ग्वांतानामो कैदी खद्र को 40 साल की सज़ा | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 01.11.2010
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जर्मन चुनाव

ग्वांतानामो कैदी खद्र को 40 साल की सज़ा

ग्वांतानामो में कैद किए आंतकवादियों की सुनवाई के लिए खास अदालत ने आज उमर खद्र मामले में अपना फैसला सुना दिया. 15 साल की उम्र में पकड़े गए खद्र को 40 साल की सज़ा दी गई है.

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15 साल की उम्र में पकड़ा गया खद्र

खद्र अब 24 साल का है. उसने कुल आठ साल ग्वांतानामो में बिताए हैं. ज्यूरी ने खद्र को हत्या और आतंकवाद वाले आरोपों के साबित हो जाने के कारण 40 साल की सज़ा सुनाई है. लेकिन बचाव पक्ष के समझौते के मुताबिक खद्र को और आठ साल जेल में रहना होगा.

समझौते के मुताबिक खद्र को एक साल के बाद वापस उसके देश कनाडा भेजा जाना है. विशेष .

Kindersoldaten - Omar Khadr

24 साल की उम्र में खद्र

अदालत ने इस सिलसिले में कहा कि यह फैसला केवल कनाडा की सरकार ले सकती है. खद्र के वकीलों ने कहा कि अमेरिकी और कनाडाई अधिकारी इस मुद्दे पर बात कर चुके हैं और कनाडा ने आश्वासन दिया है कि खद्र को वापस लिया जा सकेगा.

पिछले हफ्ते सोमवार को खद्र ने सारे पांच इलज़ाम मान लिए. इनमें अल कायदा के साथ मिलकर आतंकवादी हमले करना, अमेरिकी सैनिकों को मारने के लिए बम बनाना और आतंकवाद में मदद करना शामिल है. उसने एक बारूदी सुरंग से अमेरिकी सैनिक क्रिस्टोफर स्पियर को मारा था. खद्र को 15 साल की उम्र में पकड़ा गया था. दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार एक ऐसे व्यक्ति की सुनवाई हो रही है जिसने बालिग होने से पहले जुर्म किए थे.

खद्र अकेला व्यक्ति है जिसे अफगानिस्तान युद्ध में किसी अमेरिकी सैनिक को मारने के जुर्म में पकड़ा गया हो. ग्वांतानामो के कुल 174 कैदियों में खद्र उम्र में सबसे छोटा है. विशेष अदालत ने अब तक आतंकवाद के सिलिसले में कुल पांच लोगों को सज़ा सुनाई है.

रिपोर्टःएजेंसियां/एमजी

संपादनः महेश झा

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