कैमरन की मांग यूरोप में बदलाव | दुनिया | DW | 26.05.2015
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दुनिया

कैमरन की मांग यूरोप में बदलाव

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने यूरोपीय संघ में बदलाव की मांग की है और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जाँ क्लोद युंकर से कहा है कि ब्रिटेन को ईयू पर नई डील चाहिए. इस हफ्ते वे दूसरे यूरोपीय नेताओं के साथ भी इस पर चर्चा करेंगे.

सोमवार को संसदीय चुनावों के बाद पहली बार डेविड कैमरन और युंकर की दक्षिणी इंगलैंड में प्रधानमंत्री के सरकारी निवास चेकर्स पर खाने पर भेंट हुई. कैमरन ने पिछले साल युंकर की उम्मीदवारी का जोरदार विरोध किया था लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर यूरोपीय नेताओं ने बहुमत से युंकर को यूरोपीय आयोग का प्रमुख चुना. ब्रिटेन में ईयू की सदस्यता पर होने वाले जनमतसंग्रह से पहले दोनों नेताओं की बातचीत यूरोपीय संघ के सुधारों और ब्रसेल्स के साथ ब्रिटेन के संबंधों को फिर से तय करने पर केंद्रित रही.

बातचीत के बाद एक ब्रिटिश प्रवक्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री ने इस पर जोर दिया कि ब्रिटेन की जनता यथास्थिति से खुश नहीं है और मानती है कि उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए यूरोपीय संघ को बदलने की जरूरत है." युंकर ने कहा कि वे ब्रिटेन के लिए उचित डील चाहते हैं और इसमें मदद करने की कोशिश करेंगे. प्रवक्ता के अनुसार दोनों नेता इस पर सहमत रहे कि इस मुद्दे पर आगे बढ़ने के लिए और बातचीत की जरूरत होगी.

इस महीने ब्रिटेन में हुए संसदीय चुनाव में डेविड कैमरन की कंजरवेटिव पार्टी ने बहुमत जीता है. कैमरन ने ईयू में ब्रिटेन की सदस्यता की शर्तों को फिर से तय करने और 2017 में सदस्यता पर जनमत संग्रह कराने का वादा किया है. इस हफ्ते वे पेरिस और बर्लिन सहित कई यूरोपीय राजधानियों का दौरा कर रहे हैं जहां वे यूरोपीय संघ में सुधारों का मुद्दा उठाएंगे. इस हफ्ते संसद के अधिवेशन के उद्घाटन के मौके पर इसके बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध होने की संभावना है. कैमरन ने कहा है कि यूरोपीय आप्रवासियों की संख्या कम करने के लिए सामाजिक सहायता में कटौती ईयू के देशों के साथ बातचीत में अहम जरूरत होगी.

इसी हफ्ते गुरुवार को संसद में जनमत संग्रह का बिल पेश किया जाएगा जिसमें भाग लेने की शर्त संसदीय चुनावों जैसी होगी. इसका मतलब यह होगा कि ब्रिटेन में रहने वाले 15 लाख यूरोपीय नागरिकों को जनमत संग्रह में मतदान का अधिकार नहीं होगा. सिर्फ आयरलैंड, माल्टा और साइप्रस के यूरोपीय नागरिक इसमें हिस्सा ले पाएंगे.

एमजे/एसएफ (डीपीए, एएफपी)

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