्स)

__________________________

हमसे जुड़ें: WhatsApp | Facebook | Twitter | YouTube | GooglePlay | AppStore

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन