गर्भावस्था में एंटीबायोटिक्स खतरनाक | विज्ञान | DW | 20.11.2012
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विज्ञान

गर्भावस्था में एंटीबायोटिक्स खतरनाक

जिन मांओं ने गर्भावस्था के दौरान एंटीबायोटिक दवाइयां ली, उनके बच्चों में अस्थमा होने का खतरा ज्यादा होता है. डेनमार्क में किए गए शोध में यह सामने आया है. ऐसा कैसे है आइए जानें.

शोध ने यह साबित नहीं किया कि एंटीबायोटिक दवाइयों के कारण दमा का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन शोध में सामने आया कि इन दवाइयों के कारण शरीर में ऐसे फ्रेंडली बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं जो अस्थमा होने या नहीं होने में अहम भूमिका निभाते हैं. एंटीबायोटिक दवाइयों के कारण इन लाभदायी बैक्टीरिया का काम गड़बड़ हो सकता है.

कोपनहेगन यूनिवर्सिटी में शोध के मुख्य लेखक प्रोफेसर हंस बिसगार्ड ने बताया, "हमारा अंदाजा है कि जिन मांओं ने एंटीबायोटिक्स ली उनके न्यूट्रल बैक्टीरिया का संतुलन बदल गया. यही पैदा होने वाले बच्चे में भी जाता है. बचपन में ही असंतुलित बैक्टीरिया का असर प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है."

पुराने शोध में सामने आया था कि बचपन में ली हुई एंटीबायोटिक्स से अस्थमा होने का खतरा बढ़ जाता है. अन्य रिचर्सरों ने इससे इनकार किया था.

एंटीबायोटिक्स के प्रभाव क्या होते हैं यह जानने के लिए बिसगार्ड की टीम ने जीवन के और पहले के पड़ाव से प्रभाव देखने शुरु किए. उनके साथियों ने डेनमार्क के राष्ट्रीय जन्म आंकड़ों से सूचना लेनी शुरू की. इसके लिए उन्होंने 1997 से 2003 के बीच पैदा हुए बच्चों पर नजर रखनी शुरू की और इन्हें पांच साल तक देखा.

उन्हें पता चला कि इनमें से करीब 7,300 बच्चे ऐसे थे जिनकी मांओं ने गर्भावस्था में एंटीबायोटिक दवाइयां ली थी. इनमें से तीन फीसदी बच्चें यानी करीब 238 बच्चों को पांच साल की उम्र में दमा के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया.

जरनल ऑफ पीडियाट्रिक्स पत्रिका में छपे इस शोध में यह भी सामने सामने आया कि तेईस हजार में से 581 बच्चे ऐसे भी थे जिनकी मां ने कोई एंटीबायोटिक नहीं ली थी फिर भी बच्चों को अस्थमा हुआ.

कुल मिला कर बिसगार्ड की टीम ने जो आंकड़े देखे और उनका विश्लेषण किया उसमें सामने आया कि जिन बच्चों या उनकी मांओं ने एंटीबायोटिक लिए उन बच्चों में अस्थमा होने का 17 फीसदी ज्यादा खतरा है. और उन्हें इसके लिए दवाइयां दिए जाने की आशंका भी ज्यादा होती है.

टीम ने अपने शोध के लिए 411 ऐसे बच्चों की छोटी छोटी टीमें बनाई जिनमें अस्थमा का खतरा ज्यादा था क्योंकि उनकी माओं ने छठें महीने बाद एंटीबायोटिक दवाइयां ली थी.

हालांकि इस नतीजे से मतभेद रखने वाले लोगों का कहना है कि इसके लिए एंटीबायोटिक के अलावा बीमारी भी एक कारण हो सकती है.

एंटीबायोटिक और अस्थमा के बीच संबंध देखने वाली, अल्बर्टा यूनिवर्सिटी की एक अन्य प्रोफेसर अनिता कोजरिसकीज कहती हैं, "यह शोध हमें नहीं बताता कि कारण असल में एंटीबायोटिक का इस्तेमाल है या फिर संक्रमण."

वह यह भी कहती हैं कि महिलाओं को एंटीबायोटिक इस्तेमाल नहीं करने की सलाह ये शोध नहीं देता क्योंकि कई संक्रमण गर्भ के लिए काफी खतरनाक हो सकते हैं. प्रोफेसर अनिता कोजरिसकीज के मुताबिक बिसगार्ड का शोध यह बताता है कि अस्थमा का विकास जन्म से पहले हो सकता है." हम यह मानने लगे हैं कि अस्थमा और प्रतिरोधक प्रणाली में बदलाव की शुरुआत पैदाइश के बाद की बजाए शायद जन्म से पहले ही शुरू हो जाती है."

एएम/एमजी (रॉयटर्स)

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