चीन और अमेरिका की संधि के बाद भी बनी हुई हैं आशंकाएं | दुनिया | DW | 16.01.2020
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दुनिया

चीन और अमेरिका की संधि के बाद भी बनी हुई हैं आशंकाएं

अमेरिका और चीन ने एक शुरूआती व्यापारिक संधि पर हस्ताक्षर कर दिए हैं लेकिन आशंका जताई जा रही है कि इस संधि से दोनों के बीच चल रहे व्यापारिक तनावों पर दीर्घकालीन असर नहीं होगा.

अमेरिका और चीन ने 18 महीनों से चल रहे आपसी विवाद को खत्म करते हुए एक शुरूआती व्यापारिक संधि पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसके तहत चीन अमेरिकी उत्पादों और सेवाओं की खरीद को 200 अरब डॉलर से बढ़ाएगा और बदले में अमेरिका कुछ शुल्कों को वापस ले लेगा. वाशिंगटन में संधि पर हस्ताक्षर होते ही दुनिया भर के महत्वपूर्ण स्टॉक बाजार के सूचकांकों में रिकॉर्ड बढ़त हुई, लेकिन बाद में व्यापारिक तनावों पर संधि का दीर्घकालीन असर न होने की चिंताओं को लेकर सभी सूचकांकों में वृद्धि रुक गई. संधि पर हस्ताक्षर हो जाने के बावजूद, दोनों देशों के बीच कई कांटेदार मुद्दे अभी भी सुलझे नहीं हैं. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने संधि का स्वागत करते हुए उसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उनके प्रशासन की व्यापार नीतियों के लिए एक जीत बताया. लेकिन उन्होंने कई और मुश्किलों को सुलझाने के लिए चीन के साथ और बातचीत की जरूरत को भी स्वीकारा. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच कहा, "हम साथ मिल कर अतीत की गलतियों को सुधार रहे हैं और एक ऐसा भविष्य दे रहे हैं जिसमें आर्थिक न्याय होगा और अमेरिकी कर्मचारियों, किसानों और परिवारों के लिए सुरक्षा होगी."

चीन के उप-प्रधानमंत्री लिउ हे ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा भेजा हुआ एक पत्र पढ़ा. शी ने संधि की सराहना करते हुए लिखा था कि इससे दोनों देशों के अपने मतभेदों को बातचीत के जरिये सुलझा सकने का संकेत मिलता है. हांग कांग में जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट के ग्लोबल मार्केट्स स्ट्रैटेजिस्ट हैना एंडरसन का कहना है, "बाजारों ने इस संधि को एक जोखिम उठाने के इशारे की तरह लिया है, लेकिन हम सब को इस बारे में सावधान रहना चाहिए कि व्यापार, और विशेष रूप से अमेरिका-चीन व्यापार, के बारे में सुर्खियां 2020 में लगातार दिखती रहेंगी."

व्हाइट हाउस ने कहा कि चीन का अगले दो सालों में अतिरिक्त 200 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी उत्पादों को खरीदने का वादा संधि के केंद्र में है. इस वादे में शामिल है 54 अरब डॉलर की अतिरिक्त ऊर्जा संबंधी खरीद, 78 अरब डॉलर की अतिरिक्त उद्योग संबंधी खरीद और 38 अरब डॉलर मूल्य की सेवाओं की खरीद. लिउ ने कहा कि चीनी कंपनियां "बाजार की परिस्थिति के आधार पर" अगले दो सालों तक हर साल 40 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदेंगी.

लेकिन इस संधि से सब खुश नहीं हैं. गेहूं किसान और फार्मर्स फॉर फ्री ट्रेड के प्रवक्ता मिशेल एरिकसन-जोन्स ने कहा कि संधि से अमेरिकी कृषि निर्यातों पर उन शुल्कों का अंत नहीं होगा जिन्हें पलटवार के रूप में लगाया गया था. इस से किसान चीन की सरकार द्वारा नियंत्रित खरीद की प्रक्रिया पर "लगातार निर्भर" होते जाएंगे और ये "बड़े ढांचागत बदलावों" की बात नहीं करती.

व्हाइट हाउस के प्रमुख आर्थिक सलाहकार के अनुसार संधि से अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर में 2020 और 2021 में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी.  विमानन उद्योग की अपेक्षा है कि बोइंग को चीन से जहाजों का एक बड़ा आर्डर मिलेगा. पहले चरण की इस संधि ने चीनी मोबाइल फोनों, खिलौनों और लैपटॉप कम्प्यूटरों पर अमेरिकी शुल्क लगाने की योजना को रद्द कर दिया है. इसके अलावा लगभग 120 अरब डॉलर मूल्य के चीनी उत्पादों, जैसे फ्लैट-पैनल वाले टीवी, ब्लूटूथ हेडफोन और जूतों पर शुल्क को आधा कर 7.5 प्रतिशत पर ला दिया. लेकिन इसके बाद भी अमेरिकी उत्पादकों द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले 250 अरब डॉलर मूल्य के कई चीनी औद्योगिक उत्पादों और पुर्जों पर 25 प्रतिशत शुल्क रह ही जाएगा.

ट्रंप ने कहा कि जब दोनों पक्ष दूसरे चरण की संधि पर बातचीत पूरी कर लेंगे तब वे बाकी शुल्कों को हटाने के लिए भी तैयार हो जाएंगे.

सीके/आरपी (रायटर्स)

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