चीन में नेताओं के साथ समय बिताओ और ईनाम पाओ | दुनिया | DW | 21.02.2019
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दुनिया

चीन में नेताओं के साथ समय बिताओ और ईनाम पाओ

चीन में इन दिनों राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जुड़ा एक ऐप काफी पॉपुलर हो रहा है. इस ऐप में लोग कम्युनिस्ट सरकार के बारे में अपनी जानकारी बढ़ा कर क्विज के जरिए ईनाम जीत रहे हैं तो कुछ नौकरी में प्रमोशन की भी आस लगा रहे हैं.

चीन के इस मोबाइल फोन ऐप का नाम है - जियुशी चांगुलाग, जिसका मतलब है चीन को मजबूत बनाने वाली बातें. हल्के फुल्के अंदाज में लोग चाइनीज शब्द जियुशी को "शी की पढ़ाई" करने वाला भी कह रहे हैं. अब तक चीन के लाखों लोगों के फोन में यह ऐप पहुंच चुका है. ऐप से पता चलता है कि चीनी यूजर कितना वक्त चीनी नेताओं की प्रेरणादायक बातें और वीडियो देखने में लगाते हैं. ऐप में ऐसे क्विज भी डाले गए हैं जिसे खेलकर यूजर अंक जुटा सकते हैं. बाद में इन्हीं अंकों को भुनाने के बदले यूजर पेस्ट्री से लेकर कंप्यूटर टैबलेट तक जीत सकते हैं.

लेकिन इस ऐप से हर कोई खुश नहीं है. कुछ का मानना है कि वे दबाव में इस ऐप को डाउनलोड करते हैं. उन्हें उम्मीद है कि यह तरीका करियर चमकाने से लेकर सरकार के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में मददगार साबित होगा.

बीजिंग की एक डाटा कंपनी के मुताबिक जनवरी 2019 में लॉन्च किया गया यह ऐप तकरीबन 4.4 करो़ड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है. चीन में सोशल मीडिया ट्रेंड पर नजर रखने वाले विवो ऐप की एडिटर मान्या कोइटसे कहती हैं, "यह शी जिनपिंग के दौर में फैलाए जा रहे प्रोपेगैंडा का बेहतरीन उदाहरण है. ऐसा ऐप जो चीन की बड़ी ऑनलाइन आबादी को अपील करता है."

पार्टी का प्रचार

ऐसा नहीं है कि देश की कम्युनिस्ट पार्टी पहली बार किसी तकनीकी प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंच बना रही हो. चीन के पॉपुलर मैसेजिंग ऐप वीचैट का इस्तेमाल रैप सॉन्ग, कॉमिक्स स्टिकर के जरिए मैसेज देने के लिए किया जाता रहा है.

मई 2018 में एक फ्री ऐप, "लर्न एवाउट चाइना" भी लॉन्च किया गया था. यह ऐप राष्ट्रपति शी जिनपिंग की किताबों से लेकर अकादमिक पेपरों का भी विश्लेषण पेश करता था.

जियुशी ऐप के जरिए हजारों किताबों, दर्जनों पत्रिकाओं, अखबारों, यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में छपे पेपरों, टीवी कार्यक्रमों और फिल्मों को यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है. बस इसके इस्तेमाल के लिए यूजर को अपना मोबाइल नंबर और अपनी कंपनी की जानकारी देनी होगी.

क्या कहते हैं यूजर

एक सरकारी मीडिया कंपनी से जुड़ी कर्मचारी ने बताया कि वह जियुशी ऐप पर मिलने वाले स्कोर को अपने सोशल मीडिया अकाउंड वीचैट पर जरूर शेयर करती है. उसने कहा, "ऐसा करने का सबसे बड़ा कारण है कि मैं प्रमोशन की कतार में हूं, मुझे उम्मीद है कि बॉस को देखकर समझ आएगा कि मेरी सोच एकदम सही है."

एक अन्य सरकारी कर्मचारी ने कहा कि वह इस ऐप को इस्तेमाल करने का दबाव महसूस करती है. हालांकि यह सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी भी तरह से अनिवार्य घोषित नहीं किया गया है.

बीजिंग के एक सरकारी अस्पताल में काम करने वाली एक डॉक्टर ने कहा कि वह और उसके माता पिता ऐप का इस्तेमाल क्विज खेलने और आर्टिकल पढ़ने के लिए करते हैं. उन्होंने बताया, "ऐप पर क्विज में जुटाए गए स्कोर दो साल तक के लिए वैध हैं. मुझे नहीं पता कि क्या यह स्कोर कभी आगे करियर में काम आएंगे या नहीं."

एए/आरपी (एएफपी)

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