क्यों चाहिए ′व्हेल बीयर′ या ′डॉल्फिन मांस′ | विज्ञान | DW | 17.01.2014
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विज्ञान

क्यों चाहिए 'व्हेल बीयर' या 'डॉल्फिन मांस'

आइसलैंड में प्रशासन ने व्हेल के मांस वाली बीयर पर रोक लगा दी है. वहीं ताइवान में डॉल्फिन के मांस की एक बहुत बड़ी खेप जब्त हुई है. आहार के लिए इन जानवरों को मारना न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि पर्यावरण के लिए हानिकारक भी.

व्हेल और डॉल्फिन के शिकार पर रोक के बावजूद दुनिया के कई हिस्सों में इन्हें मारा जा रहा है. कहीं इनके चमड़े को फैशनेबल पर्स और बेल्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो कहीं इनके मांस को चाव से खाया जाता है. आइसलैंड में तो 'व्हेल बीयर' तक बना दी गयी. स्टेडजी नाम की एक छोटी स्थानीय ब्रूअरी और ह्वालूर व्हेलिंग कंपनी ने मिलकर इस विवादित बीयर को तैयार किया. बीयर को बनाने के लिए उन्होंने 'व्हेल मील' का इस्तेमाल किया जो व्हेल मछली के मांस और उसकी हड्डियों को तेल में गला कर तैयार किया जाता है.

नए खरीदारों की तलाश

आइसलैंड में स्थानीय स्वास्थ्य निरीक्षकों ने अपनी जांच में पाया कि व्हेल बीयर खाद्य उत्पादन के नियमों पर खरी नहीं उतरती है. पश्चिमी आइसलैंड में जन स्वास्थ्य इंस्पेक्टर हेल्गी हेल्गेसन ने बाताया, "ह्वालूर को खाने की चीजें बनाने के लिए 'व्हेल मील' का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. इससिए हमें इसे रोकना ही था."

बुधवार को इस बीयर की बिक्री पर रोक लगाने के निर्णय का पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वालों ने स्वागत किया है. व्हेल एंड डॉल्फिन कंजर्वेशन नाम के पर्यावरण संगठन के प्रवक्ता डैनी ग्रोव्स कहते हैं, "निश्चित रूप से हम बहुत खुश हैं." पर्यावरणविद ग्रोव्स मानते हैं कि इस बीयर को बनाने का मकसद व्हेल के उत्पादों के लिए एक नया बाजार तैयार करना था. "आइसलैंड और जापान में मांग में कमी आने के कारण व्हेल का शिकार करने वाले व्हेल के मांस के लिए नए नए खरीदार ढूंढने की कोशिश में लग गए हैं. बीयर बनाना इसी का एक उदाहरण है."

परंपरा के नाम पर

इस व्हेल बीयर को आइसलैंड में एक महीने तक चलने वाले मिड विंटर फेस्टिवल 'थोराब्लाट' में बेचने की तैयारी थी. इस फेस्टिवल में खाने पीने की परंपरागत चीजें बिकती हैं. ब्रूअर डागबेयार्टर आरिलियूसन ने सोचा था कि वह इस बार पीने के लिए "कुछ एथनिक" पेश करेंगे, "मैं इस बीयर के बारे में कहूंगा कि यह गहरे रंग की है, इसका स्वाद मीठा है. पीते हुए इसमें व्हेल का हल्का सा स्वाद महसूस होता है और पीने के बाद भी जबान पर एक स्वाद रह जाता है."

ब्रूअरी स्टेडजी ने 2,000 लीटर बीयर में करीब एक किलो 'व्हेल मील' का इस्तेमाल किया. ब्रूअरी का दावा था कि व्हेल बीयर साधारण बीयर के मुकाबले एक "स्वस्थ और कम वसायुक्त विकल्प" है. ब्रूअर आरिलियूसन निराश होकर कहते हैं कि व्हेल बीयर ने सब टेस्ट पास कर लिए थे, "लेकिन अब अगर यह अंतिम फैसला है तो हमें मानना ही पड़ेगा."

कई अंतरराष्ट्रीय विरोधों के बावजूद आइसलैंड में व्हेल के शिकार पर पाबंदी नहीं है. आइसलैंड 1986 में बने उस कानून से बचता आया है जो व्यवसायिक उपयोगों के लिए व्हेल के शिकार पर रोक लगाने के लिए बना था.

कानून बेअसर

ताइवान में मंगलवार को 7.65 टन डॉल्फिन के मांस की एक बहुत बड़ी खेप को जब्त किया गया. पिंगटूंग फोरेस्ट कार्यालय ने अपने अनुमान में बताया है कि इतने मांस के लिए करीब 150 डॉल्फिनों को मारा गया होगा.

वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन के मामले में फैक्ट्री मालिक को पांच साल तक की जेल की सजा और 50,000 डॉलर का जुर्माना हो सकता है. इस मामले की जांच जारी है और अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि डॉल्फिनों को कहां से पकड़ा गया और कहां बेचा जाना था.

1989 में ही ताइवान ने संरक्षण कानून बनाकर व्हेल और डॉल्फिन की सारी किस्मों को बचाने का फैसला किया था. देश में इन संरक्षित जीवों की खरीद फरोख्त गैरकानूनी है. ताइवान में जंगली जीवों को खाने की बहुत पुरानी परंपरी रही है. ताइवान के कई तटीय इलाकों में व्हेल और डॉल्फिनों को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है और शौक से खाया जाता है.

आरआर/आईबी (डीपीए,एएफपी)

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