गाजा में 72 घंटे का संघर्ष विराम | दुनिया | DW | 01.08.2014
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दुनिया

गाजा में 72 घंटे का संघर्ष विराम

इस्राएल और हमास 72 घंटे के संघर्ष विराम के लिए राजी हो गए हैं. स्थानीय समय के मुताबिक शुक्रवार सुबह आठ बजे से ये संघर्ष विराम शुरू हुआ है.

यह संघर्ष विराम अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की सघन कोशिशों के बाद कायम हो सका है. यह समझौता संयुक्त राष्ट्र के हेडक्वार्टर न्यू यॉर्क और नई दिल्ली में एक साथ घोषित किया गया. अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी नई दिल्ली में भारतीय सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं.

तुरंत बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में केरी ने कहा कि वह दोनों पार्टियों के संघर्ष विराम पर राजी होने से खुश हैं लेकिन विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है, "यह समय बधाइयां देने और खुशी मनाने का नहीं है, सिर्फ गंभीर प्रतिबद्धता का है. एक फोकस का है, जहां सभी आगे का रास्ता बनाएं. ये थोड़ी सी मुहलत है, मौके का पल है, खात्मा नहीं, हल भी नहीं. यह हल निकालने का मौका है."

केरी ने बताया कि इस्राएल, फलीस्तीन और हमास के प्रतिनिधि शुक्रवार को लंबे संघर्ष विराम पर बातचीत करने के लिए मिलेंगे.

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफान दूयारिच ने बताया कि महासचिव बान की मून की हाल में मध्यपूर्व की यात्रा और दो दिन हर स्तर पर चली कूटनीतिक बातचीत से दोनों धड़ें 72 घंटे के संघर्ष विराम के लिए राजी हुए.

हमला रुका

संघर्ष विराम के समझौते में शर्त रखी गई है कि सभी धड़े हमले बंद कर देंगे और सिर्फ रक्षात्मक कार्रवाई जारी रखेंगे. इस्राएल के लिए इसका मतलब है कि उसकी थल सेना गाजा में सुरंगों को खत्म कर सकेगी. ये सुरंगे फलीस्तीनी आतंकियों ने इस्राएल के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाई थीं.

इस संघर्ष विराम के ठीक पहले गुरुवार रात को दोनों धड़ों के बीच घमासान लड़ाई में पांच इस्राएली सौनिक मारे गए. संघर्ष के दौरान फलीस्तीन में मरने वालों की संख्या 1,450 तक पहुंच गई है. यह इस्राएल और फलीस्तीनी इलाके के बीच 1967 से जारी संघर्ष में सबसे ज्यादा है. और इस्राएल के करीब 60 लोग मारे गए हैं, इनमें से अधिकतर सैनिक हैं. संघर्ष विराम होने से एक घंटे पहले तक दोनों पक्षों के एक दूसरे पर हमले जारी थे.

एएम/एमजी(डीपीए, एएफपी, रॉयटर्स)

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