गूगल के घर बच्चा हुआ है, नाम है वेमो | दुनिया | DW | 14.12.2016
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दुनिया

गूगल के घर बच्चा हुआ है, नाम है वेमो

अमेरिकी तकनीकी कंपनी गूगल के घर बच्चा हुआ है. पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के नए बच्चे का नाम है वेमो, वे फॉरवर्ड इन मोबिलिटी. स्वयं चलने वाली गाड़ियों का विकास करने वाली यह कंपनी अब स्पतंत्र कंपनी होगी.

वेमो कंपनी के प्रमुख जॉन क्राफचिक ने कहा है कि वेमो को स्वतंत्र कंपनी बनाना इस बात का संकेत है कि ऑटोनोमस गाड़ियों की तकनीक कितनी परिपक्व हो गई है.

गूगल 2009 से ही स्वयं चलने वाली गाड़ियों के विकास पर काम कर रही है. कंपनी ने बताया है कि एक नेत्रहीन चालक के साथ टेस्ट ड्राइव किया गया था. स्टीव महन एक गूगल कार में अकेले टेक्सस के ऑस्टिन शहर के बाहरी इलाके में सफर पर निकले थे. वेमो कंपनी ने कहा, "गाड़ी के सेंसर और सॉफ्टवेयर उनकी गाड़ी के ड्राइवर थे."

गूगल के नए प्रोजेक्ट के बारे में कंपनी प्रमुख क्राफ्चिक का कहना है, "हमारी तकनीक भविष्य में घर के दरवाजे तक निजी यातायात, साथ यात्रा करने के विकल्प, लॉजिस्टिक और सार्वजनिक परिवहन के उपयुक्त होगी." दूरगामी रूप से ऐसी संभावनाएं हैं जिनके बारे में दुनिया को अभी सोचना है. क्राफ्चिक का मानना है कि इस प्रक्रिया में "बहुत प्रकार के उत्पाद, रोजगार और सर्विस" पैदा होंगे.

प्रेस रिपोर्टों के अनुसार गूगल की सहोदर कंपनी खुद अपनी कारों का निर्माण नहीं करेगी बल्कि वह गाड़ी बनाने वाली दूसरी कंपनियों के साथ सहयोग करेगी. फिलहाल वेमो कंपनी ने इस बारे में कुछ भी नहीं कहा है.

एमजे/वीके (एएफपी)

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