चीन को मिस्र में स्थिरता की उम्मीद | दुनिया | DW | 31.01.2011
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दुनिया

चीन को मिस्र में स्थिरता की उम्मीद

चीन ने कहा है कि मिस्र में होस्नी मुबारक के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों पर वह बारीकी से नजर रखे है. मिस्र में जल्द स्थिरता कायम होने की उम्मीद जताई है. काहिरा में फंसे चीनी यात्रियों को वापस लाने का इंतजाम किया.

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चीन के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता होंग लेइ ने रविवार को एक बयान में कहा, "चीन मिस्र में स्थिति का जायजा रख रहा है. मिस्र चीन का दोस्त हैं और हम उम्मीद करते हैं कि मिस्र में जल्द ही सामाजिक स्थिरता और व्यवस्था को कायम किया जा सकेगा."

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को आशंका है कि अन्य देशों में इस तरह के सरकार विरोधी प्रदर्शन को चीन के नागरिक देखेंगे तो इससे वे चीन में भी लोकतांत्रिक बदलाव की मांग कर सकते हैं इसलिए सतर्कता बरती जा रही है.

ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कुछ माइक्रो ब्लॉग वेबसाइट पर मिस्र में प्रदर्शनों पर पाठकों के कमेंट को पढ़ने में मुश्किलें आ रही हैं. ऐसा संदेह जताया गया है कि इन कमेंट को सेंसर कर दिया गया है. हालांकि विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने वाले कई कमेंट पढ़े जा सकते हैं.

छह दिन से चल रहे विरोधी प्रदर्शनों में मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक पर इस्तीफा देने का दबाव हैं. प्रदर्शनों में 150 लोग मारे गए हैं और स्थिति सुधरने के बजाए और टकराव की ओर बढ़ रही है. अमेरिका, जर्मनी और भारत सहित कई देश अपने नागरिकों को वापस देश बुला रहे हैं.

चीन के भी लगभग 500 यात्री मिस्र में फंसे हुए हैं. देश में सभी सरकारी पर्यटन एजेंसियों ने मिस्र की यात्राएं रद्द कर दी हैं. सैंकड़ों लोग रेलवे स्टेशनों पर फंसे हुए हैं. काहिरा के एयरपोर्ट पर भी चीन के कई नागरिक घर जाने की जल्दी में है. कर्फ्यू और सुरक्षा में आ रही बाधाओं की वजह से कई फ्लाइटों को रद्द कर दिया गया है. चीन अपने नागरिकों को मिस्र से वापस बुलाने का इंतजाम कर रहा है.

रिपोर्टः एएफपी/एमजी

संपादनः एस गौड़

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