चीन का दावा, वह जासूसी नहीं करवाता | दुनिया | DW | 15.03.2019
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दुनिया

चीन का दावा, वह जासूसी नहीं करवाता

अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ कारोबारी रिश्तों को बेहतर करने के दबाव से जूझ रहे चीन का कहना है कि वह अपनी कंपनियों को विदेशों में जासूसी के लिए नहीं कहता है.

चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग से जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि क्या चीन अपनी कंपनियों को विदेशों में जासूसी के लिए कहता है, तो उन्होंने कहा कि चीन ऐसा कुछ नहीं करता है. उन्होंने कहा, "हमने पहले कभी ऐसा नहीं किया है और न ही भविष्य में कुछ ऐसा करेंगे." अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ कारोबारी तनातनी को कम करने के मकसद से चीन की ओर से भी कहा गया है कि अब वह चीनी बाजार में सक्रिय देसी और विदेशी कंपनियों के साथ समान व्यवहार करेगा.

हाल में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों ने सुरक्षा जोखिमों की आशंका के चलते हुवावेई टेक्नोलॉजी लिमिटेड समेत कई अन्य चीनी कंपनियों की प्रौद्यगिकी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. हुवावेई फोन और इंटरनेट उपकरण बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. वहीं कंपनी ने ऐसे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है जिसमें कहा गया है कि वह चीन के लिए जासूसी करती है.

चीन के सामने अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ अपने कारोबारी संबंधों को सुधारने की बड़ी चुनौती है. चीन की आर्थिक वृद्धि पिछले तीन दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं. वहीं निर्यात में आ रही कमी और देश का सुस्त पड़ता ऑटो बाजार भी चीन की चिंताएं लगातार बढ़ा रहा है. प्रधानमंत्री ने वादा किया है कि चीनी बाजार में सभी कंपनियों को बराबरी के मौके दिए जाएंगे. साथ ही उद्योग जगत में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन इस पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है.

हालांकि चीन से नाराज चल रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इन बातों से कितने संतुष्ट होंगे ये अब भी सवाल बना हुआ है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति चाहते हैं कि चीनी सरकार रोबोटिक्स और दूसरी आधुनिक अमेरिकी कंपनियों के बाजार में प्रतिस्पर्धी खड़े न करे. इस मुद्दे पर चीन और अमेरिकी अधिकारियों के बीच लगातार बात चल रही है लेकिन अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है.

वहीं बाजार अनुमान लगा रहा है कि अप्रैल के शुरू होने वाली तिमाही में सरकारी नीतियों के चलते आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी.

एए/आईबी (एएफपी)

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