गुस्साए परिजन चाहते हैं शव परीक्षण | दुनिया | DW | 24.04.2014
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दुनिया

गुस्साए परिजन चाहते हैं शव परीक्षण

दक्षिण कोरिया में हुई नौका दुर्घटना में मारे गए कुछ बच्चों के मां बाप शव परीक्षण की मांग कर रहे हैं, ताकि साबित हो सके कि नौका डूबते समय उनके बच्चे जीवित थे और राहत में देरी से उनकी जान गई.

गुरुवार के आंकड़ों के मुताबिक मारे गए लोगों की संख्या 169 पहुंच गई है और 133 अभी भी लापता हैं. गोताखोर खाली नौका में लोगों की तलाश कर रहे हैं. मृतकों के परिजनों में भारी गुस्सा है. उनका आरोप है कि राहत कार्य और लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई बहुत देर से शुरू की गई.

एक हफ्ते पहले 6,825 टन की सिवोल फेरी डूब गई थी. उस समय इस पर 476 लोग सवार थे, जिसमें से 325 हाईस्कूल में पढ़ने वाले बच्चे थे जो छुट्टियां मनाने जा रहे थे. बुरे मौसम के कारण गोताखोर दुर्घटना के बाद दो दिन तक इस विशाल नौका में जा ही नहीं पाए. इसके बाद परिजनों की आशंका धीरे धीरे कड़वी सच्चाई का रूप लेने लगी और फेरी में से लाशें निकालनी शुरू की गई.

कई परिजनों का मानना है कि इसमें फंसे अधिकतर लोग एयर पॉकेट्स में कई दिनों तक जिंदा रहे होंगे लेकिन ठंडे पानी के कारण बाद में उनकी जान चली गई होगी क्योंकि कोई बचाने नहीं आया. इसी आधार पर कई परिजन शव परीक्षण की मांग कर रहे हैं ताकि मृत्यु का कारण और समय का पता लग सके.

जिंडो द्वीप पर शवों को पहचानने के काम में लगे फोरेंसिक विशेषज्ञों ने बताया कि उनसे कई लोगों ने शव परीक्षण करने की मांग की है, "कई लोगों ने हमसे ऑटोप्सी के बारे में पूछा. ऐसा लगता है कि वे मौत के असली कारण का पता लगाना चाहते हैं. हालांकि ऐसे लोग कम ही हैं. लेकिन अभी तक मेरी जानकारी के मुताबिक कोई भी शव नेशनल फोरेंसिक सर्विस के पास नहीं लाया गया है."

परिजनों के लिए बनाई गई कमेटी के प्रवक्ता किम ह्योंग ने पुष्टि की है कि कुछ परिजन ऑटोप्सी चाहते हैं. "वे जानना चाहते हैं कि उनके परिवार के सदस्य कैसे मरे. हालांकि अधिकतर लोग इसका विरोध भी करते हैं क्योंकि वे नहीं चाहते कि शरीर और खराब हो."

जिंडो बंदरगाह पर कई पीले रिबन बांधे गए, जिन पर हाथ से लिखे हुए संदेश हैं, "हम तुम्हें याद करेंगे, अलविदा."

दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहैप के मुताबिक एक छात्र जिसका शव बरामद किया गया, उसने सबसे पहले जहाज से आपात संदेश भेजा था. 119 नंबर डायल करके उसने जिस समय संदेश भेजा था उस समय फेरी ने आपात स्थिति का संदेश नहीं दिया. बच्चे ने तीन मिनट पहले ही अलर्ट कर दिया था. नौका के कप्तान ली जून सेओक और चालक दल के छह सदस्यों सहित अन्य चार कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

एएम/एजेए (एएफपी)

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