क्या आपको चाहिए मीठी नींद दिलाने वाला रोबोट | दुनिया | DW | 27.02.2019
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दुनिया

क्या आपको चाहिए मीठी नींद दिलाने वाला रोबोट

एक डच उद्यमी ने ऐसा रोबोट बनाया है जो आपको रात की मीठी नींद दिलाने का दावा करता है. लेकिन क्या यह वाकई कारगर है?

क्या आप अच्छे से सोते हैं? अगर नहीं तो आप अकेले नहीं हैं. अध्ययनों से पता चलता है कि तीन में से एक व्यक्ति को पर्याप्त सोने का वक्त नहीं मिलता है. चौबीसों घंटे काम करने वाली संस्कृति और ज्यादा वक्त तक स्क्रीन के सामने काम करने की वजह से लोगों में स्लीपलेसनेस महामारी की तरह बढ़ रही है. शायद एक रोबोट मदद कर पाए?

डच उद्यमी और रोबोटिक्स स्नातक जूलियन जग्टेनबर्ग ने एक रोबोट बनाया है जो आपको रात की अच्छी नींद दिलाने में मदद करने का दावा करता है. छूने में नरम यह रोबोट बिल्ली जितना भारी है और एक बच्चे की तरह सांस लेता है. यह विचार जग्टेनबर्ग को तीन साल पहले आया था जब उनकी मां गंभीर अनिद्रा से पीड़ित थीं. उनके डॉक्टर केवल उनको नींद की गोलियों दे रहे थे. निराश होकर जग्टेनबर्ग ने समाधान खोजने के बारे में सोचा.

जग्टेनबर्ग ने कहा "मैंने खुद को एक ऐसा रोबोट बनाने की चुनौती दी, जो मेरी मां को बेहतर सोने में मदद करेगा." उन्होंने नींद के बारे में पढ़ना शुरु किया और पाया कि श्वास और ऑडियो की मदद से नींद अच्छी आती है. विशेष रूप से एक शोध पत्र ने उनकी रुचि को बढ़ाया, जिसमें बताया गया था, "यदि आप एक बच्चे को पकड़ते हैं, तो आप अवचेतन रूप से उसकी सांस लेने और हृदय गति को दोहराते हैं. यह एक जादुई चीज है." उन्होंने एक प्रोटोटाइप रोबोट विकसित करने के लिए इस सिद्धांत का इस्तेमाल किया, जो धीमी और गहरी सांस लेने की आवाज करता था. लेकिन जब उन्होंने इसे अपनी मां को दिखाया तो वह बहुत प्रभावित नहीं हुईं.

जग्टेनबर्ग ने कहा, "वह इससे नफरत करती थीं क्योंकि इससे शोर आता था,". जग्टेनबर्ग ने कुछ और शांत मॉडल बनाए लेकिन वे बहुत बड़े और भारी थे. एक वक्त पर मेरी मां ने बोला कि इससे मुझे मदद मिल रही है. इस पर आगे काम करने के लिए जग्टेनबर्ग ने अपने कालेज के लोगों के साथ मिलकर टीम बनाई.

वे कहते हैं, "हमको कारोबार शुरु नहीं करना था, हम बस अपने हुनर का उपयोग करना चाहते थे." मगर जैसे ही टिम ने अपना पहला शैक्षिक पेपर लिखा, लोगों में रोबोट के प्रति दिलचस्पी बढ़ी. कई लोगों ने जग्टेनबर्ग से पूछा कि कैसे वे स्लीपलेसनेस की बीमारी से लड़ सकते हैं. और तभी सोमनॉक्स कंपनी का जन्म हुआ. 2017 के अंत में कंपनी नें किकस्टार्टर अभियान से पैसे जुटाए और उत्पादन शुरु कर दिया. जग्टेनबर्ग को एक हजार ऑर्डर मिल गए हैं और वे कहते हैं, "हम अगले हफ्ते से रोबोट भेजना शुरु कर देंगे."

ये काम कैसे करता है?

नरम मुलायम रोबोट सोने की प्रक्रिया की नकल करने के लिए नकली श्वास तकनीक का उपयोग करता है. जब आप इसे अपनी छाती के पास पकड़ते हैं, तो यह कुत्ता या बिल्ली को पकड़ने जैसा महसूस होता है. इसके पीछे इरादा ये है कि जब आप इसे पकड़ते हैं, तो आप अवचेतन रूप से इसके ही श्वास पैटर्न में आते हैं. अंदर एक स्पीकर आपको नींद के लिए मूड में आने में मदद भी करता है. यह एक निर्देशित ध्यान से राजनीतिक प्रसारण तक कुछ भी हो सकता है. आप एक ऐप का उपयोग करके अपनी प्राथमिकताओं के हिसाब से चुनाव कर सकते हैं. आपकी सांस और गति के आधार पर, रोबोट को पता चलता हैं की आपको नींद आ गई है और वो खुद को बंद कर लेता है.

केट फर्ग्यूसन/एनआर

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