घाटी के ज्यादातर हिस्सों से कर्फ्यू हटा | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 27.09.2010
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जर्मन चुनाव

घाटी के ज्यादातर हिस्सों से कर्फ्यू हटा

श्रीनगर और उत्तरी कश्मीर के तीन कस्बों को छोड़कर पूरी घाटी में कर्फ्यू हटा लिया गया है. हालांकि चार से ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी जारी रहेगी. उधर 100 दिन तक बंद रहने के बाद घाटी में सोमवार को स्कूल खुल गए.

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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर, बारामूला जिले के सोपेर कस्बे, कुपवाड़ा और उसके पास ही क्रालोपुरा में कर्फ्यू जारी रहेगा. इन्हें छोड़ कर घाटी के सभी हिस्सों से कर्फ्यू हटा लिया गया है. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सार्वजनिक जगहों पर चार से ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी जारी रहेगी.

रविवार को घाटी में शांति ही रही लेकिन सोमवार को कई जगह से पथराव की खबरें मिली. दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में कुछ युवाओं ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे को रोका. जब सुरक्षा बलों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, पथराव होने लगा. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा बलों ने हवा में फायरिंग की. सूत्रों का कहना है कि इस घटना में किसी को चोटें नहीं आई लेकिन एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. रावलपुरा, नौगांव और बाटामालू कस्बों से भी पथराव की खबरें मिली हैं.

उधर लगभग 100 दिन तक बंद रहने के बाद कश्मीर घाटी में सोमवार को स्कूल खुल गए. सुबह के वक्त कई इलाकों में कर्फ्यू और अन्य पाबंदियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने बच्चों और उन्हें स्कूल छोड़ने जा रहे माता पिता को जाने दिया. हालांकि हुर्रियत कांफ्रेस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली गिलानी ने लोगों से अपने बच्चों को स्कूल न भेजने को कहा है. इसी वजह से स्कूलों में उपस्थिति कम ही रही.

घाटी में तीन महीनों से जारी विरोध प्रदर्शनों के चलते शिक्षा व्यवस्था ठप हो गई है. लेकिन सरकार ने बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए अब 170 बसों को लगाया है. सोमवार को 20 प्रतिशत बच्चे की स्कूल पहुंचे लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि मंगलवार से बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी. गिलानी की तरफ से जारी कॉल के चलते बहुत से प्राइवेट स्कूल अब भी 'देखो और इंतजार करो' की नीति पर चलना ही बेहतर मान रहे हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः आभा एम

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