जब शरीर बनने ही ना दे ट्यूमर | मंथन | DW | 04.06.2015
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मंथन

जब शरीर बनने ही ना दे ट्यूमर

हमारे शरीर का प्रतिरोधी तंत्र ट्यूमर कोशिकाओं के खतरे को भांप नहीं पाता. लेकिन एक जर्मन रिसर्चर ने कैंसर पर काबू पाने के लिए अब प्रतिरोधी तंत्र को ट्यूमर से लड़ाने का कारगर तरीका निकाला है.

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मंथन 137 में खास..

"मुझे ये बताते हुए बड़ा अफसोस हो रहा है कि आपको कैंसर है." मरीज को ऐसी जानकारी देना डॉक्टरों के लिए आसान नहीं होता. कैंसर के ज्यादातर मामलों में मरीज को मौत का खतरा साफ दिखाई पड़ता है. कैंसर के मौजूदा इलाज का मतलब है कि ट्यूमर काटना और फिर कीमोथैरेपी देकर उसके विकास को रोकना. लेकिन ज्यादातर मामलों में कैंसर फिर फैलने लगता है. लेकिन अब एक जर्मन कैंसर विशेषज्ञ कैंसर के इलाज का नया तरीका खोज रहे हैं. वो मरीज के प्रतिरोधी तंत्र को ही कैंसर से लड़ने वाला बना रहे हैं. कैंसर के इलाज में यह बहुत बड़ी खोज है.

रंग बदलने वाली मूर्तियां

गहरे समुद्र में रहने वाले कई जीव अपने शिकार और शिकारियों को ठगने में उस्ताद होते हैं. उनकी त्वचा में बहुत कम रंग होते हैं लेकिन उसके बावजूद वो किसी भी माहौल में ऐसे घुल जाते हैं कि उनकी मौजूदगी का एहसास तक नहीं होता. इन्हीं से प्रेरणा लेकर अब जर्मनी में वैज्ञानिक रंग बदलने वाली 3डी प्रिटिंग तकनीक विकसित कर रहे हैं.

अंडे बने आफत

स्टर्जन मछली, रूस, पूर्वी यूरोप और उत्तरी अमेरिका की नदियों में पाई जाती है. इसके अंडों से बेहद महंगी डिश कावियर बनती है. और यही वजह है कि इस मछली की जान पर बन आई है. रोमानिया में तो ये मछली अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है.

सामूहिक सहयोग

1987 में तीन मध्य अमेरिकी देशों अल सल्वाडोर, गुआटेमाला और होंडुरास ने अपनी साझा सीमा पर ट्रिफिनियो बायोस्फीयर रिजर्व बनाने का फैसला किया. बायोस्फीयर 221 वर्ग किलोमीटर के इलाके में फैला है. यहां बांज का घना जंगल दिखता है. लेकिन रिजर्व के आस पास के इलाके में लोगों ने गैरकानूनी ढंग से जंगल साफ किये. देखते ही देखते पूरा इको सिस्टम बिगड़ने लगा और पानी की किल्लत शुरू हो गई. अब जंगल को फिर से बसाने की तैयारी हो रही है.

रोमांच का राजा

लुत्स आइषहोल्त्स के लिए रोमांच के मायने कुछ और ही हैं. ये युवा जर्मन यूनिसाइकिल कही जाने वाली एक पहिये की साइकिल से कीर्तिमान बनाते रहते हैं. वो एक पहिये पर आप्ल्स के पर्वतों की यात्रा कर चुके हैं और 3000 मीटर हाईट वाली जर्मन की सबसे ऊंची पहाड़ी से भी उतर चुके है.

तो देखना न भूलिए मंथन, शनिवार सुबह 11 बजे डीडी नेशनल पर.

ओएसजे/एमजे

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