कैसे रखें दिमाग दुरुस्त | मंथन | DW | 20.02.2015
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मंथन

कैसे रखें दिमाग दुरुस्त

मानव शरीर का सबसे जटिल, प्रभावी और महत्वपूर्ण अंग उसका दिमाग होता है. जीवनशैली में कुछ आसान बदलाव करने के साथ ही दिमाग को लंबे वक्त तक दुरुस्त और तंदुरुस्त रखा जा सकता है. लेकिन ये उपाय हैं क्या.

सिगरेट से दूर रहें, कसरत करें, वजन घटाएं, अल्कोहल कम करें और सेहतमंद चीजें खाएं. इन उपायों को करने के बाद इंसानी मस्तिष्क तंदुरुस्त हो सकता है और इससे डेमेंशिया की संभावना एक तिहाई तक कम हो सकती है.

रिसर्च में पता चला है कि 45 से 59 साल के उम्र के मर्दों में से अगर किसी ने इन पांच उपायों में से किसी चार को भी अपना लिया, तो उनमें डेमेंशिया की संभावना 36 फीसदी तक घट सकती है. ब्रिटेन की यह रिसर्च करीब 30 साल तक चली. डेमेंशिया का प्रभाव 65 साल की उम्र से ज्यादा के तीन में से एक व्यक्ति पर होता है. यह रिसर्च लॉबी ग्रुप एज यूके ने प्रस्तावित की थी और इसे एडिनबरा यूनिवर्सिटी के इयान डियारी ने पूरा किया.

उनकी रिसर्च स्कॉटिश मेंटल सर्वे पर आधारित है. इसमें उन लोगों की दक्षता और क्षमताओं को बुनियाद बनाया गया है, जो जून 1947 में 11 साल के थे. स्कॉटलैंड छोड़ कर किसी भी देश ने इस तरह का सर्वे नहीं किया है और किसी भी मुल्क में किसी खास आयु वर्ग के इतने अहम डाटा संकलित नहीं हैं.

प्रोफेसर डियारी ने उन 70,000 लोगों में से कुछ पर प्रयोग किया, जो अब अपनी उम्र की 70वीं दहाई में पहुंच चुके हैं. रिसर्च में उनकी जीवनशैली, स्वास्थ्य, जेनेटिक्स और जैविक प्रगति की तुलना की गई. एज यूके की कैरोलीन अब्राहम ने इस रिसर्च को "जीवन में एक बार मिलने वाला मौका" बताया, जिसमें दक्षताओं और क्षमताओं की इतने गुणात्मक रूप में विवेचना की गई हो.

डियारी की रिसर्च में शारीरिक व्यायाम को सबसे अहम कड़ी बताया गया है, जिसके प्रयोग से अल्जाइमर की संभावना भी कम होती है. अब्राहम का कहना है, "हालांकि डेमेंशिया का कोई इलाज नहीं और ना ही इसे खत्म किया जा सकता है, यह प्रमाण बताता है कि सहज और प्रभावी तरीकों से इसके विकास के खतरे को रोका जा सकता है."

उनका कहना है कि इसकी मदद से हमारा मस्तिष्क स्वस्थ रहता है, जो कि हृदय और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है, "तो यह सहज ज्ञान है कि हम अपने जीवन में इसका प्रयोग करें."

एजेए/ओएसजे (डीपीए)

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