ग्लोबल वार्मिंग रोकने के लिए खेल जगत को भी कुछ करना होगा | दुनिया | DW | 20.01.2020
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दुनिया

ग्लोबल वार्मिंग रोकने के लिए खेल जगत को भी कुछ करना होगा

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में सितंबर से लगी आग से निकलता धुंआ ऑस्ट्रेलियन ओपन की तैयारी पर भी पड़ा था. जंगलों की आग ने इस ओर भी ध्यान दिलाया है कि खेल जगत को भी जलवायु परिवर्तन से निपटने योगदान देने की जरूरत है.

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पार्क में सीजन का पहला ग्रैंड स्लैम सोमवार से शुरू हो गया. यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ऐसे समय में हो रहा है जब ऑस्ट्रेलिया जंगलों में आग की भयानक समस्या से जूझ रहा है. इसकी वजह से जलवायु संरक्षण में खेलों की भूमिका पर भी चर्चा हो रही है. ऑस्ट्रेलियाई संरक्षण फाउंडेशन (एसीएफ) के जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम के मैनेजर गवन मैकफैडजेन ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "मुझे पता है कि लोग कहेंगे कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ है. खेल संगठनों को जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाइयों को आगे बढ़ाने के लिए और अधिक मुखर होना चाहिए."

खेल संगठनों की भूमिका

संरक्षण फाउंडेशन ने मोनाश यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं को देश में गर्मी के मौसम में आयोजित तीन हाई-प्रोफाइल खेल आयोजनों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर शोध करने की जिम्मेदारी दी थी. सोमवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन के मद्देनजर 'लव 40 डिग्री' रिपोर्ट जारी की गई. मैकफैडजेन का कहना है कि हालांकि टेनिस ऑस्ट्रेलिया संयुक्त राष्ट्र के खेलों के लिए क्लाइमेट एक्शन फ्रेमवर्क के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन वह पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि खेल संगठन कठोर मौसम की स्थितियों से निपटने के लिए नई नीतियां अपना रहे हैं लेकिन साथ ही उन्हें जलवायु परिवर्तन के कारणों का पता करने की भी आवश्यकता है.

मैकफैडजेन के मुताबिक, "ऑस्ट्रेलियाई ओपन के प्रमुख प्रायोजकों में से एक एएनजेड बैंक है. वह ऑस्ट्रेलिया में कोयला और गैस के क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेशक है. इसलिए टेनिस ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख प्रायोजकों में से एक जलवायु परिवर्तन में योगदान दे रहा है, जो ऑस्ट्रेलियाई ओपन को प्रभावित कर रहा है." मैकफैडजेन ने कहा कि खिलाड़ियों को भी पर्यावरण सुरक्षा के कदम उठाने की जरूरत है. उनके मुताबिक, "यह उनके काम का वातावरण है और वह बदल रहा है."

पर्यावरण पर खिलाड़ियों की राय

कई खिलाड़ियों ने मेलबर्न की वायु गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी. ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में आग के कारण मेलबर्न और सिडनी समेत कई अन्य शहरों की हवा खासी प्रदूषित हो गई है. मैकफैडजेन का कहना है, "हम चाहेंगे कि खिलाड़ी भी इन हालातों और कारणों की कड़ी को जोड़ने पर अपना ध्यान लगाएं, क्योंकि वे प्रभावशाली होते हैं और उनकी इन चिंताओं पर राय रखने की जिम्मेदारी है."

जंगल की आग ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन पर भी दबाव बनाया है. आलोचकों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव कम करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जंगल की आग का मौसम लंबा खींच गया है. ऑस्ट्रेलिया में जंगल में आग लगना सामान्य है लेकिन आग इस बार सामान्य से बहुत पहले शुरू हो गई. आग की वजहों से तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है. ऑस्ट्रेलिया में आग अभी तक कम से कम 25 लोगों की जान ले चुकी है और हजारों जानवर इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं. आग से मची तबाही से उबरने के लिए सरकार ने एक अरब चालीस करोड़ अमेरिकी डॉलर की धनराशि खर्च करने की घोषणा की है.

एए/एमजे (रॉयटर्स)

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