गर्भपात न करने वाले डॉक्टर की छुट्टी | विज्ञान | DW | 11.07.2014
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विज्ञान

गर्भपात न करने वाले डॉक्टर की छुट्टी

माता पिता को जब पता चला कि गर्भ में बच्चा स्वस्थ नहीं है और गंभीर विकृतियों से ग्रसित है, तो वे गर्भपात कराने गए. धार्मिक मान्यताओं पर अड़े डॉक्टर ने गर्भपात नहीं किया, जब तक वह दूसरे अस्पताल पहुंची, बहुत देर हो चुकी थी.

पोलैंड के सरकारी अस्पताल में हुई इस घटना के बाद अस्पताल ने डॉक्टर की छुट्टी कर दी. सिटी हॉल के प्रवक्ता ने बताया कि डॉक्टर द्वारा गर्भपात के लिए इनकार करने के बाद उसे वॉरसॉ के मेयर के आदेश पर निकाला गया. प्रवक्ता ने कहा, "डॉक्टर निजी नैतिक मूल्यों के आधार पर गर्भपात करने से इनकार कर सकता है, लेकिन सरकारी अस्पताल नहीं." महिला को बाद में दूसरे सरकारी अस्पताल भेजा गया. लेकिन जब तक वह वहां पहुंची गर्भपात कराने की कानूनी अवधि यानि 24 हफ्ते से पांच दिन ज्यादा हो चुके थे.

महिला को गर्भधारणकाल पूरा करना पड़ा. 30 जून को बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन नौ दिन बाद ही बच्चे की मृत्यु हो गई. पोलैंड में बलात्कार या इंसेस्ट यानि पिता, पुत्र या भाई के साथ संबंध से गर्भधारण करने की स्थिति में 12 हफ्तों में गर्भपात कराने की इजाजत है. मां के जीवन को खतरे या फिर बच्चे में किसी तरह की विकृति होने की स्थिति में 24 हफ्ते तक गर्भपात कराया जा सकता है. इसके बाद किसी भी स्थिति में गर्भपात तभी कानूनी माना जाता है जब मां की जान दांव पर लगी हो.

वॉरसॉ में सरकारी वकील मामले की छानबीन कर रहे हैं और महिला के वकील ने अस्पताल से हर्जाने की मांग की है. डॉक्टर के नौकरी से निकाले जाने से गर्भपात का समर्थन और विरोध करने वाले समूहों के बीच विवाद छिड़ गया है. पोलैंड में गर्भपात संबंधी कानून यूरोप में सबसे सख्त माने जाते हैं. यहां कैथोलिक मान्यताओं का भारी प्रभाव देखा जाता है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पोलैंड में हर साल 600 से 700 गर्भपात कानूनी तौर पर कराए जाते हैं. 3.8 करोड़ की आबादी वाले देश में एक करोड़ महिलाएं गर्भधारण करने की उम्र में हैं. पोलैंड के महिला एवं परिवार नियोजन विभाग की प्रमुख क्रिस्टीना कात्सपुरा के अनुसार देश में हर साल करीब डेढ़ लाख गर्भपात गैर कानूनी होते हैं. वह कहती हैं कि यह एक धर्मनिर्पेक्ष राष्ट्र है जहां सरकारी कानून चलता है. दोनों पक्षों को इसका पालन करना चाहिए.

एसएफ/एमजी (एएफपी)

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