जब रक्षक बनने लगें भक्षक तो कहां जाएं? | दुनिया | DW | 15.10.2019
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दुनिया

जब रक्षक बनने लगें भक्षक तो कहां जाएं?

दो साल पहले आतंकवादी गुट बोको हराम ने केलु के गांव पर हमला किया. एक नाइजीरियाई फौजी ने उसे इस शर्त पर खाना और आसरा देने की पेशकश की कि वह उसके साथ सेक्स करेगी.

केलु के पास कोई चारा नहीं था. काफी समय वह उसके साथ रही. फिर वह गर्भवती हो गई, लेकिन उसे बच्चा नहीं चाहिए. इसके बाद वह नाइजीरिया के पूर्वोत्तर प्रांत बोर्नो में बेघर लोगों के लिए बने कैंप में चली गई, जहां वह भोजन के लिए अपने पड़ोसियों पर निर्भर थी. 18 साल की केलु गर्भपात कराना चाहती थी लेकिन उसे पता नहीं था कि कहां जाए. केलु कहती है, "अगर मैं इस बच्चे को जन्म देती हूं, तो अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लूंगी." केलु को लगता है कि वह दो महीने की गर्भवती है.

जब से नाइजीरिया में आतंकवादी संगठन बोको हराम की गतिविधियां बढ़ी हैं, तब से केलु जैसी गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ी है. केलु अपना असली नाम बताने से डरती है. वह कहती है, "हर किसी को पता चल जाएगा कि मैंने क्या किया है. मुझे लोग ताने मारेंगे कि बिना पति बच्चा कहां से आया. इसके अलावा मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि अपना ध्यान रख पाऊं. तो फिर मैं बच्चे की देखभाल कैसे करूंगी?"

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नाइजीरिया में गर्भपात को लेकर बहुत सख्त नियम हैं. गर्भपात की अनुमति तभी दी जाती है जब मां की जान को खतरा हो. अमेरिका की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी का अनुमान है कि नाइजीरिया में हर साल 27 लाख गर्भपात होते हैं. इनमें से ज्यादातर गर्भपात बहुत ही गोपनीय तरीके से और खतरनाक परिस्थितियों में होते हैं, जहां गरीबी और बिना पढ़ी लिखी महिलाओं की जान दांव पर लगी होती है.

स्वास्थ्य और सहायता कर्मियों का कहना है कि 2009 में बोको हराम संकट शुरू होने के बाद से असुरक्षित गर्भपातों की संख्या उत्तरी नाइजीरिया में बढ़ी है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस संकट की वजह से 18 लाख महिलाएं बेघर हुई हैं. योबे प्रांत के एक व्यस्त सरकारी क्लीनिक में सीनियर नर्स अमीनु का कहना है कि हर महीने कम से कम 40 लड़कियां या महिलाएं गर्भपात के बाद अपनी देखभाल कराने यहां आती हैं. एक दशक पहले ऐसी महिलाओं की संख्या 10 से 15 हुआ करती थी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सबसे ज्यादा मातृत्व मृत्यु दर में नाइजीरिया चौथे नंबर पर आता है. वहां हर दिन 100 महिलाएं गर्भ संबंधी जटलिताओं के कारण मर रही हैं. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाके में स्थिति और भी खराब है जहां सेना और इस्लामी चरमपंथियों के बीच लड़ाई में क्लीनिक और अस्पताल तबाह हो गए हैं. इस्लामी चरमपंथी यहां एक इस्लामी खिलाफत कायम करने के लिए लड़ रहे हैं. अमीनु कहती हैं कि गर्भपात के लिए महिलाएं और लड़कियां स्थानीय स्तर पर तैयार दवाएं बेचने वाली फार्मेसियों या फिर बूढी दाइयों के पास जाती हैं.

40 साल की फातिमा अपनी एक बूढ़ी काकी के पास गई थी. उसने फातिमा को कोई जड़ी बूटी दी जिससे कुछ ही घंटों के अंदर गर्भ गिर गया. फातिमा कहती है, "यह मेरी पसंद से नहीं हुआ है, मुझे कराना पड़ा." फातिमा भी असली नाम बताने से कतराती है. वह भी बोर्नो में बेघर लोगों के लिए बने एक शिविर में रहती है और वहां अपने पांच बच्चों और चार नाती पोतों को पाल रही है. वह कहती है, "पुरुष कहते हैं कि यह अनैतिकता है. लेकिन वही तो हैं जिन्होंने बच्चे पैदा किए और उनका ध्यान नहीं रखा. जब आपके बच्चे कहते हैं कि वे भूखे हैं, तो फिर आप और बच्चे कैसे पैदा कर सकते हैं."

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नाइजीरिया के अधिकारी कहते हैं कि कानून का पालन होगा. बोर्नो राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय में आपात चिकित्सा सेवाओं के उपनिदेशक अली ग्रेमा कहते हैं, "चाहे जैसे भी परिस्थितियां हों, गर्भपात की मनाही है, सिर्फ मेडिकल आधार पर छूट दी जा सकती है. सामाजिक कारणों के चलते इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती."

सहायता कर्मियों का कहना है कि संकट की वजह से बहुत से पति लापता है, हिरासत में है या फिर मारे गए हैं. ऐसे में, महिलाएं विवाहेत्तर शारीरिक संबंध कायम कर रही हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि महिलाएं जब नए संबंध कायम करने का फैसला करती हैं तो कइयों को यौन हिंसा भी झेलनी पड़ती है. इनमें कई ऐसी लड़कियां और महिलाएं होती हैं जिन्हें खाने, आसरे या फिर पैसे के बदले सेक्स के लिए मजबूर किया जाता है.

महिलाओं को आर्थिक मदद देने वाले एक संगठन अफ्रीकन यूथ फॉर पीस डेवलपमेंट एंड एम्पावर्मेंट फाउंडेशन की प्रमुख मरियम आजे कहती हैं, "बहुत से बेघर लोग जिनके पास रहते हैं, वे उनका फायदा उठाते हैं. अगर वे ना कहते हैं तो फिर उन्हें आसरा खोने का डर रहता है." नाइजारिया में शादी के बिना गर्भवती होना बहुत बुरा समझा जाता है, भले ही वह सैनिकों, चरमपंथियों और कैंप अधिकारियों के बलात्कार का नतीजा हो. अमीनु कहती हैं, "वे आपको वेश्या समझते हैं और आपका बच्चा नाजायज होता है."

एके/एमजे (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन)

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