कामयाबी पर लक्षित होगी पर्यावरण वार्ता | दुनिया | DW | 02.12.2014
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दुनिया

कामयाबी पर लक्षित होगी पर्यावरण वार्ता

पेरू की राजधानी में दुनिया भर के प्रतिनिधि विश्व जलवायु सम्मेलन में ग्लोबल वॉर्मिंग को रोकने की भावी संधि पर चर्चा कर रहे हैं. पेरू के पर्यावरण मंत्री और सम्मेलन के मेजबान मानुएल पुल्गर विडाल ने डॉयचे वेले से बातचीत की.

पेरू जैसे विकासशील देश के लिए संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन का आयोजक होने का क्या महत्व है?

हमें समझना होगा कि पेरू खास तौर पर पर्यावरण परिवर्तन से प्रभावित है. देश के लिए मछली उद्योग का भारी महत्व है क्योंकि हम सागर के एक अहम ढंडे प्रवाह हुम्बोल्ट पर स्थित हैं. दूसरी ओर यह अल नीनो प्रक्रिया से प्रभावित हो रहा है जो पर्यावरण परिवर्तन से बढ़ रहा है. इसके अलावा दुनिया के ट्रॉपिकल ग्लेशियरों का 70 फीसदी हिस्सा पेरू में है. इसलिए ग्लेशियरों का पिघलना एक बड़ी समस्या है, खासकर यहां कृषि में इस्तेमाल होने वाली प्रजातियों के लिए. इसलिए हमारे लिए ठोस कदमों वाला स्पष्ट लक्ष्य ही जरूरी नहीं बल्कि इसके अनुकूल हमारे एजेंडा को आगे बढ़ाना भी. विकासशील देशों के लिए पर्यावरण परिवर्तन के अनुकूल ढलना बहुत जरूरी है क्योंकि वह परिवर्तन से निबटने का एकमात्र विकल्प है.

राजनीतिक वार्ता के लिए देशों के बीच लंबे समय से चले रहे मतभेदों को दूर करना जरूरी है. आप कितने आश्वस्त हैं कि सहमति हो सकती है, खासकर पर्यावरण परिवर्तन से निबटने के खर्च के बारे में या ग्रीनहाउस गैसों की कमी के मामले में?

मैं बहुत आशावादी हूं. मैं समझता हूं कि इस समय विश्व दो स्तरों पर है. उठाए जाने वाले कदमों की जरूरत और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने के प्रति जागरुकता है. स्वाभाविक रूप से हम उस आधार पर काम कर रहे हैं जो वैज्ञानिक हमें बता रहे हैं, कि हमें ग्लोबल वार्मिंग में 2 डिग्री सेल्सियस की सीमा नहीं पार करनी है. लेकिन यदि हम अभी की तरह चलते रहे तो हम 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएंगे या उसे पार कर लेंगे. और इसका हमारे देश के ऊपर नाटकीय असर होगा. दुनिया को पता है कि हम कोपेनहैगेन की तरह विफल भी हो सकते हैं. लेकिन मुझे भरोसा है कि अगले वर्ष पेरिस सम्मेलन तक हमारे पास एक संधि होगी.

20वें विश्व पर्यावरण सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में आप पर अलग अलग विचारों वाले भागीदारों के बीच आम सहमति बनाने की जिम्मेदारी है. पर्यावरण संधि पर चल रही वार्ता में ऐसी निर्णायक भूमिका निभाने का आपके लिए किया महत्व है?

पेरू की तिहरी भूमिका है. हमारे पास सम्मेलन के भागीदारों की अगली अध्यक्षता है, इसलिए हमें भरोसे का माहौल बनाना होगा. हमें बहुत संभल कर चलना होगा. हमें कोशिश करनी होगी कि बहुत से देशों के बीच संवेदनशील मुद्दों से बचा जाए. हमें देशों के अलग अलग समूहों को सचमुच के निर्णायक मुद्दों पर बातचीत के लिए राजी करवाने का रचनात्मक रास्ता खोजना होगा. यह मुश्किल काम है लेकिन मैं समझता हूं कि हम अच्छा कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे.

हमारी दूसरी भूमिका मेजबान देश की है. पेरू जैसे विकासशील देश और लीमा जैसे शहर के लिए 12,000 लोगों का स्वागत करना खास चुनौती है. यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा सम्मेलन है. पूरे आयोजन और परिवहन का इंतजाम करना आसान नहीं है. हमारी तीसरी भूमिका वार्ता में भाग लेने वाले देश की है. हमारी अपनी उम्मीदें, मांगे और दावे हैं. लेकिन हम यह वार्ता दूसरे देशों के साथ सहयोग कर और आर्थिक संगठनों के अलावा आदिवासियों की भी बातों को सुनकर कामयाबी के साथ करेंगे. हम सिर्फ साथ मिलकर ही आगे बढ़ सकते हैं. सिर्फ इसी तरह हम दुनिया को हल दे सकते हैं.

आपकी हैसियत के व्यक्ति में अच्छा काम करने और आम सहमति हासिल करने के लिए क्या गुण होने चाहिए?

मेरे लिए अपने बारे में बात करना आसान नहीं है, लेकिन हमें एकदम खुला होना होगा, एकदम पारदर्शी होना होगा. हमें अच्छा माहौल बनाना होगा और आशावादी रहना होगा. मुझे लगता है कि भरोसे का माहौल बनाने के लिए ये चार बातें जरूरी हैं. यह संभव नहीं है यदि आप शुरू से ही विफलता की बात सोचें. कदम दर कदम आगे बढ़ना कामयाबी की एकमात्र राह है.

अगर आप आगे की ओर देखें तो पेरू में जलवायु सम्मेलन से आपकी क्या उम्मीदें हैं ?

एकदम अलग अलग तरह की. पहले तो यह जिस पर हमें आंका जाएगा, वार्ता में आगे बढ़ना. लेकिन चूंकि हम भागीदार देशों के सम्मेलन कॉप 20 का आयोजन कर रहे हैं, हम अपने देश में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी पैदा करना चाहते हैं, लेकिन ठोस कदमों की भी जरूरत है. मैं समझता हूं कि यह सम्मेलन पर्यावरण की बहस को ऊंचे स्तर पर लाने का अच्छा मौका है ताकि पेरू के सभी लोगों को इस बात के लिए संवेदनशील बनाया जा सके कि हम भी अपने पर्यावरण और जलवायु के लिए अधिक जिम्मेदारी लें.

मानुएल पुल्गर विडाल दिसंबर 2011 से पेरू के पर्यावरण मंत्री हैं. वे राजनीति और पर्यावरण कानूनों के वकील हैं और अंतर अमेरिकी पर्यावरण सुरक्षा संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं.

इंटरव्यू: कारलोटा लोमस

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