चीनी कर्मचारियों ने कारोबारी सीक्रेट चुराए | दुनिया | DW | 12.04.2019
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दुनिया

चीनी कर्मचारियों ने कारोबारी सीक्रेट चुराए

माइक्रोचिप के भीतर छुपा जटिल सिस्टम बनाने वाली हॉलैंड की कंपनी के कारोबारी सीक्रेट चोरी हुए. डच अखबार का दावा है कि सीक्रेट चीनी कर्मचारियों ने चुराए हैं.

हॉलैंड के वित्तीय मामलों के अखबार फाइनेंशिइले डागब्लाड (एफडी) के मुताबिक सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट बनाने वाली डच कंपनी ASML के कॉरपोरेट सीक्रेट्स चोरी किए गए. अखबार ने मामले की पड़ताल खुद करने के बाद दावा किया है कि अमेरिका में ASML की एक शाखा के रिसर्च एंड डेवलमपेंट डिपार्टमेंट में काम करने वाले चीनी कर्मचारियों ने गोपनीय जानकारियां चुराईं. लीक जानकारियां जिस कंपनी को दी गईं, उसका संबंध चीन की सरकार से था.

कारोबारी सीक्रेट्स चोरी होने से ASML को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ. अखबार के मुताबिक ASML को अपनी जांच में चीन सरकार की भूमिका का कोई सबूत नहीं मिला. समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए ASML की प्रवक्ता ने कहा कि अखबार की रिपोर्ट को लेकर स्पष्टीकरण दिया जाएगा.

ASML की खासियत

ASML माइक्रोचिप के भीतर छुपे करोड़ों ट्रांजिस्टरों का ढांचा बनाने में विशेषज्ञ है. मोबाइल फोन के सिम कार्ड को ही लीजिए. सिम कार्ड के सुनहरी चिप के भीतर असल में करोड़ों ट्रांजिस्टर होते हैं. ये ट्रांसजिस्टर किसी बहुमंजिला इमारत की तरह एक के ऊपर एक होते हैं और नैनो वायरिंग से जुड़े होते हैं. यही ट्रांजिस्टर कंप्यूटिंग और डाटा स्टोरेज का काम करते हैं. ASML चिपों को और बेहतर और छोटा बनाने के लिए लिथोग्राफी सिस्टम बनाती है. यह सिस्टम बनाने वाली वह दुनिया की अग्रणी कंपनी है. इस सिस्टम की बदौलत सेमीकंडक्टर चिपें और छोटी व बेहतर होती जा रही हैं.

जर्मन सरकार की विदेशी खरीद पर सख्ती

इसी सिस्टम से जुड़ी गोपनीय जानकारी चोरी की गई. चोरी कंपनी की अमेरिकी ईकाई में हुई. अमेरिकी ईकाई मामले को अदालत भी ले गई. नवंबर 2018 में कैलिफोर्निया की अदालत ने ASML की अमेरिकी ईकाई और चीनी कंपनी XTAL इनकॉर्पोरेटेड के विवाद में फैसला सुनाया. चीनी कंपनी को 22.3 करोड़ डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया गया. फैसले के एक महीने बाद ही चीनी कंपनी ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया.

हॉलैंड की खुफिया एजेंसी कई साल से लगातार चेतावनी दे रही है कि चीन, दूसरे देशों की तरह हॉलैंड की तकनीकी कंपनियों को निशाना बना रहा है. मंशा बौद्धिक संपदा चुराने की है. 2015 में ASML ने खुद भी स्वीकार किया कि उसके कंप्यूटर सिस्टम में सेंध लगी है. हालांकि कंपनी का कहना है कि चीन में उसके प्रोडक्ट्स की डिमांड में कमी नहीं आई है.

(कॉरपोरेट जगत के सबसे बड़े सौदे)

ओएसजे/एमजे (रॉयटर्स)

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