घोटाले के आरोपों में घिरी डच सरकार ने दिया इस्तीफा | दुनिया | DW | 15.01.2021
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दुनिया

घोटाले के आरोपों में घिरी डच सरकार ने दिया इस्तीफा

नीदरलैंड्स में प्रधानमंत्री रुटे की सरकार ने इस्तीफा दे दिया है. संसदीय जांच में पता चला कि सरकारी घोटाले में हजारों परिवारों पर गलत रूप से धोखाधड़ी का आरोप लगा कर बच्चों के लिए मिलने वाला भत्ता लौटाने पर मजबूर किया गया.

प्रधानमंत्री मार्क रुटे और उनके सभी मंत्रियों ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया है. इसकी वजह सरकार द्वारा बच्चों का ख्याल रखने के लिए दी जाने वाली माली मदद में हुआ एक घोटाला है. अब 17 मार्च को देश में चुनाव होंगे जिसके बाद नए गठबंधन का फैसला होगा. तब तक रुटे का मंत्रिमंडल बतौर कामचलाऊ सरकार कार्यभार संभालेगी. 

पिछले महीने एक संसदीय जांच में पता चला था कि लगभग 10,000 परिवारों पर अनुचित रूप से धोखाधड़ी का आरोप लगा कर उन्हें सब्सिडी में हासिल किए हजारों यूरो की रकम सरकार को वापस देने पर मजबूर किया गया.

उन परिवारों की आर्थिक स्थिति पर इसका असर हुआ और वे बेरोजगारी, दिवालियापन और यहां तक की तलाक की कगार तक पहुंच गए. रिपोर्ट में लगभग एक दशक तक चलने वाले इस घोटाले और उसके नतीजों को "अभूतपूर्व अन्याय" बताया गया. इस सप्ताह सरकार पर इस घोटाले को लेकर दबाव बढ़ गया. रुटे के गठबंधन के साझेदारों ने कहा कि सरकार के इस्तीफा देने की जरूरत पर गंभीरता से विचार होना चाहिए.

विपक्ष में बैठी लेबर पार्टी के नेता ने गुरुवार को पूरे मामले में उनकी भूमिका को लेकर पद से इस्तीफा दे दिया. रुटे ने गुरुवार देर रात को अपनी पार्टी के मंत्रियों के साथ बैठक की और उसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उम्मीद जताई कि शुक्रवार सुबह कैबिनेट की निर्धारित बैठक में उनकी सरकार के भविष्य का फैसला हो जाएगा. सत्तारुढ़ गठबंधन में शामिल दूसरी पार्टियों के मंत्रियों ने कहा कि उन्होंने अपना मत बना लिया है, लेकिन इसके आगे और कुछ कहने से इनकार कर दिया.

Niederlande I Mark Rutte auf dem Fahrrad

सितंबर 2020 में एक अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए साइकिल से जाते प्रधानमंत्री मार्क रुट.

2012 के बाद देश में सरकार गिरने का यह पहला मौका है. उस समय रुटे ने पहली बार अपनी सरकार बनाई थी जो आर्थिक संकट के दौरान खर्च कम करने के कठिन उपायों पर मतभेदों को लेकर गिर गई थी. ताजा संकट ऐसे समय में आया है जब देश अगले संसदीय चुनावों से बस दो महीने दूर है. 17 मार्च को नीदरलैंड्स में संसदीय चुनाव होने हैं.

इस समय नीदरलैंड्स में कोरोना महामारी के समय की अभी तक की सबसे कठोर तालाबंदी लागू है. फिर भी संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और रुटे और भी कड़े प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं. गुरुवार को उनके इस्तीफे के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में रुटे ने कहा था कि अगर उनके मंत्रिमंडल को कार्यवाहक स्थिति में भी डाल दिया गया तो भी वे और उनके मंत्री कोविड-19 संकट के प्रबंधन के लिए पूरी तरह से सक्षम रहेंगे.

सीके/एए (रॉयटर्स)

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