कोरोना की चुनौती के बीच क्या कर रहे हैं जर्मन सांसद | दुनिया | DW | 04.03.2020
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दुनिया

कोरोना की चुनौती के बीच क्या कर रहे हैं जर्मन सांसद

कभी हाथ मिलाना तो कभी गले मिलना राजनीतिज्ञों की जिंदगी का हिस्सा होता है. लेकिन कोरोना वायरस के युग में ये सेहत के लिए जोखिम बन गया है. ईरान में बहुत से सांसद कोरोना के चपेट में हैं. जर्मनी में सांसद क्या कर रहे हैं?

कोरोना वायरस ने दुनिया भर का रूटीन झटके में बदल कर रख दिया है. जर्मनी भी अपवाद नहीं है. कोरोना वायरस का इलाज तो अब तक है नहीं, इसलिए परहेज करने की कोशिश की जा रही है. बड़े बड़े आयोजनों को रद्द किया जा रहा है ताकि लोगों के एक साथ आने और संदिग्धों द्वारा दूसरों को संक्रमित करने के खतरे को टाला जा सके. कंपनियों के सीईओ अपनी रिपोर्ट टेलिफोन पर दे रहे हैं. लेकिन जर्मनी की संसद बुंडेसटाग का हिसाब अलग है. संसद में होम ऑफिस नहीं होता, व्यक्तिगत उपस्थित जरूरी होती है. जब अधिवेशन चल रहा होता है तो सारे देश से सांसद आते हैं, और ये हर हफ्ते होता है. सांसदों का रूटीन है, शुक्रवार को वीकएंड के लिए अपने चुनाव क्षेत्र में जाना और हफ्ते के दिन बर्लिन में संसद की गतिविधियों में भाग लेना, पार्टी के संसदीय दल की बैठक से लेकर संसदीय समितियों की बैठक और आम तौर पर हर गुरुवार को होने वाले संसद अधिवेशन तक.

बर्लिन में जर्मन संसद के भवन में दरवाजे पर डिसइंफेक्टेंट के बोतल रखे गए हैं ताकि इमारत में घुसने वाला हर व्यक्ति अपने हाथों को सैनिटाइज कर सके. इस हफ्ते संसद के अधिवेशन की शुरुआत में स्पीकर वोल्फगांग शौएब्ले ने बुंडेसटाग के 709 सांसदों को पत्र लिखकर साफ सफाई के कदमों पर ध्यान देने की हिदायत दी. पत्र के साथ यह जानकारी भी दी गई है कि हाथों को ठीक से कैसे साफ करें. इस समय एहतियात के तौर पर हाथों को दिन में कई बार धोने और लोगों से दूरी बनाए रखने की बात कही जा रही है. बुंडेसटाग में अब तक किसी बैठक को स्थगित करने की नौबत नहीं आई है.

अभिवादन पर हिदायत

कोरोना के जमाने में अभिवादन कैसे किया जाए, इस पर अभी तक कोई हिदायत नहीं आई है. आम तौर पर जर्मनी में राजनीतिज्ञों के बीच भी एक दूसरे से हाथ मिलाने का रिवाज है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता विदेशी राजनेताओं का गले मिलकर स्वागत करते हैं. अभिवादन के संबंध में जर्मनी में न तो संसद के स्पीकर ने हिदायत दी है और न ही संसदीय दल के नेताओं ने. ग्रीन पार्टी के संसदीय दल की नेता कातरीन गोएरिंग एकार्ट ने कहा है कि हर कोई फैसला कर सकता है कि हम या तो अभिवादन ही न करें, या मुक्के को जोड़कर करें, हाथ हिलाकर करें या कोई और तरीका अपनाएं.

लेफ्ट पार्टी की संसदीय दल की नेता अमीरा मोहम्मद अली कहती हैं, "निजी तौर पर मैं पहले की ही तरह व्यवहार कर रही हूं." लेकिन वह पहले से ही हाथ की अच्छी तरह सफाई करती रही हैं. एसपीडी सांसद सेबास्टियान हार्टमन कहते हैं कि वे ध्यान दे रहे हैं कि इन दिनों बहुत से सांसद हाथ मिलाना पसंद नहीं कर रहे हैं. सबकी कोशिश है कि घबराहट से बचें. फ्री डेमोक्रैटिक पार्टी के प्रमुख क्रिस्टियान लिंडनर कहते हैं, "वे फिलहाल खुद को खतरे में महसूस नहीं कर रहे हैं." वे आम तौर पर दी जा रही हिदायतों का पालन कर रहे हैं, जैसे हाथ धोना और सिर नीचे कर खांसना. इन पार्टियों के विपरीत, धुर दक्षिणपंथी एएफडी पार्टी में अब तक हाथ मिलाए जाने से इनकार नहीं किया जा रहा है. पार्टी के एक प्रवक्ता का कहना है कि वे असुरक्षा की भावना पैदा नहीं करना चाहते.

इसके विपरीत चांसलर अंगेला मैर्केल की सीडीयू पार्टी में स्थिति अलग है. पार्टी के संसदीय दल के नेता राल्फ ब्रिंकहाउस कहते हैं, "इन हफ्तों मे हाथ मिलाना नहीं होगा." कोरोना वायरस को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है. पार्टी के सांसदों और संसदीय दल के कर्मचारियों से कहा गया है कि संदेह होने पर वे घर पर ही रहें. संसदीय दल की बैठकों को स्थगित करने के विकल्प पर अब तक कोई बात नहीं हुई है.

संसद के नियम

सांसदों या संसदीय कर्मचारियों के संक्रमित होने की स्थिति में बुंडेसटाग प्रशासन ने संक्रामक बीमारियों के लिए जिम्मेदार रॉबर्ट कॉख इंस्टीच्यूट और महामारी संरक्षण कानून के अनुसार कदम उठाने की बात कही है. ऐसी स्थिति में बुंडेसटाग को कुछ समय के लिए बंद किया जा सकता है. संसद के एक प्रवक्ता ने कहा है कि बुंडेसटाग प्रशासन नियमित रूप से जोखिम की समीक्षा कर रहा है. बुंडेसटाग के अनुसार संसद भवन में सांसदों के 2700 कर्मचारी काम करते हैं. इसके अलावा बुंडेसटाग प्रशासन में करीब 3000 कर्मचारी हैं. इन कर्मचारियों के अलावा हर दिन करीब 6000 लोग संसद का काम देखने आते हैं.

संसद के स्पीकर ने कहा है कि संसद को दर्शकौों के लिए बंद किया जा सकता है. इसके अलावा सांसदों से कहा गया है कि कोरोना वाले इलाकों में अत्यंत जरूरी होने पर ही यात्रा करें. अपने संसदीय विशेषाधिकारों के बावजूद जर्मन सांसद भी स्वास्थ्य विभाग के महामारी संरक्षण कदमों के अंतर्गत आते हैं. इसका मतलब है कि बीमारी की हालत में जांच करवानी होगी और अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर घर के अंदर आने देना होगा. लेकिन उन्हें इसके बारे में संसद के स्पीकर को सूचना देनी होगी.

एमजे/सीके (डीपीए)

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