चीनियों की भूख मिटाते लुप्त होने की कगार पर पहुंचे सीहॉर्स | दुनिया | DW | 01.07.2019
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दुनिया

चीनियों की भूख मिटाते लुप्त होने की कगार पर पहुंचे सीहॉर्स

समुद्र में पाया जाने वाला छोटा सा जीव सीहॉर्स विलुप्त होने की कगार पर है. इसकी वजह है इसका अवैध शिकार. रोक के बावजूद पश्चिमी अफ्रीकी देशों में इसका लगाकार शिकार किया जा रहा है.

सेनेगल के समुद्री तट पर एक छोटा सा कस्बा है जिफर, जो मछली पकड़ने के लिए प्रसिद्ध है. इस कस्बे के दक्षिणी छोर पर समद्री जीवों की बहुलता तट की सुनहरी मिट्टी के साथ फैली हुई है. दोपहर बाद कई सारी रंग बिरंगी पाइरोग नावें इस तट पर आ जाती हैं जिससे वे पास के साइन सलोम इलाके के उष्णकटिबंधीय जलीय इलाके में पकड़े गए समुद्री जीवों के ढेर को ला सकें.

व्यापारियों की एक कौतूहली भीड़ जमा होती है और ये लोग अपनी पसंद की चीजें खरीदने लगते हैं. सब बाराकुडा, स्टिंगरे, सीप, समुद्री खीरे और कैपिटाइन मछली खरीदते हैं. इनके साथ ये लोग एक छोटे लेकिन सबसे कीमती जीव सीहॉर्स को भी खरीदना चाहते हैं. व्यापारियों और मछुआरों के बीच बिचौलिए का काम कर रहे युसेफ का कहना है कि इनकी कीमत बहुत तेजी से बढ़ गई है.

एक छोटा सा व्यापार

हालांकि सेनेगल में इसका कोई सही अनुमान नहीं है लेकिन पश्चिमी अफ्रीका में सीहॉर्स के व्यापार में पिछले कुछ सालों में बहुत तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. समुद्री संरक्षण चैरिटी प्रॉजेक्ट सीहॉर्स के मुताबिक हर साल करीब छह लाख सीहॉर्स का निर्यात किया जा रहा है.

2015 में इस एनजीओ की तरफ से सेनेगल में काम करने गए आंद्रेस सिस्नेरोस कहते हैं कि सीहॉर्स की तस्करी के दो ही रास्ते हैं. दोनों एशिया और खासकर चीन में सीफूड के व्यापार से जुड़े हुए हैं. पहला, वे समुद्री किनारे पर औद्योगिक ट्रॉलर के माध्यम से सेनेगल की राजधानी दकार में सीहॉर्स पर अपनी पकड़ बनाते हैं.  वे घर ले जाकर इन्हें सुखाकर बेच देते हैं. उनको देखकर सेनेगल और पश्चिमी अफ्रीका के लोगों ने भी ऐसा करना शुरू कर दिया. वे सीहॉर्स को या तो अपने साथियों को बेचते हैं या चीन ले जाकर बेचने वाले खरीददारों को. हालांकि छोटे मछुआरे छोटी नावों में पूरे पश्चिमी अफ्रीका में सीहॉर्स पकड़ते रहते हैं.

पश्चिमी अफ्रीका का पूरा समुद्री व्यापार दकार से ही चलता है. दकार में इस इलाके का सबसे बड़ा बंदरगाह है जो सीफूड व्यापार का हब है. शिकार करने की सबसे अच्छी जगहों में से एक सोलम डेल्टा के साथ पड़ोसी देशों गाम्बिया, गिनी और गिनी बिसाउ में भी ये अच्छी मात्रा मे उपलब्ध हैं.

वन्यजीव उत्पाद जैसे सीहॉर्स की कालाबाजारी का बाजार हर साल करीब 18 अरब यूरो का है. इंटरपोल के मुताबिक अवैध शिकार के बढ़ने से कई सारी प्रजातियों पर खतरा भी बढ़ता जा रहा है. 

चीनी लोगों की भूख मिटाते सीहॉर्स

एक एनजीओ की रिपोर्ट के मुताबिक 2009 से 2017 तक दुनियाभर में समुद्री जीवों की तस्करी में 24.4 प्रतिशत हिस्सा सीहॉर्स की तस्करी का था. ऐसी घटनाओं में एक कंटेनर में 20,000 सीहॉर्स हो सकते हैं. एक सीहॉर्स की कीमत 8.8 यूरो यानी करीब 700 रुपये होती है. इनमें से अधिकतर तस्करी चीन और वियतनाम के लिए की जा रही है. चीन में सीहॉर्स का इस्तेमाल पारंपरिक दवाइयों में किया जाता है जो अस्थमा, इंसोमनिया और हृदय की बीमारियों में काम आती हैं.

सीहॉर्स को जमीन पर सुखा कर इनका पाउडर बना लिया जाता है और इसे राइस वाइन, चाय या सूप में डालकर पिया जाता है. देश की एक अरब से ज्यादा की जनसंख्या द्वारा कुछ खाए जाने का बड़ा असर होता है. हालांकि कई बार इस असर को अनदेखा कर दिया जाता है. सेनेगल में काम कर रहे पर्यावरणशास्त्रियों के एक नेटवर्क ईगल से जुड़े सेकिल ब्लोच कहते हैं कि सेनेगल से सीहॉर्स की तस्करी की समस्या कई सालों से रडार पर है. पश्चिमी अफ्रीकी सीहॉर्स जो पश्चिमी अफ्रीकी तट से अंगोला की तरफ तैरते हैं उनका शिकार बड़ी संख्या में किया जा रहा है जिससे वे विलुप्त होने की कगार पर पहुंच रहे हैं.

2016 के आखिर में जीवों के व्यापार से संबंधित एक संधि में सीहॉर्स के व्यापार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी लेकिन इसको ठीक से अमल में नहीं लाया गया. 2019 की शुरुआत में सभी तरह के सीहॉर्स के व्यापार पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई. सीहॉर्स की करीब 40 हजार प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं. पश्चिमी अफ्रीका में पाई जा रही प्रजाति भी उनमें से एक है. हालांकि इससे अभी थोड़ा ही असर पड़ा है.

यहां कोई प्रतिबंध काम नहीं करते

कनाडा की ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक हांगकांग में मिले सभी सुखाए गए सीहॉर्स में 95 प्रतिशत उन देशों से लाए गए थे जहां पर इनका शिकार प्रतिबंधित है. इस रिसर्च को लिखने वालों में से एक सारा फॉस्टर कहती हैं कि यह व्यवसाय पहले की तरह ही चल रही है, अब फर्क इतना है कि यह गैर कानूनी है. इसलिए अब इस पर कोई नजर भी नहीं रखी जा रही और इसके कोई आंकड़े भी नहीं हैं. इन प्रतिबंधों को अच्छे से लागू करने के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धता की जरूरत होती है, जो दिखाई नहीं दे रही.

वे कहती हैं कि सेनेगल के कानून से किसी भी तरह सीहॉर्स को बचाया नहीं जा सकता. वहां पर इसका कोटा तय किया गया है लेकिन इसका पालन नहीं होता है. भ्रष्टाचार इसकी बड़ी वजह है. सेनेगल में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुकदमें लड़ने के लिए कोई जगह नहीं है. यहां के जल, वन, शिकार और मृदा संरक्षण मंत्रालय के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है. इसी वजह से आज की तारीख में भी यहां सीहॉर्स का शिकार होना जारी है.

रिपोर्ट: पीटर येउंग/आरएस

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