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Elefanten in Kenia (Afrika)
तस्वीर: Tony Karumba/AFP/Getty Images

केन्या में लोगों की भागीदारी से हाथियों की रक्षा

वीबके फॉयरजेंगर/एमजे
५ मई २०१६

तंजानिया और केन्या के अंबोसेली नेशनल पार्क के बीच हाथियों के आने जाने का एक हजारों साल पुराना रास्ता है. मोटी चमड़ी वाले ये जानवर इस रास्ते पर खाने की तलाश में सदियों से निकलते रहे हैं लेकिन अब उनकी जान को खतरा भी है.

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पशु संरक्षण में लगे कार्यकर्ता आधुनिक तकनीकों की मदद से हाथियों को बचाने की कोशिश में लगे हैं. उनपर जीपीएस ट्रांसमीटर के जरिये नजर रखी जाती है. अंतरराष्ट्रीय पशु संरक्षण कोष के इवान एमकाला बताते हैं कि 12 हाथियों के गले में 6 किलो वजन वाला ट्रांसमीटर लटका दिया गया है. इस भार को औसत 5 टन वजन वाले हाथी शायद ही महसूस करते हैं. इवान एमकाला कहते हैं, "हाथी झुंड में रहते हैं. लेकिन मर्द हाथी छोटे हों या बड़े, दलों में रहना पसंद करते हैं. छोटा हाथी किमाना हाल ही में ग्रुप में शामिल हुआ है और बड़े हाथियों से बड़ा होने के गुर सीख रहा है."

आने जाने के रास्ते पर हाथियों की निगरानी से पता चला है कि किमाना जब नेशनल पार्क से बाहर निकलता है, तो वह ठीक तंजानिया की सीमा पर रुक जाता है, वहां से आगे नहीं जाता और वापस मुड़ जाता है. जैसे कि उसे पता हो कि वहां हाथियों का शिकार संभव है. 390 वर्ग किलोमीटर वाला अंबोसेली नेशनल पार्क अपेक्षाकृत छोटा है, लेकिन वह इकोसिस्टम जहां ये पशु घूमते फिरते हैं 20 गुना बड़ा है. अंबोसेली बेसिन में करीब 1400 हाथी रहते हैं. शाम को वे खाने की खोज में पार्क से बाहर निकलते हैं और सुबह तक पार्क में पानी के स्रोत के पास वापस लौट आते हैं.

Kenia Verbrennung von Elfenbein
दांतों के लिए हाथियों का शिकारतस्वीर: Reuters/T. Mukoya

कुछ ऐसा ही मसाई जाति के पालतू पशु भी करते हैं. इवान एमकाला बताते हैं, "हाथी और दूसरे पशु एक साथ चारा खोजने निकलते हैं. दोनों ही घास खाने वाले जीव हैं." गाय और बछड़े मसाई समुदाय के लोगों की जिंदगी के केंद्र में होते हैं. इन पशुओं की तादाद पर मसाई परिवारों की संपन्नता आंकी जाती है. लेकिन दिन खराब चल रहे हैं. मसाई समुदाय में गरीबी बढ़ रही है, नई समस्याएं पैदा हो रही है. अंबोसेली में रहने वाले कुछ मसाई परिवारों ने जमीन के टुकड़े कर दिए हैं और उन्हें बेच दिया है. जहां पहले हाथियों और दूसरे पशुओं को चारा मिलता था वहां अब राजधानी नैरोबी के निवेशक मक्का उगा रहे हैं.

झाड़ियों और घास वाले इलाके लगातार खत्म हो रहे हैं. बैर्नार्ड टूलिटो खुद मसाई हैं और इस विकास पर चिंतित हैं. कहते हैं, "ये पागलपन है. जैसे ही आप अपनी जमीन बेचते हैं, आपकी वह जगह खत्म हो जाती है, जहां आप रह सकते हैं, अपने मवेशियों को रख सकते हैं. यह आपका अंत है." बैर्नार्डो टूलिटो का मानना है कि मवेशियों के जीने के अच्छे अवसर तभी होंगे जब इंसानों की हालत बेहतर होगी. और इंसानों की हालत बेहतर करने के लिए, उन्हें प्रशिक्षण देना होगा और नए रोजगार के अवसर बनाने होंगे. अंतरराष्ट्रीय पशु संरक्षण कोष ने मसाई समुदाय के 30 लोगों को पशु संरक्षण की ट्रेनिंग दी है.

Elefant im Samburu Nationalpark
तस्वीर: KAREL PRINSLOO/AP/dapd

किलीमंजारों के प्रसिद्ध पहाड़ों के नीचे अंतरराष्ट्रीय पशु संरक्षण कोष ने मसाई समुदाय के लोगों से 6500 हेक्टर जमीन किराए पर ली है. एक ओर उन्हें कमाई का नया जरिया मिला है तो दूसरी ओर इलाके के पर्यावरण की सुरक्षा हो रही है. हाथी यहां चारा पाने के लिए आते हैं या फिर उसका इस्तेमाल ट्रांजिट के तौर पर दूसरे इलाकों में जाने के लिए करते हैं. इन प्रयासों से अब यहां के हाथी अपनी जिंदगी के 60 साल आराम से गुजार पाएंगे.

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